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पीएम मोदी के राहत पैकेज पर तीसरे दिन की प्रेस कॉन्फ्रेंस में वित्त मंत्री का ऐलान - कृषि के बुनियादी ढांचे के लिए एक लाख करोड़ देगी मोदी सरकार

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नई दिल्ली: बीते मंगलवार को पीएम मोदी ने राष्ट्र को संबोधित करते हुए देश को कोरोना संकट से उबरने के लिए 20 लाख करोड़ का आर्थिक पैकेज जाहिर किया है. पिछले 2 दिनों से वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण पीएम मोदी द्वारा ऐलान किए गए 20 लाख करोड़ रुपये के राहत पैकेज की जानकारी दे रही हैं. वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर राहत पैकेज की तीसरी किस्त की जानकारी को साझा किया.

वित्तमंत्री ने कहा कि, देश की बहुत बड़ी आबादी कृषि पर निर्भर है. आज की तीसरी किस्त कृषि, सिंचाई, मत्स्य पालन, पशुपालन और डेयरी सेक्टर के लिए है. उन्होंने कहा कि तीसरी किस्त में कृषि पर पूरा फोकस है.

वित्त मंत्री की ओर से राहत पैकेज की तीसरी किस्त में कृषि सेक्टर पर फोकस किया गया है. उनकी ओर से 8 ऐलान कृषि सेक्टर से जुड़े बुनियादी ढांचे से जुड़े हैं. वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि कृषि के बुनियादी ढांचे को रफ्तार देने के लिए एक लाख करोड़ रुपये के वित्तपोषण की सुविधा दी जाएगी, कृषि अवसंरचना परियोजनाओं को इसका लाभ मिलेगा.

वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि कृषि के बुनियादी ढांचे के लिए एक लाख करोड़ रुपये दिया जाएंगे, जिसमें फॉर्म गेट के तहत जिसमें कृषि से जुड़े इन्फ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स शामिल होंगे. इसके अलावा एग्रीग्रेटर्स जैसे प्राइमरी एग्रीकल्चर कॉआपरेटिव सोसाइटी (PACS), फॉर्मर्स प्रोड्यूसर ऑर्गेनाइजेशन (एफपीओ), एग्रीकल्चर एन्टरप्रेन्योर्स और स्टार्ट अप आदि के लिए होगा.

डेयरी कोऑपरेटिव सोसाइटीज ने खरीदा 560 लाख लीटर दूध:
केंद्रीय वित्त मंत्री ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि हम पूरी दुनिया में गन्ना के उत्पादन में दूसरे स्थान पर हैं वहीं दाल उत्पादन में हम दुनिया में तीसरे नंबर पर हैं. वित्त मंत्री ने बताया कि 560 लाख लीटर दूध लॉकडाउन के दौरान डेयरी कोऑपरेटिव सोसाइटीज के द्वारा खरीदा गया है.

कृषि के बुनियादी ढांचे के विकास के लिए सरकार ने एक लाख करोड़ का ऐलान किया:
प्रेस कॉन्फ्रेंस में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बताया कि सरकार ने किसानों और कृषि के बुनियादी ढांचे के लिए एक लाख करोड़ रुपयों का ऐलान किया है. ये एग्रीग्रेटर्स, एफपीओ, प्राइमरी एग्रीकल्चर सोसाइटी आदि के लिए फार्म गेट इन्फ्रास्ट्रक्चर विकास के लिए दिया जाएगा जैसे कोल्ड स्टोरेज.

फूड एंटरप्राइजेज माइक्रो साइज के लिए 10 हजार करोड़ का ऐलान:
वित्त मंत्री ने आगे बताया कि फूड एंटरप्राइजेज माइक्रो साइज के लिए 10 हजार करोड़ रुपये दिए जाएंगे. यह रूपये क्लस्टर आधार पर दिए जाएंगे ताकि वे वैश्विक मानक के उत्पाद बना सकें. इससे वेलनेस, हर्बल, ऑर्गेनिक प्रोडक्ट करने वाले 2 लाख माइक्रो फूड एंटरप्राइजेज को फायदा मिलेगा. जैसे बिहार में मखाना उत्पाद, कश्मीर में केसर, कर्नाटक में रागी उत्पादन, नॉर्थ ईस्ट में ऑर्गेनिक फूड और तेलंगाना में हल्दी

सरकार मछुआरों को देगी नई नौकाएं:
वित्त मंत्री निर्मलासीतारमण ने कहा कि मछुआरो को सरकार नई नौकाए देगी. इस बात की घोषणा बजट में भी की गई थी. प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना को कोरोना की वजह से तुरंत लागू किया जा रहा है. आपको बता दें कि इससे 55 लाख लोगों को रोजगार मिलेगा. इस योजना के लागू होने से अगले 5 साल में 70 लाख टन अतिरिक्त मत्स्य उत्पादन होगा.

सभी पशुओं का 100% टीकाकरण का ऐलान:
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने इस प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि हमारे यहां के जानवरों में उचित टीकाकरण नहीं होने की वजह से फुट ऐंड माउथ डिजीज होता है. इस डिजीज की वजह से पशुओं के दुग्ध उत्पादन पर असर पड़ता है. सरकार ने इससे निपटने के लिए अब सभी पशुओं का 100 फीसदी टीकाकरण का ऐलान किया है. जनवरी 2020 तक 1.5 करोड़ गाय, भैंसों का टीकाकरण किया गया. लॉकडाउन के दौरान भी ग्रीन जोन में यह काम जारी है.

फीड प्रोडक्शन के निर्यात के लिए 15,000 करोड़ रुपये:
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि प्राइवेट इन्वेस्टमेंट डेयरी प्रोसेसिंग में बढ़ावा देने के लिए कैटल फीड प्रोडक्शन में निर्यात के लिए सरकर ने 15000 करोड़ रुपये का ऐलान किया है. सरकार चीज जैसे नीश प्रोडक्ट के ​प्लांट लगाने के लिए सरकार प्रोत्साहन देगी.

सब्जी की खेती करने वाले किसानों की दी सौगात:
वित्त मंत्री ने कहा कि सप्लाई चेन किसानों की बाधित हो गई है. फल, सब्जियों को खेतों से बाजार तक लाने के लिए, खराब होने से बचाने के लिए 500 करोड़ रुपये की अगले 6 महीने तक इस पायलट प्रोजेक्ट को बढ़ा दिया गया है. इसके अलावा सरकार ने हर्बल पौधों के उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए 4,000 करोड़ रुपये का ऐलान किया तो वहीं पर मधुमक्खी पालकों के लिए भी 500 करोड़ रुपए की सहायता ऐलान किया है.

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पीयूष गोयल ने कहा "तीन महीने गुजर गए हैं, और एक भी व्यक्ति भूखा नहीं है", तो फराह खान ने दिया जवाब

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नई दिल्ली: एक कार्यक्रम में लोगों को संबोधित करते हुए बीते दिन केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने कहा था कि, हमने पूरे तीन महीने लॉकडाउन में गुजार लिए हैं और एक भी व्यक्ति भूखा नहीं रहा है. इस बात को लेकर मशहूर जूलरी डिजाइनर और संजय खान की बेटी फराह खान अली ने ट्वीट किया है, जो सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रहा है.

अपने ट्वीट के जरिए फराह खान अली ने पीयूष गोयल के बयान का जवाब दिया, साथ ही कहा कि यह सच नहीं है सर. यहां कई सारे लोग हैं, कई लोगों को मैंने खुद देखा है जो भूखे हैं. फराह खान अली का ट्वीट सोशल मीडिया पर खूब सुर्खियां बटोर रहा है, साथ ही लोग इसपर जमकर कमेंट भी कर रहे हैं.

 

 

फराह खान अली ने पीयूष गोयल के बयान का जवाब देते हुए लिखा, "यह सच नहीं है सर. ऐसे बहुत से लोग हैं, जिनका मैंने व्यक्तिगत रूप से सामना किया है, जो भूखे मर रहे हैं और मैंने अपनी व्यक्तिगत क्षमता से मदद की है और अभी भी कर रही हूं." बता दें कि पीयूष गोयल ने अपने बयान में कहा कि हमने तीन महीने गुजारे हैं और एक भी व्यक्ति भूखा नहीं है. यह केवल राज्य और केंद्र सरकार के प्रयासों का नतीजा नहीं है. यह करीब 130 करोड़ भारतीयों की मेहनत है.

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स्वदेशी प्रॉडक्ट बेचने के लिए बाबा रामदेव की पतंजलि ला रही ई-कॉमर्स प्लैटफॉर्म OrderMe, फ्लिपकार्ट और अमेज़ॉन को देंगी टक्कर

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नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने "आत्मनिर्भर भारत" बनाने के लिए देशवासियों से लोकल प्रॉडक्ट्स के इस्तेमाल की अपील की है. इस बीच बाबा रामदेव की कंपनी पतंजलि स्वदेशी प्रॉडक्ट्स के लिए नया ई-कॉमर्स प्लैटफॉर्म OrderMe लॉन्च करने जा रही है. इस ऑनलाइन मार्केटप्लेस में पतंजलि के अलावा दूसरी कंपनियों के मेड इन इंडिया और स्वदेशी सामान बेचे जाएंगे.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से लोगों से खादी जैसे उत्पादों को खरीदने और समर्थन करने का आग्रह करने के लगभग 48 घंटों के भीतर, बाबा रामदेव की अगुवाई वाली पतंजलि आयुर्वेद ने भारत में निर्मित उत्पादों और स्वदेशी की आपूर्ति के लिए एक विशेष ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म शुरू करने जा रही है, जिसमें सिर्फ स्वदेशी उत्पादों के उपलब्ध होने की बात कही जा रही है.

ई-कॉमर्स साइट, "ORDERME" पर पतंजलि खुद के आयुर्वेदिक उत्पाद उपलब्ध कराने के साथ-साथ भारतीय उत्पादों को बेचने वाले अन्य स्टोर से भी जोड़ेगी और यहां से लोग जरूरत के सामान का ऑर्डर दे सकेंगे. साथ ही, प्रस्तावित वेबसाइट पर ऑर्डर के कुछ घंटों के भीतर फ्री डिलीवरी की जाएगी.

इसके अलावा, यह पतंजलि के लगभग 1,500 डॉक्टर और योग प्रशिक्षक लोगों को 24X7 मुफ्त चिकित्सा सलाह देंगे, मामले से परिचित लोगों ने हमारे सहयोगी को बताया कि प्लेटफॉर्म को अगले 15 दिनों में लॉन्च किए जाने की उम्मीद है.

क्या बोले आचार्य बालकृष्ण? पतंजलि आयुर्वेद के प्रबंध निदेशक और मुख्य कार्यकारी आचार्य बालकृष्ण ने योजना की पुष्टि करते हुए कहा कि यह प्रधानमंत्री मोदी के 'वोकल फॉर लोकल' कॉल के जवाब में स्वदेशी वस्तुओं की आपूर्ति करने का प्रयास है.

बालकृष्ण ने कहा, "OrderMe केवल स्वदेशी उत्पादों की आपूर्ति और समर्थन करेगा। पतंजलि का प्रयास है कि सभी स्थानीय खुदरा विक्रेताओं और छोटे दुकान मालिकों को जोड़कर हमारे लंबे समय तक चलने वाले स्वदेशी आंदोलन में योगदान दिया जाए ताकि स्वदेशी उत्पाद बेचने वाले हमारे मंच से वह लाभान्वित हो सकें। वे मंच से जुड़ सकते हैं और योजना अपने उत्पादों को मुफ्त में वितरित कर पाएंगे."

इसके अलावा पतंजलि के 1500 डॉक्टर 24 घंटे लोगों को मुफ्त चिकित्सा परामर्श और योगा टिप्स देंगे, बताया जा रहा है कि इस प्लैटफॉर्म को अगले 15 दिनों में लॉन्च किया जा सकता है.

पतंजलि आर्युर्वेद के प्रबंध निदेशक और सीईओ आचार्य बालकृष्ण ने इस प्लान की पुष्टि करते हुए कहा है कि पीएम मोदी की "लोकल के लिए वोकल" अपील के मद्देनजर स्वदेशी वस्तुओं की आपूर्ति के लिए यह मंच तैयार किया जा रहा है.

गौरतलब है कि पीएम नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को देश के सामने "आत्मनिर्भर भारत" के लक्ष्य का खाका पेश किया है, उन्होंने इसकी घोषणा करते हुए लोगों से देश में बने प्रॉडक्ट्स के इस्तेमाल की अपील की है.

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महाराष्ट्र के भारतीय जनता पार्टी में सामने आया कलह, जानिए क्या है पूरा मामला!

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मुंबई: महाराष्ट्र के भाजपा में आंतरिक कलह बुधवार को खुलकर सामने आ गया है, जब राज्य इकाई के प्रमुख चंद्रकांत पाटिल ने नाराज वरिष्ठ नेता एकनाथ खडसे से सलाहकार की भूमिका निभाने के लिए कहा, जिसके बाद खडसे ने पार्टी के विस्तार में पाटिल के योगदान पर उठाया सवाल. एक मराठी चैनल से बात करते हुए भाजपा महाराष्ट्र अध्यक्ष चंद्रकांत पाटिल ने खडसे पर निशाना साधना शुरू किया, जिसके एक दिन पहले उन्होंने भाजपा के अपने सहयोगियों पर राज्य में विधान परिषद के नौ सीटों के लिए 21 मई को होने वाले चुनाव में उनका नामांकन बाधित करने का आरोप लगाया था.

चंद्रकांत पाटिल ने सीधा निशाना साधते हुए कहा, ''एकनाथ खडसे महाराष्ट्र भाजपा के वरिष्ठ नेता हैं, वह पार्टी के मौजूदा नेतृत्व के सलाहकार के रूप में काम कर सकते हैं." चंद्रकांत पाटिल ने खडसे के उन आरोपों को खारिज कर दिया कि पार्टी ने उन्हें नजरअंदाज किया है और पार्टी के विकास के लिए उनकी सेवाओं को सम्मान नहीं दिया गया.

चंद्रकांत पाटिल ने पूछा, ''जब खडसे ने लोकसभा और एमएलसी सीटों पर अपनी बहू और बेटे के नामांकन के लिए कुछ भाजपा नेताओं को टिकट देने से इनकार कर दिया था, तो उन्होंने उन लोगों को क्या बताया जो अवसर से वंचित रह गए थे?" पाटिल ने कहा कि खडसे पूर्व मुख्यमंत्री और वर्तमान में राज्य विधानसभा में विपक्ष के नेता देवेंद्र फडणवीस पर क्यों आरोप लगाए.

पाटिल ने कहा, ''खडसे फडणवीस पर आरोप क्यों लगा रहे हैं? उन्हें समझना चाहिए कि नेतृत्व का मतलब केवल एमएलसी या विधायक या मंत्री बनना नहीं है. गौरतलब है कि भाजपा के वरिष्ठ नेता एकनाथ खडसे महाराष्ट्र विधान परिषद के लिए 21 मई को होने वाले चुनाव में पार्टी द्वारा उनके नामांकन पर विचार नहीं किए जाने से नाराज हैं. उन्होंने मंगलवार को इसे कुछ नेताओं की साजिश करार दिया और भाजपा प्रदेश अध्यक्ष चंद्रकांत पाटिल पर निशाना साधा.

उल्लेखनीय है कि भाजपा एकनाथ खडसे से 2016 से ही दूरी बनाकर रख रही है तब उन्हें भ्रष्टाचार के आरोपों की वजह से तत्कालीन देवेंद्र फडणवीस सरकार से इस्तीफा देना पड़ा था. इस बीच, पाटिल के आरोपों का जवाब देते हुए, खडसे ने महाराष्ट्र में पार्टी के आधार का विस्तार करने में उनके योगदान पर सवाल उठाया.

खडसे ने कहा, ''मैंने विधानसभा चुनाव लड़ना तब शुरू किया जब कोई भी राज्य में भाजपा का प्रतिनिधित्व करने के लिए तैयार नहीं था. हर कोई भाजपा का उपहास उड़ाता था, भाजपा पार्टी को तब सेठजी और भट्टजी की पार्टी बुलाया जाता था. मेरे जैसे नेता इसे जन-जन तक पहुंचाया, हमने राज्य भर में ओबीसी के बीच पार्टी का आधार बढ़ाया.

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"अंधकार घना है, कठिन घड़ी है, हिम्मत रखिए" - राहुल गांधी ने प्रवासी कामगारों को लेकर किया ट्वीट

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नई दिल्ली: कांग्रेस पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने गुरुवार को प्रवासी श्रमिकों से जुड़ा एक वीडियो शेयर करते हुए कहा कि, "ये मजूदर देश के स्वाभिमान का ध्वज हैं. इसे कभी भी झुकने नहीं देंगे. इनकी चीखें सरकार तक पहुंचाई जाएगी और उन्हें मदद दिलाई जाएगी."

उन्होंने ट्वीट किया, "अंधकार घना है कठिन घड़ी है, हिम्मत रखिए-हम इन सभी की सुरक्षा में खड़े हैं. सरकार तक इनकी चीखें पहुंचा के रहेंगे, इनके हक़ की हर मदद दिला के रहेंगे." कांग्रेस नेता ने कहा, "देश की साधारण जनता नहीं, ये तो देश के स्वाभिमान का ध्वज हैं... इसे कभी भी झुकने नहीं देंगे."

वहीं लोकसभा में कांग्रेस पार्टी के नेता अधीर रंजन चौधरी ने कोरोनावायरस से संबंधित राजग सरकार के आर्थिक पैकेज को एक "तमाशा' और करोड़ों लोगों की पीड़ा के साथ "क्रूर मजाक" बताया है. इसके साथ ही उन्होंने कहा कि राहुल गांधी की प्रस्तावित न्याय योजना इस स्थिति में व्यापक रूप से प्रभावी होती. पश्चिम बंगाल की बरहामपुर लोकसभा सीट से पांच बार के सांसद चौधरी ने 3,000 करोड़ रुपये खर्च कर एक प्रतिमा (गुजरात में स्टैच्यू ऑफ यूनिटी) बनवाने के लिए केंद्र पर निशाना साधा और कहा कि सरकार उन लोगों की समस्याओं को दूर करने में विफल रही है जो कोरोना वायरस के कारण लागू लॉकडाउन में नौकरी खो चुके हैं और संकट का सामना कर रहे हैं.

उन्होंने ट्वीट कर कहा कि 20 लाख करोड़ के आत्मनिर्भर पैकेज में कोरोना वायरस टीका अनुसंधान के लिए कोई ठोस वित्तीय प्रावधान नहीं है. पीएम केयर्स फंड में इसके टीका के लिए 100 करोड़ रुपये की मामूली रकम दी गई है. चौधरी ने कहा कि कोरोना टीका के लिए पर्याप्त निवेश की जरूरत है और सरकार को इस बारे में कंजूसी नहीं करनी चाहिए.

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मध्यप्रदेश: कोरोना संकट के बिच भोपाल से बीजेपी सांसद प्रज्ञा ठाकुर की गैर-मौजूदगी पर कांग्रेस का हमला

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भोपाल: मध्यप्रदेश में कोरोना का काफी प्रकोप देखने को मिल रहा है, इस बीच भोपाल से लोकसभा सांसद साध्वी प्रज्ञा सिंह ठाकुर को कथित तौर पर लापता करार देते हुए मध्यप्रदेश के पूर्व मंत्री एवं कांग्रेस के वरिष्ठ विधायक पीसी शर्मा ने कहा कि कोरोना महामारी के इतने अहम समय में जब लोगों को उनकी सेवाओं की सबसे ज्यादा जरूरत है, मैदान से उनका लापता होना अत्यधिक दुर्भाग्यपूर्ण है.

पीसी शर्मा ने कहा, "यह वास्तव में दुर्भाग्यपूर्ण है कि जब कोरोना संकट के दौर में लोगों को खाने, चिकित्सा सहायता और ई-पास आदि के लिए निर्वाचन क्षेत्र में उनकी मदद की जरुरत है तो ऐसे में वह भोपाल से गायब हैं."

उन्होंने कहा कि भोपाल की जनता ने उनको बड़े अंतर से विजयी बनाया और लोगों को उनसे बहुत उम्मीदें हैं लेकिन वास्तव में यह बेहद दुखद है कि वह इतने अभूतपूर्व संकट की घड़ी में वह कहीं दिखाई नहीं दे रही हैं.

हालांकि भोपाल के पूर्व सांसद और प्रज्ञा के करीबी आलोक संजर ने कहा, "ऐसा लगता है कि शर्मा को उनके बारे में कोई जानकारी नहीं हैं, वह अपने स्वास्थ्य मामलों के चलते दिल्ली के एक अस्पताल में भर्ती हैं." संजर ने बताया कि प्रज्ञा ने बुधवार को पार्टी नेताओं की कोविड-19 के संबंध में बैठक में वीडियो कांफ्रेंस के जरिए हिस्सा लिया था.

जब इस बारे में शर्मा को बताया गया, तो उन्होंने कहा, "हमारी सहानुभूति उनके साथ है लेकिन उन्हें यह सुनिश्चित करना चाहिए कि लोगों को इस संकट के समय सहायता मिल सके. लोगों को भोजन, ई-पास और अन्य बातों के लिए बहुत कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है, लेकिन उनकी तरफ से कोई भी लोगों की मदद करने नहीं आया है."

 

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