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बाबासाहब आंबेडकर के "राजगृह" पे तोड़फोड़, लोगो में काफी आक्रोश - उठी कार्यवाई की मांग

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मुंबई: भारत संविधान निर्माता तथा भारतरत्न डॉ. भीमराव रामजी अंबेडकर के महाराष्ट्र मुंबई दादर स्थित आवास ‘राजगृह’ पर तोड़फोड़ की घटना सामने आई है। बदमाशों ने गार्डन और बरामदे में तोड़फोड़ करके काफी उथल-पुथल मचाई है। पूरी वारदात CCTV कॅमेरे में कैद हुई है।

संविधान निर्माता बाबा साहब भीमराव अंबेडकर के मुंबई स्थित इस आवास ‘राजगृह’ में अब उनके वंशज प्रकाश अंबेडकर और आनंदराज अंबेडकर रहते हैं।

घटना के बाद ए एन आई को बयान देते हुए प्रकाश आंबेडकर कहते हैं-‘ये सच है कि दो लोग राजगृह आए थे और उन्होंने अन्य सामान के साथ सीसीटीवी तोड़ने का भी प्रयास किया. पुलिस ने इसपर तुरंत संज्ञान लिया.'

सभी पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे और घटना की जांच भी कर रहे हैं. उन्होंने अपना काम अच्छे से किया है. तबतक मैं सभी लोगों से शांति बनाए रखने की अपील करता हूं और कृप्या लोग राजगृह के निकट एकत्रित न हों.’

तोड़फोड़ की घटना की खबर मिलते ही राजनीतिक महकमे में भी हलचल मच गई है। घटना पर संज्ञान लेते हुए महाराष्ट्र के गृह मंत्री अनिल देशमुख ने कहा- मामले की जांच करने की जिम्मेदारी पुलिस को दे दी गई है, दोषियों को तुरंत गिरफ्तार किया जाएगा।

 

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Vikas Dubey Encounter: मारा गया 8 पुलिस वालों का 'कातिल' विकास दुबे, जानिए एनकाउंटर की पूरी कहानी

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कानपूर: कानपुर के चौबेपुर क्षेत्र में 8 पुलिसकर्मियों की हत्या के मुख्य आरोपी विकास दुबे को आज (शुक्रवार) सुबह पुलिस के एनकाउंटर में मार गिराया. आपको बता दें कि, विकास दुबे को कानपुर ला रही STF के काफिले की एक गाड़ी आज सुबह हादसे का शिकार हो गई थी. पुलिस के अनुसार हादसे के बाद पुलिस की बंदूक छीनकर विकास भागने कोशिश कर रहा था. इसी दौरान पुलिस ने कुख्यात अपराधी को मार गिराया.

भागने की कोशिश में विकास दुबे को पुलिस ने ढेर कर दिया है. बताया जा रहा है कि जो गाड़ी पलटी थी, विकास दुबे उसी में सवार था. एसटीएफ का कहना है कि विकास दुबे ने हथियार छीना और 2-3 किलोमीटर भागा. इसके बाद एनकाउंटर में उसे मार गिराया गया. विकास दुबे को गुरुवार सुबह उज्जैन के महाकाल मंदिर से गिरफ्तार किया गया था. उत्तर प्रदेश पुलिस की STF उसे मध्य प्रदेश से उत्तर ला रही थी.

कैसे हुआ हादसा?
जानकारी के अनुसार विकास दुबे को लेकर रवाना हुई गाड़ियों में सबसे आगे चल रही गाड़ी ने गुना के टोल प्लाजा के स्टॉपर पर तेजी से टक्कर मार दी. टक्कर लगने के बाद पीछे काफिले में चल रही अन्य गाड़ियों ने तेजी से ब्रेक लगाए और सभी गाड़ियां असंतुलित होने लगी. विकास दुबे दूसरे नंबर की गाड़ी में दो लोगों के साथ बीच की सीट पर बैठा हुआ था. गाड़ी के पलटने के साथ ही विकास ने भागने की कोशिश शुरू कर दी. उसने एक पुलिसकर्मी की पिस्तौल निकाल ली और वहां से भागने की कोशिश करने लगा. इसी दौरान पुलिस ने उसे मार गिराया.

 

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उत्तर प्रदेश में कोरोना के बढ़ते मामले को देखते हुए शुक्रवार रात से सोमवार सुबह तक लागू होगा लॉकडाउन

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लखनऊ: उत्तर प्रदेश में लगातार बढ़ते कोरोना मामले को देखते हुए फिर से लॉकडाउन लगाया जा रहा है. प्रदेश में कल शुक्रवार रात 10 बजे से 13 जुलाई की सुबह 5 बजे तक लॉकडाउन का आदेश जारी किया गया है. हालांकि इस दौरान अस्पताल और अन्य जरूरी सामान की दुकानें खुलेंगी. हालांकि इस दौरान जरूरी सेवा में किसी तरह की बाधा नहीं आएगी. कोरोना वायरस के बढ़ते मामलों को देखते हुए लॉकडाउन का फैसला लिया गया है.

प्रदेश में बढ़ते कोरोना केस पर नियंत्रण की कोशिश के तहत मुख्य सचिव राजेंद्र तिवारी ने लॉकडाउन के आदेश जारी किया. इस दौरान सभी शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों के बाजार, हाट, गल्ला मंडी और कार्यालय बंद रहेंगे. हालांकि इस दौरान आवश्यक सेवाओं पर कोई रोक नहीं होगी.

उधर, केंद्रीय स्‍वास्‍थ्‍य मंत्रालय ने गुरुवार को कहा है कि भारत में प्रति 10 लाख की आबादी पर कोविड-19 के मामले और उससे होने वाली मौतें दुनिया में सबसे कम है. विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के आंकड़ों की ओर इशारा करते हुए सरकार ने कहा कि अगर प्रति मिलियन (10 लाख) संक्रमण की दर की गणना की जाए तो भारत में अभी भी कोरोना मामलों की संख्या बेहद कम है. कोरोना के केसों के मामले में अमेरिका और ब्राजील के बाद तीसरे स्‍थान पर भारत का स्‍थान आता है.स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा है कि देश में संक्रमण मुक्त हुए लोगों की संख्या इलाज करा रहे लोगों के मुकाबले 1.75 गुना ज्यादा है.

यूपी में 10,373 एक्टिव केस

उत्तर प्रदेश में कोरोना संक्रमण का केस लगातार बढ़ता जा रहा है. बीते 24 घंटे में गुरुवार को रिकॉर्ड 1,248 नए मामले सामने आए. राज्य में अभी एक्टिव केस की कुल संख्या 10,373 हो गई है जबकि ठीक होकर डिस्चार्ज होने वाले लोगों की संख्या 21,127 है.

उत्तर प्रदेश के प्रमुख सचिव स्वास्थ्य अमित मोहन प्रसाद ने बताया कि राज्य में अब तक कोरोना से 862 लोगों की मौत हो चुकी है. उन्होंने कहा कि अब तक उत्तर प्रदेश में 10,36,106 सैंपल्स की जांच की जा चुकी है.

 

UP लॉकडाउन Guidelines:

1. लॉकडाउन के दौरान पूरे राज्य में समस्त कार्यालय एवं समस्त शहरी व ग्रामीण हाट, बाजार, गल्ला, मंडी और व्यवसायिक प्रतिष्ठान बंद रहेंगे.

2. स्वास्थ्य और चिकित्सकीय सेवाओं की आपूर्ति पहले की तरह ही खुले रहेंगे. कोरोना वॉरियर, स्वास्थ्य, स्वच्छता कर्मी, डोर स्टेप डिलेवरी से जुड़े लोगों के आने जाने पर कोई प्रतिबंध नहीं रहेगा.

3. रेलवे का आवागमन जारी रहेगा. ट्रेन से आने वाले यात्रियों के आवागमन हेतु बसों की व्यवस्था सड़क परिवहन विभाग द्वारा की जाएगी.

4. मालवाहक वाहनों के आवागमन पर कोई प्रतिबंध नहीं रहेगा. पेट्रोल पंप खुले रहेंगे.

5. ग्रामीण क्षेत्र में स्थित औद्योगिक कारखाने खुले रहेंगे. शहरी क्षेत्रों में निरंतर चालू रहने वाले औद्योगिक कारखानों को छोड़कर सभी बंद रहेंगे.

6. लॉकडाउन के दौरान एक्सप्रेसवे, बड़े पुल और सड़कों का निर्माण जारी रहेगा.

7. प्रत्येक जिला में मजिस्ट्रेट और पुलिस अधिकारियों द्वारा संयुक्त भ्रमण किया जाएगा.

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दिल्ली उप-राज्यपाल अनिल बैजल ने केजरीवाल सरकार के कोरोना पर लिये गए दो अहम फैसलों को पलटा - तो BJP पर भड़की AAP

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नई दिल्ली: कोरोना संक्रमणीतो के उपचार को लेकर दिल्ली सरकार और उप-राज्यपाल अनिल बैजल के बीच एक बार फिर ठन गई है. दिल्ली मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने उप-राज्यपाल पर दिल्लीवालों के लिए बहुत बड़ी समस्या और चुनौती पैदा करने का आरोप लगाया है. इस बीच उप-राज्यपाल के फैसले के बाद बीजेपी को अरविंद केजरीवाल पर निशाना साधने का मौका मिल गया.

बीजेपी पहले से ही अरविंद केजरीवाल सरकार के इस फैसले को नागरिकों के अधिकार के खिलाफ बताते हुए इसे रद्द करने की मांग कर रही थी. केजरीवाल मंत्रिमंडल ने दिल्ली के अस्पतालों में सिर्फ दिल्ली के कोरोना रोगियों के उपचार का फैसला लिया था, हालांकि 24 घंटे से भी कम समय में दिल्ली के उप-राज्यपाल ने दिल्ली सरकार के फैसले को पलट दिया है.

दिल्ली में कोरोना वायरस के बढ़ते मामलों के बीच केजरीवाल सरकार के फैसलों को लेकर आम आदमी पार्टी और भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के बीच खींचतान भी बढ़ गई है.

उपराज्यपाल अनिल बैजल ने केजरीवाल सरकार के दो फैसलों को बदल दिया. पहला, उपराज्यपाल ने मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के उस फैसले को पलट दिया है, जिसमें उन्होंने कहा था कि दिल्ली सरकार के अस्पतालों में सिर्फ दिल्ली के कोरोना मरीजों का इलाज होगा. दूसरा, उपराज्यपाल ने जारी आदेश में कहा कि अब ऐसिम्प्टमैटिक लोग भी, जो सीधे किसी कोरोना पॉजिटिव के संपर्क में आए हैं, वह 5 से लेकर 10 दिन के अंदर कोरोना टेस्ट करवा सकते हैं.

बैजल ने अपने पहले आदेश में स्पष्ट किया कि उच्चतम न्यायालय ने कई फैसलों में कहा है कि स्वास्थ्य का अधिकार संविधान के अनुच्छेद 21 के तहत जीवन के अधिकार का अभिन्न अंग है. उपराज्यपाल ने कहा कि राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में स्थित सभी सरकारी और निजी अस्पतालों तथा नर्सिंग होम और क्लीनिकों को दिल्ली के निवासी या गैर-निवासी के बीच किसी भेदभाव के बिना सभी कोरोना वायरस रोगियों का इलाज करना है. उन्होंने अपने दूसरे आदेश में केवल लक्षण वाले रोगियों के लिए कोरोना वायरस की जांच के आप सरकार के आदेश को खारिज कर दिया. उन्होंने कहा कि आईसीएमआर द्वारा निर्धारित सभी नौ श्रेणियों के लोगों की राष्ट्रीय राजधानी में जांच की जानी चाहिए.

उपराज्यपाल के फैसलों पर आम आदमी पार्टी बिफर पड़ी और बीजेपी को आड़े हाथों लिया. AAP के नेता और दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) पर निशाना साधा है. मनीष सिसोदिया ने ट्वीट किया, 'बीजेपी की राज्य सरकारें PPE किट घोटालों और वेंटिलेटर घोटालों में व्यस्त हैं. दिल्ली सरकार सोच समझकर, ईमानदारी से इस डिज़ास्टर को मैनेज करने की कोशिश कर रही है. यह बीजेपी से देखा नहीं जा रहा इसलिए LG पर दबाव डालकर घटिया राजनीति की है.'

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30 जून तक बढ़ा देश में लॉकडाउन, 8 जून से धार्मिक स्थल और शॉपिंग मॉल खुलेंगे

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नई दिल्ली: देश में जारी कोरोना वायरस के संक्रमण को रोकने के लिए लॉकडाउन को सरकार ने 30 जून तक बढ़ाने का फैसला किया है. हालांकि इस बार सरकार ने कंटेनमेंट जोन को छोड़कर बाकी जगहों पर मॉल और रेस्टोरेंट को भी खोलने की इजाजत दे दी है. अब 8 जून से मॉल और रेस्टोरेंट खुल सकेंगे. गृह मंत्रालय ने कंटेनमेंट जोन के बाहर के क्षेत्रों को फिर से खोलने के लिए नए दिशानिर्देश जारी किए. ये दिशानिर्देश 1 जून, 2020 से लागू होंगे और 30 जून, 2020 तक प्रभावी रहेंगे.

सरकार ने पहले फेज के तहत 8 जून से धार्मिक स्थल, होटल, सैलून, रेस्टोरेंट खोलने की इजाजत दे दी है. हालांकि सरकार ने शर्तों के साथ खोलने की अनुमति दी है.

कोरोना वायरस से निपटने के लिए देश फिलहाल लॉकडाउन के दौर से गुजर रहा है. लॉकडाउन 4.0 की अवधि 31 मई को खत्म हो रही है. ऐसे में सरकार ने इसे और बढ़ा दिया है. दूसरे फेज के तहत स्कूल-कॉलेज खोलने का फैसला केंद्र ने राज्यों पर छोड़ दिया है. जुलाई में राज्य इसपर फैसला लेंगे.

 

गृहमंत्रालय की ओर से जारी आदेश में कहा गया है कि देश के सभी कंटेनमेंट जोन में लॉकडाउन 30 जून तक जारी रहेगा. कंटेनमेंट जोन की पहचान जिला अधिकारियों के द्वारा की जाएगी. कंटेनमेंट जोन में केवल जरूरी गतिविधियों की छूट रहेगी. कंटेनमेंट जोन में लॉकडाउन नियमों को सख्ती से लागू करने को कहा गया है. मेडिकल इमर्जेंसी के अलावा किसी व्यक्ति को कंटेनमेंट जोन से बाहर जाने या बाहर से से कंटेनमेंट जोन में जाने की इजाजत नहीं होगी. राज्य बफर और जोन की भी पहचान कर सकते हैं. गृहमंत्रालय ने कहा है कि स्थिति को देखते हुए यदि राज्यों को कंटेनमेंट जोन के बाहर कुछ गतिविधियों पर रोक की आवश्यकता महसूस होती है तो वे ऐसा कर सकेंगे.

 

 

नए दिशानिर्देशों के अनुसार कंटेनमेंट जोन के बाहर वो सभी गतिविध‍ियां फिर से शुरू हो सकेंगी जिनपर अब तक पाबंदी लगी थी. लेकिन ऐसा चरणबद्ध तरीके से किया जाएगा.

- निषिद्ध क्षेत्रों के बाहर प्रतिबंधित गतिविधियों को चरणबद्ध तरीके से खोला जाएगा. 
- आठ जून से जिन गतिविधियों को अनुमति दी जाएंगी उनमें लोगों के लिए धार्मिक स्थल, होटल, रेस्तरां एवं अन्य होटल सेवाएं शामिल होंगी
- आठ जून से शॉपिंग मॉल खोलने की अनुमति होगी
- राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों के साथ विचार-विमर्श कर स्कूल, कॉलेज, शैक्षणिक, प्रशिक्षण, कोचिंग संस्थान खोले जाएंगे
- शैक्षणिक संस्थानों को जुलाई से खोलने को लेकर राज्य, केंद्र शासित प्रदेश अभिभावकों, अन्य संबंधित पक्षों से विचार-विमर्श करेंगे
- रात में कर्फ्यू के समय की समीक्षा होगी, पूरे देश में अब रात नौ बजे से सुबह पांच बजे तक लोगों के घूमने-फिरने पर प्रतिबंध होगा 
- स्थिति का आकलन करने के बाद अंतररष्ट्रीय हवाई यात्रा, मेट्रो ट्रेन, सिनेमा हाल, जिम, राजनीतिक सभाओं इत्यादि पर निर्णय लिया जाएगा

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भारत-चीन सीमा पर और बढ़ा तनाव, पिछले हफ्ते एक भारतीय जवान को बंदी बना लिया था, बाद में उसे रिहा कर दिया गया

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नई दिल्ली: देश दुनिया में कोरोना महामारी के बिच में भारत और चीन के बीच लद्दाख क्षेत्र में तनाव जारी है. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, चीन ने पिछले हफ्ते भारत के एक जवान को बंदी बना लिया था, बाद में उसे रिहा कर दिया गया. सरकार की तरफ से ऐसी किसी घटना की जानकारी नहीं दी गई है.

भारत और चीन के सैनिकों के बीच इस महीने तीन बार झड़प हो चुकी है. इन घटनाओं पर भारतीय विदेश मंत्रालय ने गुरुवार को बयान जारी किया था. विदेश मंत्रालय ने कहा था कि भारतीय सैनिक अपनी सीमा में ही गतिविधियों को अंजाम देते हैं. भारतीय सेना की लाइन ऑफ एक्चुअल कंट्रोल (एलएसी) के पार एक्टिविटीज की बातें सही नहीं हैं. चीन पैंगोंग त्सो झील और गलवान घाटी में लाइन ऑफ एक्चुअल कंट्रोल पर लगातार सैनिकों की संख्या बढ़ा रहा है. इससे चीन ने साफ संदेश दे दिया है कि वह भारतीय सेना के साथ टकवार को जल्द खत्म नहीं करने जा रहा है.

विवाद सुलझाने के लिए दोनों देशों के कमांडरों की मीटिंग
भारत और चीन में हाल ही में लद्दाख के गालवन नदी क्षेत्र में विवाद बढ़ गया था, अब इसको सुलझाने के लिए दोनों देशों के फील्ड कमांडरों ने बैठक की है. सूत्रों के मुताबिक यह बैठक दौलत बेग ओल्डी सेक्टर में हुई. इसमें भारत की 81 ब्रिगेड के अधिकारी और उनके चीनी समकक्ष शामिल हुए. निर्माण कार्यों को लेकर गालवन नदी क्षेत्र में दोनों पक्षों के बीच पिछले दो सप्ताह से तनाव चल रहा है.

बढ़ते तनाव के बीच आर्मी चीफ जनरल एमएम नरवणे शुक्रवार को लेह में 14 कॉर्प्स के हेडक्वॉर्टर पहुंचे और टॉप कमांडर्स के साथ एलएसी के विवादित इलाके सहित क्षेत्र में सुरक्षा स्थिति की समीक्षा की. सैन्य सूत्रों ने कहा कि भारतीय सेना भी पैंगोंग त्सो झील और गलवान घाटी में चीन के निर्माण की बराबरी कर रही है और यह क्षेत्र में कई संवेदनशील इलाकों में अधिक लाभप्रद स्थिति में है.

पिछले एक सप्ताह में पूर्वी लद्दाख में चीनी सैनिकों द्वारा कई बार सीमा उल्लंघन की घटनाओं की रिपोर्टें आईं. हालांकि अभी तक कोई आधिकारिक पुष्टि या प्रतिक्रिया नहीं आई है. पिछले एक सप्ताह में दोनों पक्षों के स्थानीय कमांडर्स में कम से कम 5 बैठकें हुई हैं, जिसमें भारतीय पक्ष ने चीनी सेना द्वारा टेंट गाड़ने पर कड़ी आपत्ति जताई गई.

भारत ने गुरुवार को कहा कि चीनी सेना भारतीय सैनिकों के सामान्य पट्रोलिंग में बाधा डाल रही है और जोर देकर कहा कि भारत ने सीमा प्रबंधन के मामले में हमेशा जिम्मेदारी भरा व्यवहार किया है.

भारत और चीन के सैनिकों के बीच 2017 में डोकलाम में 73 दिनों तक टकराव चला था और दो परमाणु संपन्न देशों के बीच युद्ध की आशंका पैदा हो गई थी. भारत और पाकिस्तान के बीच 3,488 किलोमीटर सीमा को लेकर विवाद है, अरुणाचल प्रदेश दक्षिणी तिब्बत का हिस्सा बताकर अरुणाचल प्रदेश पर अपना दावा करता है जबकि यह भारत का अभिन्न हिस्सा है.

 

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