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भारतीय रेलवे ने 30 जून तक के सभी टिकटों को रद्द कर दिया है, अब ट्रेन टिकट बुक करते समय IRCTC पर पूछी जाएगी यह जानकारी

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देश में कोरोना वायरस महासंकट के बीच फिर एक बार भारतीय रेल सेवा शुरू हो गई है. लेकिन अभी श्रमिक और कुछ स्पेशल ट्रेनें ही चलाई जा रही हैं. इस बीच भारतीय रेलवे ने 30 जून तक के सभी टिकटों को रद्द कर दिया है, साथ ही इन टिकटों का पैसा रिफंड कर दिया गया है. हालांकि, इसका श्रमिक और स्पेशल ट्रेनों पर असर नहीं पड़ेगा और वो जारी रहेंगी.

देश में लागू लॉकडाउन की वजह से करीब दो महीनों से ट्रेन सेवा पूरी तरह से ठप हैं, ऐसे में जिन लोगों ने पहले ही टिकट बुक करवा दिए थे उनके टिकटों को रद्द किया गया है. भारतीय रेलवे ने 30 जून तक की बुकिंग रद्द कर सभी टिकटों का रिफंड ग्राहकों को दे दिया है.

बता दें कि 12 मई से भारतीय रेलवे ने पंद्रह स्पेशल ट्रेन चलाने का फैसला किया है, जो कि राजधानी दिल्ली से देश के अन्य पंद्रह शहरों को जोड़ेंगी. ये ट्रेनें जोड़ी के हिसाब से चलेगी, यानी दिल्ली से जाकर वापसी की व्यवस्था भी होगी. पिछले तीन दिनों में इन ट्रेनों में हजारों लोग सफर कर चुके हैं.

स्पेशल ट्रेन के तौर पर जो गाड़ियां चलाई जा रही हैं वो सभी राजधानी हैं और उसमें सिर्फ एसी कोच ही हैं, साथ ही यहां सोशल डिस्टेंसिंग का पालन किया जा रहा है और मास्क पहनना अनिवार्य कर दिया गया है. इसके अलावा कुछ अन्य गाइडलाइन्स को जारी किया गया है, जिनका पालन करना यात्री और स्टेशन कर्मचारियों के लिए जरूरी है.

वहीं दूसरी ओर प्रवासी मजदूरों के लिए विशेष तौर पर श्रमिक स्पेशल ट्रेनें चलाई जा रही हैं, जो कि रोजाना करीब सौ ट्रेनें चल रही हैं. इन ट्रेनों में अबतक पांच लाख से अधिक मजदूरों को वापस पहुंचाया जा चुका है और लगातार ये सर्विस जारी है.

रेलवे की ओर से जो बयान जारी किया गया है, उसके मुताबिक अगले सात दिनों के लिए करीब 2.34 लाख लोगों ने स्पेशल ट्रेन का टिकट बुक किया है. रेलवे को इनसे कुल 45.30 करोड़ रुपये की कमाई हुई है.

अब ट्रेन टिकट बुक करते समय IRCTC पर पूछी जाएगी यह जानकारी

लॉकडाउन के बीच अगर आप विशेष ट्रेन से घर जाना चाहते हैं तो आपको टिकट बुक कराते हुए एक और जानकारी देनी होगी. अब सभी रेलवे यात्रियों को अपने गंतव्य का पूरा पता देना होगा. यानी टिकट बुक करते समय आपको बताना होगा आप किस पते पर जा रहे हैं.  यह इसलिए किया गया है ताकि अगर जरूरत पड़े तो आसानी से कॉन्टेक्ट ट्रेसिंग हो सके. यह 13 मई से शुरू किया गया है.

देश में अगर कोरोनावायरस की स्थिति की बात करें तो गुरुवार को Covid-19 संक्रमितों का कुल आंकड़ा बढ़कर 78,003 पर पहुंच गया है. स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से जारी आंकड़ों के मुताबिक, देश में कोरोनावायरस से अब तक 2549 लोगों की मौत हो चुकी है जबकि संक्रमितों की संख्या 78,003 हो गई है. वहीं, पिछले 24 घंटों में कोरोना के 3,722 नए मरीज़ मिले हैं और 134 लोग अपनी जान गंवा चुके हैं. हालांकि, राहत की बात यह है कि कोरोना को अब तक 26,235 मरीज़ मात दे चुके हैं. रिकवरी रेट सुधर कर 33.63 प्रतिशत हो गया है. कोरोना संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश में लॉकडाउन बढ़ाने की घोषणा की है.

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कोरोना वायरस लैब में तैयार हुआ है, यह प्राकृतिक वायरस नहीं - केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी

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भारत: चीन के वुहान शहर से फैले इस कोरोना वायरस का पूरी दुनिया में खतरनाक प्रकोप देखने को मिल रहा है, इस महामारी से लाखो लोग शिकार भी हुए है. विश्व की पूरी अर्थव्यवस्था ठप्प पड़ी है. ऐसेमे अमेरिका लगातार कहता रहा है कि, कोरोना वायरस प्राकृतिक नहीं है, बल्कि यह वुहान शहर के लैब से निकला है.

अब मोदी सरकार के मंत्री नितिन गडकरी ने भी मान लिया है कि यह वायरस लैब से ही फैला है. केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने कहा है कि "कोरोना वायरस नैसर्गिक (प्राकृतिक) नहीं है बल्कि लैब में तैयार हुआ है, हमें कोरोना के साथ जीवन जीने की कला को समझना होगा" एक चैनल से बातचीत के दौरान उन्होंने यह बात कही.

केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने कहा, "जहां तक मुझे पता है अगर यह वायरस नैसर्गिक होता तो वैज्ञानिकों को इसके बारे में पता होता, ये लैब में तैयार हुआ वायरस है." मालूम हो कि अमेरिका भी इस वायरस को लैब में तैयार होने की बात कह रहा है, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने चीन पर इस वायरस को तैयार करने का आरोप लगाया है.

एक समाचार चैनल से बातचीत के दौरान नितिन गडकरी ने कहा, "हमें कोरोना के साथ जीवन जीने की कला को समझना होगा, यह प्राकृतिक वायरस नहीं है. यह आर्टिफिशियल वायरस है और अब पूरी दुनियाभर के देश इसकी वैक्सीन की खोज में लगे हुए हैं. अब तक वैक्सीन उपलब्ध नहीं हो पाया है, मगर उम्मीद है कि जल्द से जल्द इसकी वैक्सीन आ जाएगी और उसके बाद इस समस्या का समस्या का समाधान भी हो जाएगा."

नितिन गडकरी की यह प्रतिक्रिया इसलिए भी अहम है क्योंकि अमेरिका शुरू से चीन पर कोरोना फैलाने का आरोप लगातार रहा है, अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का मंत्रिमंडल कोरोना वायरस से जन्मी महामारी की उत्पत्ति की जांच कराना चाहता है. ट्रंप प्रशासन का कहना है कि इसकी संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता कि चीन के वुहान में चमगादड़ों पर हो रहे अनुसंधान से विषाणु की उत्पत्ति हुई.

बीजिंग ने कहा था कि वुहान में जानवरों के बाजार में मनुष्य इस विषाणु से संक्रमित हुआ होगा, लेकिन वाशिंगटन पोस्ट और फॉक्स न्यूज ने गुमनाम स्रोतों के हवाले से बताया कि कोरोना वायरस एक संवेदनशील जैव अनुसंधान केंद्र से दुर्घटनावश बाहर आया होगा.

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हो सकता है कि वायरस कभी ना जाए - WHO की बड़ी चेतावनी

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कोरोना वायरस से आज पूरी दुनिया त्रस्त है, देश की सरकार ने इसे फैलने से रोकने के लिए लॉकडाउन किया हुआ है. वैज्ञानिक इसका ईलाज ढूंढने के लिए दिन-रात मेहनत कर रहे हैं. इस बीच विश्व स्वास्थ्य संगठन के कार्यकारी निदेशक ने संभावना जताई है कि कोरोना वायरस शायद कभी खत्म न हो, जैसे एचआईवी खत्म नहीं हुआ.

विश्व स्वास्थ्य संगठन के कार्यकारी निदेशक डॉ. माइकल जे रियान ने बुधवार को कहा कि एचआईवी संक्रमण की तरह कोरोना वायरस दुनिया में हमेशा रहने वाला वायरस हो सकता है. यह वायरस कभी नहीं जाएगा. एक स्वास्थ्य आपातकाल के कार्यक्रम के दौरान उन्होंने मीडिया से कहा, "यह वायरस हमारे समुदायों में सिर्फ एक अन्य स्थिर वायरस बन सकता है और हो सकता है कि यह वायरस कभी खत्म ही न हो. एचआईवी भी अभी खत्म नहीं हुआ है."


डॉ. रियान ने कहा कि वह इन दोनों बीमारियों को तुलना नहीं कर रहे हैं लेकिन उन्हें लगता है कि हमें व्यावहारिक होना चाहिए. उन्होंने कहा, "मुझे नहीं लगता कि कोई भी ये बता सकता है कि ये बीमारी कब खत्म होगी. कोरना वायरस को रोकने के लिए लगे प्रतिबंध को हटाना अभी ठीक नहीं है, क्योंकि मामले अब भी अधिक आ रहे हैं. अगर प्रतिबंध हटा तो वायरस बड़े पैमाने पर फैलेगा, इसलिए आगे भी लॉकडाउन बढ़ाने की संभावना है."

प्रतिबंध हटाना, वायरस का फैलना:
विश्व स्वास्थ्य संगठन(WHO) के अधिकारी ने कहा, "अगर आप रोजाना कोरोना संक्रमितों की संख्या को न्यूनतम स्तर तक पहुंचा सकते हैं और वायरस को अपने समुदाय से बाहर कर सकते हैं, तब आपको लॉकडाउन खोलना चाहिए. इससे वायरस का फैलने का खतरा कम होगा. अगर आप ऐसी परिस्थितियों में लॉकडाउन या प्रतिबंध हटाते हैं तो वायरस तेजी से फैल सकता है."

कोरोना की वैक्सीन पर WHO का जवाब:
कोविड-19 की वैक्सीन को लेकर उन्होंने कहा, "हमारा लक्ष्य इस वायरस को खत्म करना है, लेकिन इसके लिए वैक्सीन को बनाना होगा, जोकी  बहुत ही प्रभावशाली होगी. इसे हम सबको साथ मिलकर बनाना है और इसका इस्तेमाल सबको करना है."

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20 लाख करोड़ आर्थिक पैकेज पर बोले चिदंबरम - सरकार ने सिर्फ हेडलाइन पकड़ी, पूरा पन्ना खाली

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नई दिल्ली: देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कोरोना संकट से बाहर निकलने के लिए 20 लाख करोड़ रुपये वित्त पैकेज के ऐलान के बाद बुधवार को केंद्रीय वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण ने सेक्टर आधारित पैकेज का ऐलान किया. हालांकि पूर्व वित्त मंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पी चिदंबरम ने इस पैकेज पर निराशा जताते हुए कहा कि सरकार ने सिर्फ हेडलाइन पकड़ी जबकि पूरा पेज खाली था.

पूर्व वित्त मंत्री पी चिदंबरम ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कल शाम खस्ताहाल अर्थव्यवस्था को फिर से पटरी पर लाने के लिए आर्थिक राहत पैकेज का ऐलान किया था और कहा कि यह पैकेज 20 लाख करोड़ रुपये का होगा. लेकिन जैसी की उम्मीद थी कि सरकार ने हेडलाइन पकड़ लिया जबकि पूरा पेज खाली था.

पूर्व वित्त मंत्री कहा की, "मैं पहले बता दूं कि लाखों गरीब, भूखे और तबाह प्रवासी श्रमिकों के लिए वित्त मंत्री ने आज जो कुछ कहा उसमें कुछ भी नहीं था. जो चल चुके हैं और हजारों लोग अभी भी वापस अपने गृह राज्य पहुंचने के लिए पैदल चल रहे हैं. यह उन लोगों के लिए एक क्रूर झटका है, जो हर दिन संघर्ष करते हैं."

पी चिदंबरम ने सरकार के ऐलान पर निराशा जाहिर करते हुए कहा कि ऐसी आबादी (13 करोड़ परिवारों) जो बेहद निचले स्तर पर रहती है उनके लिए नकद हस्तांतरण के माध्यम से भी कुछ भी नहीं है, जिन्हें बर्बाद होने के लिए धकेल दिया गया है. प्रो थॉमस पिकेट्टी ने गरीबों के लिए नकद हस्तांतरण की बात कही थी.

 

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20 लाख करोड़ रुपये के पैकेज में किसे क्‍या मिला? जानें - वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण के बड़े ऐलान

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नई दिल्ली: बीते मंगलवार को देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कोरोना संकट के बीच अर्थव्यवस्था को रफ्तार में लाने के लिए 20 लाख करोड़ रुपये के पैकेज का ऐलान किया था. इसी पैकेज को संक्षिप्त में वित्‍त मंत्री निर्मला सीतारमण ने आज विस्‍तार से जानकारी दी.

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि MSME के लिए छह कदम उठाए गए हैं. पहले कदम के तहत सूक्ष्म, लघु एवं मझोली उद्यमों समेत कारोबारी इकाइयों को तीन लाख करोड़ रुपये का लोन बिना किसी गारंटी के मिलेगा. इससे 45 लाख इकाइयों को लाभ मिलेगी. इसकी समय सीमा 4 साल होगी. एक साल तक मूल धन नहीं चुकाना होगा. यह योजना 31 अक्टूबर 2020 तक लागू रहेगी. वहीं, दूसरे कदम के तहत, नकदी संकट का सामना कर रही MSME के लिए 20,000 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है.

वित्त वर्ष 2019-20 के लिए आयकर रिटर्न भरने की अंतिम तिथि को बढ़ाकर 30 नवंबर 2020 कर दिया गया है. इसी तरह विवाद से विश्‍वास स्‍कीम की डेडलाइन को 31 दिसंबर 2020 तक कर दी गई है. पहले ये 30 जून तक के लिए था.

टैक्‍सपेयर्स को 31 मार्च 2021 तक टीडीएस कटौती में 25 फीसदी की राहत मिली है. बता दें कि सरकार टीडीएस (TDS) के जरिये टैक्स जुटाती है. टीडीएस विभिन्न तरह के आय के स्रोत पर काटा जाता है. इसमें सैलरी, किसी निवेश पर मिले ब्याज या कमीशन आदि शामिल हैं.

रियल एस्टेट के मामले में एडवाइजरी जारी होगा कि सभी प्रोजेक्ट्स को मार्च से आगे 6 महीने तक मोहलत दी जाए.

डिस्कॉम यानी बिजली वितरण कंपनियों की मदद के लिए इमरजेंसी लिक्विडिटी 90,000 करोड़ रुपये दी जाएगी.

नॉन बैंकिंग फाइनेंस कंपनी, माइक्रो फाइनेंस कंपनियों के लिए 30,000 करोड़ की विशेष लिक्विडिटी स्कीम लाई जा रही है. इससे नकदी का संकट नहीं रह जाएगा.

एनबीएफसी को 45,000 करोड़ की पहले से चल रही योजना का विस्तार होगा. वहीं आं​शिक ऋण गारंटी योजना का विस्तार होगा, इसमें डबल ए या इससे भी कम रेटिंग वाले एनबीएफसी को भी कर्ज मिलेगा.

एमएसएमई सेक्‍टर की परिभाषा बदल दी गई

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बताया कि एमएसएमई यानी सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योग की परिभाषा बदल दी गई है. इसमें निवेश की लिमिट में बदलाव किया गया है. 1 करोड़ निवेश या 10 करोड़ टर्नओवर पर सूक्ष्म उद्योग का दर्जा दिया जाएगा.

इसी तरह 10 करोड़ निवेश या 50 करोड़ टर्नओवर पर लघु उद्योग का दर्जा दिया जाएगा. वहीं 20 करोड़ निवेश या 100 करोड़ टर्नओवर पर मध्यम उद्योग का दर्जा होगा.निर्मला सीतारमण ने बताया कि मौजूदा दौर में ट्रेड फेयर संभव नहीं है.

 

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पंडित जवाहर लाल नेहरू और राजीव गांधी के खिलाफ ट्वीट के लिए संबित पात्रा पर महाराष्ट्र में केस दर्ज

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महाराष्ट्र: कांग्रेस पार्टी और उसके दिवंगत नेताओं पर आपत्तिजनक ट्वीट करने के मामले में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के राष्ट्रीय प्रवक्ता संबित पात्रा के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। महाराष्ट्र पुलिस ने मंगलवार को यह जानकारी दी। भारतीय युवा कांग्रेस के महासचिव बृजकिशोर दत्त ने संबित पात्रा के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई है, जिसके बाद यह मामला दर्ज किया गया।

संबित पात्रा ने ट्वीट कर कहा कि यदि कांग्रेस के शासनकाल में कोविड-19 की समस्या उत्पन्न हुई होती तो बड़े पैमाने पर धन का गबन और दुरुपयोग होता। भाजपा प्रवक्ता ने अपने विवादास्पद ट्वीट में कहा, 'यदि यह महामारी कांग्रेस के शासनकाल में आई होती तो पांच हजार करोड़ रुपये मास्क पर, सात हजार करोड़ रुपये कोरोना जांच किट पर, 20 हजार करोड़ रुपये सैनिटाइजर पर और 26 हजार करोड़ रुपये राजीव गांधी वायरस अनुसंधान पर खर्च किए जाते।'

युवा कांग्रेस महासचिव ने अपनी शिकायत में कहा कि इसके अलावा संबित पात्रा ने पंडित जवाहर लाल नेहरू और राजीव गांधी की तस्वीरों का उपयोग कर पार्टी के दिग्गज नेताओं की मानहानि की है। पुलिस की प्रवक्ता सुखदा नारकर ने बताया कि संबित पात्रा के खिलाफ भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा 500 के तहत कल्याण पुलिस स्टेशन में मामला दर्ज किया गया है।

 

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