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लिव-इन रिलेशन को लेकर हाईकोर्ट का अहम फैसला, कहा- जीवन की स्वतंत्रता में किसी को हस्तक्षेप करने का अधिकार नहीं.

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लिव-इन रिलेशन को लेकर देश की बड़ी इलाहाबाद हाईकोर्ट ने अहम फैसला सुनाया है. हाईकोर्ट ने कहा कि, जीवन की स्वतंत्रता में किसी को हस्तक्षेप करने का अधिकार नहीं देती. किसी को भी बालिग जोड़े के शांतिपूर्ण जीवन और व्यक्तिगत स्वतंत्रता के मूल अधिकार में हस्तक्षेप करने का अधिकार नहीं है. कोर्ट ने लिव-इन-रिलेशन में रह रहे याचियों को छूट दी है. यदि उनके जीवन की स्वतंत्रता में कोई हस्तक्षेप करे तो एसपी फर्रूखाबाद से शिकायत करें. कोर्ट ने एसपी फर्रूखाबाद को नियमानुसार कार्रवाई करने का निर्देश दिया है. जहानगंज फर्रूखाबाद की कामिनी देवी व अजय कुमार की याचिका पर सुनवाई हुई.

पीड़ित का आरोप था कि उसके परिवार वाले उम्र में काफी बड़े व्यक्ति से जबरन शादी कराना चाहते हैं. याची कामिनी देवी दूसरे याची अजय कुमार से प्रेम करती है. वह उसी के साथ लिव-इन-रिलेशन में रह रही है. परिवार को उसका रिश्ता पसंद नहीं है और उसे परेशान कर रहे हैं. कोर्ट ने कहा कि अन्य देशों की तरह भारत में लिव-इन-रिलेशन स्वीकार्य नहीं है. लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने अपने फैसलों में अनुच्छेद 21के तहत जीवन और व्यक्तिगत स्वतंत्रता के मूल अधिकार को संरक्षण प्रदान किया है. जस्टिस अंजनी कुमार मिश्र और जस्टिस प्रकाश पाडिया की खंडपीठ ने आदेश दिया.

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Farmer Protest: किसान आंदोलन के समर्थन में आए देश के ट्रांसपोर्टर, 8 दिसंबर से आवश्यक वस्तुओं की सप्लाई रोकने की दी धमकी

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नई दिल्ली: देश में लागु कृषि बिलों को लेकर जारी किसान आंदोलन के समर्थन में उतरे देश के ट्रांसपोर्टरों ने आगामी 8 दिसंबर से देशव्यापी हड़ताल पर जाने का फैसला किया है. भारतीय ट्रांसपोर्ट यूनियनों ने किसान आंदोलन का समर्थन करते हुए बुधवार को उत्तर भारतीय राज्यों में और बाद में पूरे देश में आवश्यक वस्तुओं की आवाजाही को रोकने की धमकी दी है.

करीब 1 करोड़ माल वाहक ट्रक ड्राइवरों का प्रतिनिधित्व करने वाली सर्वोच्च ट्रांसपोर्ट बॉडी ऑल इंडिया मोटर ट्रांसपोर्ट कांग्रेस ने किसानों के विरोध के समर्थन में 8 दिसंबर से हड़ताल पर जाने का आह्वान किया है.

AIMTC ने बयान जारी कर कहा,  ''ट्रांसपोर्टर किसान आंदोलन को समर्थन दे रहे हैं। वे अपने वैध अधिकारों के लिए लड़ रहे हैं। भारत के सड़क परिवहन क्षेत्र की तरह, कृषि क्षेत्र वास्तव में देश की रीढ़ और जीवन रेखा है ... 70 प्रतिशत से अधिक ग्रामीण परिवार कृषि पर निर्भर हैं। संपूर्ण उत्तर भारत और पंजाब, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, जम्मू-कश्मीर से आने वाले हजारों ट्रक प्रभावित हुए हैं। हम उनका समर्थन करते हैं, क्योंकि, 65 फीसदी ट्रक कृषि से जुड़ी चीजों को लाने में लगे हुए हैं।''

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काले कृषि कानून के विरोध में आर-पार के मूड में किसान, निरंकारी मैदान जाने से कर दिया है इंकार .

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नई दिल्ली: "दिल्ली चलो" मार्च के तहत शुक्रवार को जहां विभिन्न विभिन्न राज्यों से किसानों और पुलिस के बीच जोरदार संघर्ष हुआ जिसमें पुलिस ने किसानों पर पानी की बौछारें और आंसू गैस के गोले दागे वहीं किसानों ने अवरोधकों को तोड़ डाला और पथराव किया. महानगर के बाहर हजारों की संख्या में किसानों के जमे होने के कारण तनाव बना रहा. स्पष्ट रूपरेखा नहीं होने के बावजूद पंजाब के 30 संगठनों सहित कई समूहों के किसानों का संकल्प स्पष्ट है और उनमें से कुछ का कहना है कि जब तक कानून वापस नहीं लिया जाता है तब तक वे यहां से नहीं हटेंगे और कुछ किसानों का कहना है कि वे सुनिश्चित करेंगे कि उनकी आवाज सुनी जाए.

किसान मुख्यत: पंजाब और हरियाणा के हैं लेकिन मध्यप्रदेश, उत्तरप्रदेश और राजस्थान के किसान भी यहां आए हुए हैं. सिंघू और टिकरी बॉर्डर पर हजारों की संख्या में किसान ट्रकों, ट्रैक्टरों और अन्य वाहनों में पहुंचे हैं और पानी की बौछारों तथा आंसू गैस के गोले का सामना करते हुए चार दिनों से वहां जमे हुए हैं.

कृषि कानूनों के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे किसानों के धरने का आज चौथा दिन है. किसान दिल्ली की सीमा पर 26 नवंबर से प्रदर्शन कर रहे हैं. किसान दिल्ली-हरियाणा की सीमा सिंधु बॉर्डर पर डटे हैं. कुछ किसान दिल्ली के निराकारी समागम मैदान में मौजूद हैं. शनिवार को किसानों ने तय किया है कि वे अभी सिंधु बॉर्डर पर ही प्रदर्शन करेंगे और बुराड़ी के निराकारी समागम मैदान में नहीं जाएंगे. इसके अलावा किसानों ने तय किया है कि वे रोजाना 11 बजे मीटिंग करेंगे और आगे की रणनीति तय करेंगे.

काफी संख्या में पुलिसकर्मियों के पहुंचने के बावजूद कई किसानों का कहना है कि वे बुराड़ी के संत निरंकारी मैदान में नहीं जाएंगे जहां उन्हें शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने की अनुमति दी गई है. सड़क पर एक और रात बिताने के लिए तैयार कुछ किसानों का कहना है कि वे रविवार को होने वाली महत्वपूर्ण बैठक का इंतजार करेंगे जिसमें आगे की रूपरेखा तय होगी.

भारतीय किसान यूनियन काडिया के जालंधर इकाई के अध्यक्ष बलजीत सिंह महल ने कहा, ‘‘कल सुबह 11 बजे एक और बैठक होगी. तब तक हम सिंघू पर ही रहेंगे.'' भारतीय किसान यूनियन (राजेवाला) के अध्यक्ष बलबीर सिंह राजेवाला ने ‘पीटीआई-भाषा' को फोन पर बताया, ‘‘हमने अभी तक बुराड़ी मैदान में जाने का निर्णय नहीं किया है. शाम में हम बैठक करेंगे जिसमें आगे की रूपरेखा तय की जाएगी.''

पंजाब के सबसे बड़े किसान संगठनों में एक भारतीय किसान यूनियन (एकता-उगराहां) भी बुराड़ी नहीं जाने पर सहमत हो गया. धड़े के नेताओं ने दावा किया कि एक लाख से अधिक किसान ट्रैक्टर-ट्रॉलियों, बसों और अन्य वाहनों में राष्ट्रीय राजधानी की तरफ मार्च कर रहे हैं. पंजाब से राजधानी में प्रवेश करने के मुख्य बिंदु सिंघू और टिकरी बॉर्डर पर किसानों की संख्या काफी बढ़ गई है.

उन्होंने कहा, ‘‘हम जंतर-मंतर पर जाना चाहते हैं और वहां शांतिपूर्ण प्रदर्शन करना चाहते हैं. बैठकें हो रही हैं और अगला निर्णय होने तक हम यहां बॉर्डर पर शांतिपूर्ण तरीके से प्रशर्दन करना जारी रखेंगे.'' टिकरी पर एक अन्य किसान जगतार सिंह भागीवंदर ने कहा कि समूहों को अलग-थलग करने का प्रयास किया जा रहा है. किसान लंबे समय तक जमे रहने के लिए तैयार होकर आए हैं, उनके वाहनों में राशन, बर्तन, कंबल लदे हुए हैं और उन्होंने फोन चार्ज करने के लिए चार्जर भी साथ रखा हुआ है.

किसानों के समर्थन में मायावती
यूपी की पूर्व सीएम मायावती प्रदर्शन कर रहे किसानों के समर्थन में आ गईं हैं. उन्होंने कहा है कि केन्द्र सरकार द्वारा कृषि से सम्बन्धित हाल में लागू किए गए तीन कानूनों को लेकर अपनी असहमति जताते हुए पूरे देश में किसान काफी आक्रोशित और आन्दोलित भी हैं. इसके मद्देनजर, किसानों की आम सहमति के बिना बनाए गए, इन कानूनों पर केन्द्र सरकार अगर पुनर्विचार कर ले तो बेहतर. 

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चार जवानों की शहादत का भारतीय सेना ने लिया बदला, कार्रवाई में मारे गए 7 से 8 पाकिस्तानी सैनिक, यूं उड़ाए गए बंकर-लॉन्च पैड्स

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शुक्रवार को पुंछ एरिया में पाकिस्तान की ओर से लाइन ऑफ कंट्रोल (LOC) पर संघर्ष विराम उल्लंघन करते हुए अंधाधुंद गोलीबारी की जिसमे देश के 4 सुरक्षाकर्मी सहित 8 लोगों की जान चली गई है. भारतीय सेना ने इसका मुंहतोड़ जवाब देते हुए पाकिस्तान आर्मी के 7 से 8 सैनिक मार गिराए हैं, जबकि करीब दर्जभनर पाकिस्तानी सैनिक घायल हुए हैं. भारतीय सैन्य सूत्रों ने इसकी जानकारी दी है. भारतीय सैनिकों ने पाकिस्तान के कई बैंकर और लॉन्च पैड भी तबाह कर दिए हैं, जिसमे पाकिस्तानी बंकर्स को तबाह करने का एक वीडियो भी जारी किया गया है.

जम्मू कश्मीर के उड़ी सेक्टर में विभिन्न स्थानों के अलावा, बांदीपुरा जिले के गुरेज सेक्टर और कुपवाड़ा जिले के केरन सेक्टर में भी संघर्ष विराम के उल्लंघन की सूचना मिली है. एक रक्षा प्रवक्ता ने यह भी बताया कि, सेना ने घुसपैठ की एक कोशिश को विफल कर दिया है. केरन सेक्टर में नियंत्रण रेखा के पास संघर्ष विराम का उल्लंघन कर घुसपैठ के लिए मदद की जा रही थी.

भारतीय सेना के सूत्रों के मुताबिक जवाबी कार्रवाई में भारत ने पाकिस्तान के सात जवान मार गिराए हैं. मारे गए पाकिस्तानी जवानों में 2-3 एसएसजी कमांडर भी शामिल हैं. भारतीय सेना के मुताबिक पाकिस्तान की तरफ से उकसावे की हरकत की शुरुआत की गई. पाकिस्तान ने उरी से लेकर गुरेज तक के क्षेत्रों में सीजफायर का उल्लंघन किया जिसका मुंहतोड़ जवाब भारतीय सेना दे रही है. भारतीय सेना ने पाकिस्तान के बंकर भी तबाह किए हैं.

बताया जा रहा है पाकिस्तान की तरफ से शुक्रवार को किए गए सीजफायर उल्लंघन में पहले बीएसएफ एसआई राकेश डोवाल शहीद हुए इसके बाद सेना के दो अन्य जवान भी इस गोलाबारी में मारे गए. वहीं, तीन आम नागरिकों के मारे जाने की भी खबर है. एक अन्य नागरिक की हालत गंभीर बताई जा रही है. उधर पुंछ में भी सेना के दो जवान और पांच आम नागरिक घायल हुए हैं. पाकिस्तान की तरफ से किए गए सीजफायर में पुंछ इलाके में कुल सात लोग घायल हुए हैं.

राहुल गांधी ने इस घटना को लेकर ट्वीट किया है. उन्होंने लिखा है ''पाकिस्तान जब भी सीज़फ़ायर का उल्लंघन करता है, उसका डर व कमज़ोरी और भी साफ़ हो जाते हैं. त्योहार पर भी अपने परिवारों से दूर, भारतीय सेना के जवान हमारे देश की सुरक्षा में डटे हैं और पाकिस्तान के घृणित मंसूबों को ध्वस्त कर रहे हैं. सेना के हर जवान को मेरा सलाम.''

 

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कोन होंगा बिहार का मुख्यमंत्री? नितीश का जवाब - NDA लेंगा फैसला

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पटना: हाल ही हुए बिहार विधानसभा चुनाव के नतीजों के बाद आज पहली बार मुख्यमंत्री नीतीश कुमार मीडिया से मुलाकात की. उन्होंने कहा कि जनता ने एनडीए को बहुमत दिया है और हम सरकार बनाएंगे. शपथ ग्रहण को लेकर उन्होंने कहा कि इसका अभी निर्णय नहीं लिया गया है कि शपथ ग्रहण छठ या दिवाली के बाद होगा. हम रिजल्ट की समीक्षा कर रहे हैं. सहयोगी चार पार्टियों के नेता कल बैठक करेंगे. उन्होंने कहा कि इसमें तीन से चार दिन का वक्त लग सकता है.

साथ ही नीतीश कुमार ने कहा कि एनडीए के चारों घटक (जेडीयू, बीजेपी, हम और वीआईपी) दलों की कल औपचारिक बैठक होगी. इस बैठक में सभी महत्वपूर्ण फैसले लिए जाएंगे.

बता दें कि 243 सीटों वाली बिहार विधानसभा में एनडीए को 125 सीटें मिली हैं. बीजेपी को 74 सीटें और जेडीयू को 43 सीटें मिलीं. वहीं, आरजेडी के हिस्से 75 सीटें आई हैं और वह बिहार की सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है जबकि उसकी सहयोगी कांग्रेस पार्टी को 19 सीटें और वामपंथी दलों को 16 सीटें मिली हैं. महागठबंधन को कुल110 सीटें मिली हैं.

 

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क्या 2021 में आईपीएल खेलते नहीं दिखेंगे एमएस धोनी?

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IPL2020: इंडियन क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान एमएस धोनी ने साफ कर दिया है कि वह फिलहाल IPL से संन्यास नहीं लेंगे और अगले साल भी इस लीग में चेन्नई सुपर किंग्स के लिए खेलेंगे. आइपीएल 2020 में अपना आखिरी मैच खेल रहे धोनी से किंग्स इलेवन पंजाब के खिलाफ खेले जा रहे मैच में टॉस के दौरान जब कमेंटेटर डैनी मॉरिसन ने पूछा कि क्या चेन्नई के लिए आपका ये आखिरी आईपीएल मैच है? तो धोनी ने इस सवाल के जवाब में कहा, "नहीं, बिल्कुल नहीं."

धोनी के इस जवाब से साफ हो गया है कि वह आईपीएल 2021 में भी चेन्नई सुपर किंग्स के लिए खेलते रहेंगे. धोनी से पहले चेन्नई सुपर किंग्स के सीईओ काशी विश्वनाथन ने भी इस साल अगस्त में कहा था कि धोनी 2021 और 2022 में भी चेन्नई सुपर किंग्स के लिए आईपीएल में खेलेंगे.

गौरतलब है कि धोनी ने इस साल 15 अगस्त को इंटरनेशनल क्रिकेट से संन्यास लेने की घोषणा कर दी थी और ऐसे कयास लगाए जा रहे थे कि इस बार का आईपीएल, चेन्नई सुपर किंग्स के साथ धोनी का आखिरी आईपीएल होगा. तीन बार की चैंपियन चेन्नई सुपर किंग्स पहली बार आईपीएल के प्ले ऑफ के लिए क्वालीफाई नहीं कर पाई है.

धोनी 2010, 2011 और 2018 में चेन्नई को आईपीएल खिताब दिला चुके हैं. इसके अलावा उनकी कप्तानी में टीम चार बार उपविजेता भी रही है. धोनी आईपीएल में 200 या उससे ज्यादा मैच खेलने वाले पहले खिलाड़ी हैं.

वह; इंग्लैंड के महिला क्रिकेटर केट क्रास (Kate Cross) भी काफी खुश हैं. Kate Cross ने ट्वीट कर धोनी के अगले सीजन खेलने पर अपना रिएक्शन दिया है. हम 2021 में और मजबूत होकर वापसी करेंगे, जीत या हार.. साथ ही केट क्रास ने तेलुगू भाषा में कुछ शब्द लिखकर सीएसके के फैन्स का दिल जीता है.

 

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