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टीवी डिबेट में आचार संहिता लागू करने के लिए जारी हो एडवाइजरी - कांग्रेस की मांग

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नई दिल्ली: कांग्रेस प्रवक्ता जयवीर शेरगिल ने आज गुरुवार को सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय से आग्रह किया कि समाचार चैनलों पे बहस आधारित कार्यक्रमों में 'शालीनता' बहाल करने के मकसद से आचार संहिता लागू करने के लिए परामर्श जारी किया जाए; उन्होंने सूचना एवं प्रसारण मंत्री प्रकाश जावड़ेकर को लिखे पत्र में कहा कि चैनलों की बहस में 'एक दूसरे पर कीचड़ उछालने के सिलिसले पर अंकुश लगाने और शालीनता लाने के लिए आचार संहिता का होना जरूरी है.'

पार्टी के वरिष्ठ प्रवक्ता आनंद शर्मा ने ट्वीट कर कहा कि 'न्यूज ब्रॉडकास्टर्स एसोसिएशन' (एनबीए) के दिशानिर्देशों का उल्लंघन हो रहा है और सुधार की जरूरत है, गौरतलब है कि शेरगिल ने जावड़ेकर को यह पत्र उस वक्त लिखा है जब एक दिन पहले ही कांग्रेस के राष्ट्रीय प्रवक्ता राजीव त्यागी का दिल का दौरा पड़ने से निधन हो गया.

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19 विधायकों के बिना भी साबित कर देते बहुमत - अशोक गहलोत

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जयपुर: राजस्थान में अशोक गहलोत सरकार में लंबे समय से चल रहे सियासी संकट का अंत आज हो गया. कांग्रेस को बागी तेवर दिखाने वाले सचिन पायलट के साथ मुलाकात के बाद मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा कि हम इन 19 विधायकों के बिना भी बहुमत साबित कर देते. विवाद के बाद दोनों नेताओं की आज मुलाकात हुई.

राज्य में दोनों नेताओं के बीच विवाद लंबे समय तक बना रहा और कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व की ओर से हस्तक्षेप के बाद विवाद अब खत्म हो गया है. विवाद खत्म होने के बाद दोनों नेताओं की आज मुलाकात हुई.

इस दौरान मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और सचिन पायलट की भी मुलाकात हुई. बैठक के दौरान राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने ऐलान किया कि विधानसभा में कांग्रेस खुद विश्वास प्रस्ताव पेश करेगी.

पायलट से मुलाकात के बाद मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा, हम विधानसभा में विश्वास मत खुद लाएंगे. हालांकि मुख्यमंत्री की बात में तब नाराजगी भी दिखी जब उन्होंने कहा कि जो बातें हुई सब भुला दें. हम इन 19 विधायकों के बिना भी बहुमत साबित कर देते.

BJP के अविश्वास मत लाने से पहले करेंगे फ्लोर टेस्ट : अशोक गहलोत

राजस्थान में 14 अगस्त से विधानसभा का सत्र शुरू होने वाला है. राज्य सरकार का कहना है कि इस सत्र में सिर्फ कोरोना वायरस के संकट, लॉकडाउन के बाद की स्थिति और अन्य मुद्दों पर चर्चा होगी. हालांकि बीजेपी ने कहा है कि वो विधानसभा सत्र के पहले ही दिन अविश्वास प्रस्ताव लाएगी.

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देश में बढ़ रहे कोरोना संक्रमणीतो को लेकर राहुल गांधी का मोदी पे तंज, ये PM की "संभली हुई स्थिति" है तो "बिगड़ी स्थिति" किसे कहेंगे?

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नई दिल्ली: कांग्रेस के नेता राहुल गांधी ने देश में कोरोना के बढ़ते प्रकोप को लेकर एक बार फिर पीएम नरेंद्र मोदी पर निशाना साधा है. पीएम मोदी और उनकी सरकार के खिलाफ इस समय हमलावर रुख अख्तियार किए पूर्व कांग्रेस अध्‍यक्ष ने एक ट्वीट करके देश में कोरोना के बढ़ते मामलों को रेखांकित किया है. ग्राफ में साफ देखा जा सकता है कि कोरोना के मामलों में भारत लगातार दुनिया के दो सबसे प्रभावित देशों के 'नजदीक' आ रहा है.

देश में इस समय हर रोज कोरोना के 50 से 60 हजार या इससे भी अधिक नए मामले दर्ज हो रहे हैं. राहुल ने अपने ट्वीट में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधते हुए लिखा, 'अगर ये पीएम की '‘संभली हुई स्थिति' है तो 'बिगड़ी स्थिति' किसे कहेंगे?''


गौरतलब है कि भारत में कोरोना के मामले हर रोज तेज गति से बढ़ रहे हैं. स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा गुरुवार सुबह जारी किए गए आंकड़ों के अनुसार, देश में कोरोना संक्रमितों की संख्या 23,96,637 हो गई है. पिछले 24 घंटों में (बुधवार सुबह 8 बजे से लेकर गुरुवार सुबह 8 बजे तक) कोरोना के 66,999 नए मामले सामने आए हैं.

एक दिन में सामने आने वालों मामलों की यह अभी तक की सबसे बड़ी संख्या है. कोरोना के मामलों में विश्‍व में भारत इस समय अमेरिका और ब्राजील के बाद तीसरे स्‍थान पर हैं. अमेरिका में इस समय कोरोना संक्रमण के 51, 97,000 केस हैं जबकि ब्राजील 31, 64, 785 केसों के साथ दूसरे स्‍थान पर हैं. भारत में यदि इसी गति से कोरोना के मामले आगे बढ़े तो जल्‍द ही देश, ब्राजील के करीब पहुंच सकता है.

 

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सचिन पायलट की घरवापसी; कहा : मैं हमेशा अशोक गहलोत का सम्मान करता रहा हूं, उनसे मुस्करा के मिलूंगा

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जयपुर: राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने सचिन पायलट को निकम्मा और नकारा कहा था. इस पर सचिन पायलट का कहना है कि ''मुझे तकलीफ है कि मुझे निक्कमा, नकारा कहा गया. मैं काफ़ी आहत था. एक व्यक्ति के तौर पर मुझे बहुत दुख हुआ. पर मेरी परवरिश में मुझे हमेशा बड़ों का सम्मान करना सिखाया गया और मैं सम्मान करता रहूंगा. गहलोत जी मुझसे बहुत बड़े हैं.''

जयपुर पहुंचे सचिन पायलट ने आज कहा कि पार्टी के भीतर अपनी बातों को उठाना विद्रोह नहीं, कोई मांग नहीं की. सचिन पायलट ने कहा कि मेरे बारे में जो शब्दावली का इस्तेमाल किया गया उसे सुनकर मुझे दुख भी हुआ और तक़लीफ़ भी हुई. राजनीति में शालीनता ज़रूरी है. ख़ून का घंट पीना पड़ता है. पर इसका मतलब ये नहीं कि हम इंसान नहीं हैं. पायलट ने कहा कि कल हमारी कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल और प्रियंका जी से मुलाक़ात हुई थी. चर्चा निर्णायक और सार्थक रही. पुलिस के केस, निलंबन, कोर्ट कचहरी हुई जो मुझे लगा सकारात्मक नहीं है. हमने पहले दिन जाकर बोला था कि हम अपनी बात पार्टी के सामने रखना चाहते हैं. हमने या हमारे विधायकों ने पार्टी और पार्टी आलाकमान के ख़िलाफ़ कुछ नहीं कहा.

सचिन पायलट ने कहा कि ''मैं धन्यवाद करना चाहता हूं सोनिया जी का जिन्होंने एक कमेटी बनाई है,  इंसाफ़ होगा. मेरा व्यक्तिगत किसी से कोई इश्यू नहीं है. मैं पांच साल से ज़्यादा यहां रहा. जो मेरे साथ लोग थे उनका ध्यान रखना ज़रूरी था. जिन लोगों ने लाठी खाई, पसीना बहाया उनको सत्ता में भागीदारी दिलाना मेरा कर्तव्य है.  मैंने कहा था कि सत्य परेशान हो सकता है पर पराजित नहीं हो सकता.''

उन्होंने कहा कि ''मैंने अपने लिए कोई पद नहीं मांगा. मैंने बस यही कहा कि विधायकों के ख़िलाफ़ बदले की भावना से काम नहीं होना चाहिए. हम सब कांग्रेस के निष्ठावान कार्यकर्ता हैं. पार्टी ने बहुत पद दिए. सरकार में विपक्ष में जो पद दिया, मैंने पूरा दायित्व निभाया. पार्टी के मुखिया और नेता के तौर पर सबको साथ में लेकर मिलकर चलना पड़ता है. मेरे अंदर किसी को लेकर कोई इगो नहीं है. मेरे दिल में किसी के लिए कोई ग़ुस्सा नहीं है.''

कांग्रेस के नेता और राजस्थान के पूर्व उप मुख्यमंत्री सचिन पायलट ने कहा कि ''मुझ पर राजद्रोह की धारा लगाई गई. मैंने ऐसा क्या किया था? क्या पार्टी के भीतर सवाल उठाना राजद्रोह है? फिर शायद कोर्ट के डर से मुक़दमा वापस ले लिया.''  उन्होंने कहा कि ''मैं कहीं नहीं जा रहा हूं. मैं यहीं राजस्थान की जनता के बीच हूं और रहूंगा. राहुल जी से क्या बात हुई, वह मैं आपको नहीं बताऊंगा लेकिन उन्होंने हमारी सारी शिकायतों को सुलझाने का भरोसा दिलाया है.''

सवाल- आप अशोक गहलोत से मिलेंगे तो क्या कहेंगे? पर सचिन पायलट ने जवाब दिया कि ''मैं हमेशा उनके साथ सम्मान से मिला हूं. मुस्करा के मिलूंगा. मैंने कभी उनके ख़िलाफ़ कुछ नहीं कहा. मेरी व्यक्तिगत कोई नाराज़गी नहीं है, सब काम को लेकर बात थी.''  उन्होंने कहा कि ''सारे विधायक कांग्रेस के हैं. हमने साथ चुनाव लड़ा है और पसीना बहाया है. हमेशा पार्टी के साथ रहा हूं. मैं कोर्ट कचहरी कर रहा था अपनी सदस्यता बचाने के लिए. मेरे सारे विधायकों ने रहने खाने का बिल अपने पास से दिया है. हमने वक़ील की फ़ीस अपने पास से दी है.''

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रूस ने बनाई दुनिया की पहली कोरोना वैक्सीन Sputnik V, कब और कितने दाम में मिलेगी; जानें सबकुछ

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मॉस्‍को: रूस ने दुनिया की पहली कोरोना वैक्सीन बना लेने का ऐलान मंगलवार को किया. खुद राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने इसका ऐलान करते हुए कहा कि उनके देश ने कोरोना वायरस की पहली वैक्सीन बना ली है. उन्होंने यह भी बताया कि उनकी बेटी को भी यह टीका लगाया गया है और वह अच्छा महसूस कर रही है. रूस ने इस वैक्सीन का नाम स्पुतनिक-5 (Sputnik V) रखा है कि जो उसके एक उपग्रह का भी नाम है. दावा है कि इस टीके से Covid-19 के खिलाफ स्थाय़ी इम्यूनिटी विकसित की जा सकती है.

मंगलवार को रूस के स्वास्थ्य मंत्रालय ने वैक्सीन को सफल करार दिया. इसी के साथ व्लादिमीर पुतिन ने ऐलान किया कि रूस में जल्द ही इस वैक्सीन का प्रोडक्शन शुरू किया जाएगा और बड़ी संख्या में वैक्सीन की डोज़ बनाया जाएगा. रूस के राष्‍ट्रपति ने कहा, "इस सुबह दुनिया में पहली बार, नए कोरोना वायरस के खिलाफ वैक्‍सीन रजिस्‍टर्ड हुई." उन्‍होंने उन सभी को धन्‍यवाद दिया जिन्‍होंने इस वैक्‍सीन पर काम किया है. पुतिन ने कहा कि वैक्‍सीन सारे जरूरी टेस्‍ट से गुजरी है. अब यह वैक्‍सीन बड़े पैमाने पर उत्पादन के लिए भेजी जाएगी. रूस के स्‍वास्‍थ्‍य मंत्री मिखाइल मुराशको ने बताया कि, इसी महीने से हेल्‍थ वर्कर्स को वैक्‍सीन देने की शुरुआत की जा सकती है. रूस में सबसे पहले फ्रंट लाइन हेल्थ वर्कर्स को कोरोना का टीका लगाया जाएगा. इसके बाद सीनियर सिटिजंस को वैक्‍सीन दी जाएगी.

दुनिया में सबसे पहले किसे मिलेगी ये वैक्‍सीन, जानें
रूस ने बेशक सबसे पहले कोरोना वायरस की वैक्सीन बनाने का दावा कर लिया हो लेकिन अभी भी दुनिया के कई देश इस वैक्सीन को लेने में संदेह जाहिर कर रहे हैं. दुनिया के पश्चिमी देशों सहित वर्ल्‍ड हेल्‍थ ऑर्गनाइजेशन ने चिंता जताई है कि बिना पर्याप्‍त डेटा के वैक्‍सीन सप्‍लाई करना अभी सही नहीं होगा. यूनाइटेड किंगडम ने साफ तौर पर अपने देश के नागरिकों को इस वैक्सीन की डोज देने से मना कर दिया है. विश्व स्वास्थ्य संगठन, युनाइटेड किंगडम सहित पश्चिमी देशों के ऐसे सवालों की वजह से हो सकता है कि शुरुआती दौर में वैक्‍सीन अभी दूसरे देशों को न भेजी जाए. रूस पहले इसे अपने देश में उपयोग में लाएगा और फिर अन्य देश इसका असर देखने के बाद इस पर कोई फैसला लेंगे.

जानिए क्या होगा कोरोना वैक्सीन का दाम
रूस ने कोरोना महामारी पर शिकंजा कसने के लिए हथियार ईजाद कर दिया है यह पूरी दुनिया के लिए सबसे बड़ी उपलब्धि साबित हो सकती है. इस वैक्सीन की कीमत के बारे में सबको उत्सुकता है कि इस वैक्सीन का दाम क्या होगा. रूस की एजेंसी TASS के मुताबिक, रूस में यह वैक्‍सीन 'फ्री ऑफ कॉस्‍ट' उपलब्‍ध होगी, यानि कि रूस अपने देश के नागरिकों को यह वैक्सीन बिना पैसों के ही उपलब्ध करवाएगा. रूस ने बताया कि इस वैक्सीन पर आने वाली लागत को देश के बजट से पूरा किया जाएगा. रूस बाहरी देशों को ये वैक्सीन कितने दामों पर बेचेगा इस बात का खुलासा अभी रूस ने नहीं किया है.

जानिए कब तक मिलेगी वैक्सीन?
रूस ने कोरोना वैक्सीन के सफल परीक्षण का दावा कर लिया है लेकिन अभी इस वैक्सीन की कुछ सीमित डोज ही तैयार की गई हैं. आपको बता दें कि इस वैक्सीन को रेगुलेटरी अप्रूवल भी मिल चुका है. अब इस वैक्सीन का इंडस्ट्रियल प्रोडक्शन अगले महीने यानि कि सितंबर से शुरू हो सकता है. रूस ने कहा है कि वो अक्टूबर के महीने से देशभर में कोरोना वायरस के टीकाकरण की शुरुआत कर सकता है.

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राहुल गांधी का मोदी सरकार पर हमला, कहा:- "जब-जब देश भावुक हुआ, फाइलें गायब हुईं"

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नई दिल्ली: कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने पूर्वी लद्दाख में ‘चीनी घुसपैठ' के उल्लेख वाली एक रिपोर्ट रक्षा मंत्रालय की वेबसाइट से हटाए जाने को लेकर शनिवार को आरोप लगाया कि यह कोई संयोग नहीं, बल्कि सरकार का लोकतंत्र विरोधी प्रयोग है. उन्होंने ट्वीट किया, ‘‘जब जब देश भावुक हुआ, फ़ाइलें ग़ायब हुईं. माल्या हो या राफ़ेल, नीरव मोदी या चौकसी... गुमशुदा लिस्ट में ताजा हैं चीनी अतिक्रमण वाले दस्तावेज़.''

कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया, ‘‘ये संयोग नहीं, मोदी सरकार का लोकतंत्र-विरोधी प्रयोग है.'' गौरतलब है कि रक्षा मंत्रालय ने अपनी वेबसाइट पर अपलोड उस दस्तावेज को बृहस्पतिवार को हटा लिया जिस पर आधारित एक खबर अखबार में प्रकाशित हुई.

इससे पहले राहुल गांधी ने कहा था कि भूल जाएं कि हम चीन के सामने खड़े हो सकते हैं. प्रधानमंत्री मोदी में इतनी हिम्मत नहीं है कि वो चीन का नाम तक ले पाएं. चीन के अतिक्रमण की बात कबूलने वाले दस्तावेज को रक्षा मंत्रालय की वेबसाइट से हटाया गया.

खबर के मुताबिक, जून महीने की इस रिपोर्ट में कहा गया है कि चीनी सैनिकों की एकतरफा आक्रामकता से पैदा हुए हालात संवेदनशील बने हुए हैं तथा यह गतिरोध लंबा चल सकता है.

माल्या से जुड़े दस्तावेज गायब

दूसरी तरफ हाल ही में सुप्रीम कोर्ट में वकील ने कहा था कि भगौड़े कारोबारी विजय माल्या की फाइल से जुड़े कुछ दस्तावेज उपलब्ध नहीं है. विजय माल्या के केस से जुड़े अहम दस्तावेज फाइल से गायब होने के कारण सुप्रीम कोर्ट को सुनवाई टालनी पड़ी थी. अब मामले में सुनवाई 20 अगस्त को होगी.

 

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