Skip to main content

Latest News

दिल्ली लॉकडाउन 4: अल्फाबेट के आधार पर खुलेंगी औद्योगिक इकाइयां, A से L और M से Z वाले नाम के लिए अलग-अलग टाइमिंग, जाने लिस्ट

News Byte

नई दिल्ली: केजरीवाल सरकार के आदेश के मुताबिक दिल्ली मार्किट और मार्किट कॉम्पलेक्स में ऑड-ईवन के आधार पर दुकानें खुलेगी. यानी दुकाने एक दिन छोड़कर खुलेंगी. दुकान के नंबर को ऑड-ईवन का आधार माना जाएगा. इसका पालन कराने की जिम्मेदारी मार्केट एसोसिएशन, प्रशासन और डिप्टी लेबर कमिश्नर की होगी. इसके साथ ही कहा गया है कि इंडस्ट्रियल एस्टेब्लिशमेंट में अलग-अलग समय पर काम का समय होगा जिससे सब एक साथ न आएं, न जाएं. जिस फर्म का नाम A से लेकर L तक से शुरू होता है वह सुबह 7:30 से शाम 5:30 बजे तक और जिन फर्म का नाम M से लेकर Z तक से शुरू होता है वह सुबह 8:30 बजे से शाम 6:30 बजे तक काम कर सकती हैं. जिन कामों को करने की इजाजत सरकार ने दी है उनको निभाने में आरडब्ल्यूए रुकावट नहीं डालेंगी.

दिल्ली में ये सेवाएं बंद रहेंगी
दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने सोमवार को कहा कि दिल्ली मेट्रो, स्कूल, कॉलेज, कोचिंग संस्थान, स्वीमिंग पूल, सिनेमा हॉल, शॉपिंग कॉमप्लेक्स, जिम, इंटरनेटमेंट पार्क, बार, थियेटर, ऑडिटोरियम और सेमिनार हॉल बंद रहेंगे. इसके साथ ही उन्होंने कहा कि सैलून और स्पा भी फिलहाल दिल्ली में बंद रहेंगे. धार्मिक आयोजन और राजनीतिक आयोजन की अनुमति नहीं होगी. भीड़ को इकट्ठा होने की इजाजत नहीं है.

धीरे-धीरे अर्थव्यवस्था खोलने की दिशा में बढ़ना होगा
सीएम केजरीवाल ने कहा, “ हमें धीरे-धीरे अर्थव्यवस्था को खोलने की दिशा में आगे बढ़ना होगा. हमने लॉकडाउन की अवधि का उपयोग कोविड-19 से निपटने की व्यवस्था करने में किया. दिल्ली के निवासियों ने पिछले डेढ़ महीने में जो तपस्या की है, वह बेकार नहीं जाएगी.’’ उन्होंने कहा, ' कोरोना वायरस रहेगा, लेकिन जीना भी जारी रखना होगा. हम स्थायी तौर पर लॉकडाउन नहीं कर सकते.' साथ ही उन्होंने कहा कि अगर दुकानदार सामाजिक दूरी के नियमों का पालन करते नहीं पाए गए तो अधिकारी ऐसी दुकानों को बंद कराएंगे.

सोशल डिस्टेंसिंग और मास्क पहनना अनिवार्य
मुख्यमंत्री ने कहा कि शहर में सामाजिक दूरी के नियमों का पालन करना और मास्क पहनना अनिवार्य है. जरूरी सेवाओं के अलावा निषिद्ध क्षेत्र में किसी तरह की गतिविधि की छूट नहीं होगी. उन्होंने कहा कि शहर में बसों में चढ़ने से पहले लोगों की जांच की जाएगी और केवल 20 लोगों को ही यात्रा की अनुमति रहेगी. बस स्टॉप और यात्रा के दौरान बसों में सामाजिक दूरी के नियमों का पालन सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी परिवहन विभाग की होगी.

चार पहिया गाड़ी में दो यात्रियों को बैठने की इजाजत
इसके अलावा, टैक्सी समेत सभी चार पहिया वाहनों में केवल दो यात्रियों को बैठाने की अनुमति होगी. उन्होंने कहा कि टैक्सी, ऑटो और कैब चालकों को हर यात्रा के बाद सवारी के उतरने पर सीट को संक्रमणमुक्त करना होगा. उन्होंने कहा कि दो पहिया वाहनों को अनुमति दी जाएगी लेकिन पीछे की सीट पर किसी को बैठाकर यात्रा करना प्रतिबंधित होगा. उन्होंने कहा कि सभी सरकारी और निजी कार्यालयों को अपने पूरे कर्मचारियों को बुलाने की अनुमति रहेगी लेकिन, निजी कार्यालय संभव हो तो, कर्मचारियों से घर से ही काम करवाने की कोशिश करें. मुख्यमंत्री ने कहा, “दिल्ली में भवन निर्माण कार्य और सामान ले जाने वाले ट्रकों को आवाजाही की अनुमति होगी.”

शादी समारोह में केवल 50 लोग शामिल हो पाएंगे
सीएम केजरीवाल ने बताया कि दिल्ली में 31 मई तक धार्मिक सभाओं पर रोक है. साथ ही रेस्तरां होम-डिलीवरी के लिए खुल सकते हैं लेकिन रेस्तरां में डाइनिंग सेवा की अनुमति नहीं होगी. उन्होंने कहा कि विवाह समारोह में केवल 50 लोग जबकि अंतिम संस्कार में अधिकतम 20 लोग शामिल हो सकते हैं.

Read more

महाराष्ट्र में कोरोना संक्रमण के कुल संख्या बढ़कर 30 हजार के पार; पिछले 24 घंटो में 1606 नए मामले, 1135 की मौत

News Byte

मुंबई: महाराष्ट्र में कोरोना संक्रमण के केस कम होने का नाम नहीं ले रही हैं. कोरोना के मामले में देश में अव्वल महाराष्ट्र में शनिवार को 1,606 नए मामले है, जिसके बाद राज्य में कोरोना संक्रमतों की कुल संख्या बढ़कर 30,706 हो गई है. इसके साथ ही, शनिवार को कोरोना से 67 लोगों की मौत हो गई, इन नए आंकड़ों में बाद महाराष्ट्र में कोरोना से मरने वालों की कुल संख्या 1135 हो गई है. राज्य स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक, महाराष्ट्र में आज 524 कोरोना संक्रमितों को इलाज के बाद अस्पताल से छुट्टी दी गई है, जिसके बाद अब तक राज्य में कुल 7,088 लोगों को डिस्चार्ज किया जा चुका है.

अकेले मुंबई में कोरोना के आए 884 नए मामले:
मुंबई में कोरोना संक्रमण के आज 884 नए मामले आए हैं, जिसके बाद राज्य में अब तक कुल कोरोना संक्रमितों की संख्या बढ़कर 18,396 हो गई है. कल मुंबई से 238 लोगों को इलाज के बाद डिस्चार्ज किया गया है, जिसके बाद अब तक कुल 4,806 लोगों को इलाज के बाद अस्पताल से छुट्टी दी जा चुकी है. म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन ग्रेटर मुंबई के मुताबिक, मुंबई में अब तक कोरोना से 696 लोगों की जान जा चुकी है.

मुंबई के धारावी में पिछले 24 घंटे में कोरोना के 53 नए मामले सामने आए. इसके साथ ही यहां संक्रमितों की संख्या 1198 हो गई. वहीं पिछले 24 घंटे में यहां इस वायरस के संक्रमण से किसी की जान नहीं गई है और मरने वालों का आंकड़ा 53 पर स्थ‍िर है.

अदालत ने बीएमसी से प्रसूति गृहों, क्लीनिकों पर जानकारी मांगी

बंबई उच्च न्यायालय ने बृहन्मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) को यहां उन प्रसूति गृहों और क्लीनिकों की जानकारी वाला हलफनामा दाखिल करने को कहा है जहां कोविड-19 महामारी के बीच डॉक्टर गर्भवती महिलाओं को देख रहे हैं. मुख्य न्यायाधीश दीपांकर दत्ता और न्यायमूर्ति अमजद सैयद की खंडपीठ ने शुक्रवार को मुहीउद्दीन वैद की याचिका पर सुनवाई की जिसमें सरकारी जे जे अस्पताल की एक घटना पर चिंता जताई गयी थी. याचिका में दावा किया गया कि जे जे अस्पताल में एक गर्भवती महिला को भर्ती करने से इनकार कर दिया गया क्योंकि उसके पास कोविड-19 का संक्रमण नहीं होने की बात प्रमाणित करने वाली रिपोर्ट नहीं थी.

Read more

मध्यप्रदेश के रीवा में खाना मांग रहे प्रवासी मजदूरों पर पुलिस का लाठीचार्ज, हरियाणा में भी मजदुर प्रवासी को दौड़ा-दौड़ाकर पीटा

News Byte

रीवा: केंद्र सरकार ने आदेश जारी किया है कि प्रवासी मजदूरों को उनके घर तक सुरक्षित पहुंचाने की जिम्मेदारी राज्य सरकारों की है. ऐसे में राज्य सरकारें अपने-अपने बॉर्डर पर अस्थाई शेल्टर होम बनाकर मजदूरों को रोक रही हैं. लेकिन ऐसे में मजदूरों के लिए खाने-पीने की व्यवस्था करना बड़ी चुनौती बन गया है. एमपी-यूपी बॉर्डर पर रीवा में भूख से बेहाल मजदूरों ने प्रदर्शन किया. तो जवाबी कार्यवायी में पुलिस ने भूखे और बेबस मजदूरों पर लाठीचार्ज किया.

केंद्र सरकार के आदेश के बाद मध्य प्रदेश के रीवा के चाकघाट बॉर्डर पर पुलिस ने पलायन कर रहे मजदूरों को रोकना शुरु किया. देखते ही देखते यहां हजारों की भीड़ जमा हो गई. इतनी भीड़ के लिए प्रशासन भी तैयार नहीं था. ऐसे में खाने की मांग करते हुए मजदूरों ने नारेबाजी शुरू कर दी. हालात को संभालने के लिए एसपी आबिद खान भी मौके पर पहुंचे लेकिन ये भी मजदूरों को कोरे वादों की खुराक देकर निकल गए.

लेकिन जब रात 11 बजे तक भी मजदूरों को खाना नहीं मिला तो मजदूरों ने हंगामा शुरू कर दिया. हाइवे जाम कर दी गई. घटना की जानकारी मिलते ही मौके पर भारी संख्या पर पुलिस बुला ली गई और फिर पुलिस ने भूखे मजदूरों पर लाठीचार्ज किया.

हरियाणा में भी मजदूरों पर हुआ लाठीचार्ज

देश में एक तरफ जहां कोरोना संक्रमण का आंकड़ा लगातार बढ़ रहा है. दूसरी तरफ प्रवासी मजदूरों का पलायन भी एक बड़ी समस्या बन गई है. हरियाणा बॉर्डर पर भी प्रवासी मजदूरों और पुलिस के बीच हंगामा और मारपीट हुई. पुलिस ने जब लाठियां भांजी तो मजदूर खेतों की तरफ भागने लगे. इस भागमभाग में मजदूरों के सामान सड़क पर बिखर गए. डंडे से बचने के लिए मजदूर अपनी साइकिल, बस्ता बीच सड़क पर छोड़कर भागे. पुलिस और प्रवासी मजदूरों के बीच झड़प की ये घटना हरियाणा के यमुना नगर के करेड़ा खुर्द गांव की है.

बताया जा रहा है कि पंजाब, चंडीगढ़ से मजदूरों का एक जत्था पैदल अपने गांव जा रहा था. जैसे ही ये लोग हरियाणा के करेड़ा खुर्द गांव में पहुंचे तो पुलिस ने रोक दिया. केंद्र सरकार के आदेश मुताबिक मजदूरों को गांव में ही बने एक शेल्टर होम में जाने के लिए कहा गया. इस बात से नाराज मजदूरों ने सड़क जाम करने की कोशिश की. इतने में गांव के शेल्टर होम में पहले से रोके गए मजदूर भी यहां पहुंचे जिसके बाद हंगामा हो गया.

पुलिस ने मजदूरों को शांत करने की कोशिश की तो मजदूर पुलिस से ही उलझ पड़े. इसके बाद पुलिस ने भी आपा खो दिया. इस लाठीचार्ज में दो-तीन मजदूर घायल भी हुए है. इस झड़प के बाद आला अधिकारियों ने मजदूरों को समझा बुझाकर शेल्टर होम में भेज दिया और सड़क फिर खोल दी गई.

Read more

आर्थिक सुधारों पर अपनों से घिरी मोदी सरकार, निजीकरण के विरोध में उतरा RSS से जुड़ा भारतीय मजदूर संघ - कहा "कहा- "वित्त मंत्री ने देश को मायूस किया"

News Byte

नई दिल्ली: देश की अर्थव्यवस्था पर हो रहे विरोध के बीच वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण पिछले चार दिनों से रोजाना कोरोना महामारी से प्रभावित भारतीय अर्थव्यवस्था को उबारने के लिए लगातार कदमों का एलान कर रही है. इसी कड़ी में आज उन्होंने कोयला और बिजली क्षेत्र जैसे बुनियादी ढांचे में कई सुधारों का एलान किया. सबसे अहम एलान इन क्षेत्रों को निजी सेक्टर की कम्पनियों के लिए खोलने का था. अब इस मुद्दे पर संघ परिवार के संगठनों ने ही कड़ी आपत्ति जताई है.

संगठन का कहना है कि सरकार एक तरह से निजीकरण को बढ़ावा दे रही है जिससे नौकरियों को नुकसान पहुंचेगा. संगठन का कहना है कि कोरोना महामारी के समय में सार्वजनिक क्षेत्र बहुत अहम किरदार निभा रहा है. जब बाजार और निजी संस्थाएं लॉकडाउन  के चलते बंद हैं तो सार्वजनिक क्षेत्र का महत्व और भी बढ़ जाता है.

भारतीय मजदूर संघ के महासचिव बृजेश उपाध्याय ने कहा कि वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा शनिवार को की गई घोषणाओं से निराशा हुई है. गौरतलब है कि निर्मला सीतारमण ने नीतिगत बदलाव की बड़ी घोषणाएं की. जिसमें 8 महत्वपूर्ण क्षेत्र शामिल है. इन क्षेत्रों में कोयला, खनिज, डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग, एयर स्पेस मैनेजमेंट, एयरपोर्ट, ऊर्जा वितरण और एटॉमिक एनर्जी शामिल हैं.

उपाध्याय ने कहा, "सरकार ट्रेड यूनियन, सामाजिक प्रतिनिधित्व करने वालों से बातचीत करने और सुझाव लेने में हिचक रही है. जो कि यह दिखाता है कि सरकार को खुद की सोच पर इतना भरोसा नहीं है. जो कि निंदनीय है. ज्यादातर क्षेत्रों में भारतीय मजदूर संघ पहले से ही कॉरपोरेटकरण और निजी करण को लेकर आक्रोश में है."

भारतीय मज़दूर संघ के महासचिव विरजेश उपाध्याय ने कहा कि उनका संगठन इन घोषणाओं के पूरी तरह खिलाफ है. उपाध्याय ने कहा, " हमारा संगठन इन फैसलों के खिलाफ तबतक आंदोलन करेगा जबतक सरकार इन अलोकतांत्रिक फैसले को वापस नहीं ले लेती."

दरअसल भारतीय मज़दूर संघ पहले से ही बीजेपी शासित कुछ राज्यों द्वारा श्रम क़ानूनों में बदलाव किए जाने का विरोध कर रही है और आंदोलन की चेतावनी दे चुकी है. ये पूछे जाने पर कि उनका संगठन बीजेपी सरकार की नीतियों का ही विरोध कर रहा है. विरजेश उपाध्याय ने कहा - " हम सरकार की नीतियों की समीक्षा करते हैं और अगर लगता है कि उनकी नीतियां मज़दूरों और ग़रीबों के प्रतिकूल हैं तो हम आवाज़ उठाते हैं ... सरकार चाहे किसी की हो. " जाहिर है मोदी सरकार के लिए ये अच्छी ख़बर नहीं है.

Read more

कोरोना महामारी: दुनियाभर में कोरोना संक्रमितों की संख्या 47 लाख के पार, अबतक तीन लाख से ज्यादा की मौत

News Byte

कोरोना विश्व: दुनियाभर में कोरोना वायरस से संक्रमित हुए लोगों का वैश्विक आंकड़ा अब 47 लाख के पार हो गया है. वहीं, महामारी की चपेट में आकर मरने वालों की संख्या भी तीन लाख 12 हजार को पार कर गई है. वर्ल्डोमीटर के मुताबिक, दुनियाभर में रविवार सुबह तक कुल 47 लाख 17 हजार 077 लोग कोविड-19 संक्रमण से संक्रमित हुए, जिनमें से मरने वालो की संख्या 3 लाख 12 हजार 384 रही. अच्छी बात यह है कि दुनियाभर में 1,810,099 लोग संक्रमण मुक्त भी हुए हैं.

 

जाने दुनिया में कहां कितने केस, कितनी मौतें

दुनियाभर के कुल मामलों में से करीब एक तिहाई मामले अमेरिका में सामने आए हैं और करीब एक तिहाई मौतें भी अमेरिका में हुई हैं. अमेरिका के बाद यूके में कोरोना ने सबसे ज्यादा कहर बरपाया है. जहां 34,466 लोगों की मौतों के साथ कुल 240,161 लोग वायरस से संक्रमित हो चुके हैं. जबकि यूके में मरीजों की संख्या स्पेन और रूस से कम है. इसके बाद इटली, फ्रांस, जर्मनी, टर्की, ईरान, चीन, ब्राजील, कनाडा जैसे देश सबसे ज्यादा प्रभावित हुए हैं.

अमेरिका:           केस- 1,507,922              मौतें- 89,595

स्पेन:                  केस- 276,505                 मौतें- 27,563

रूस:                  केस- 272,043                 मौतें- 2,537

यूके:                   केस- 240,161                  मौतें- 34,466

इटली:                केस- 224,760                 मौतें- 31,763

ब्राजील:              केस- 233,142                  मौतें- 15,633

फ्रांस:                 केस- 179,365                  मौतें- 27,625

जर्मनी:               केस- 176,247                  मौतें- 8,027

टर्की:                  केस- 148,067                 मौतें- 4,096

ईरान:                 केस- 118,392                  मौतें- 6,937

10 देशों में एक लाख से ज्यादा केस

स्पेन, रूस, इटली, यूके, ब्राजील में कोरोना मामलों की संख्या दो लाख पार हो चुकी है. इनके अलावा चार देश ऐसे हैं जहां एक लाख से ज्यादा कोरोना केस हैं. अमेरिका के अलावा रूस और ब्राजील में भी कोरोना केस तेजी से बढ़ रहे हैं. पांच देश (अमेरिका, स्पेन, इटली, फ्रांस, ब्रिटेन) ऐसे हैं, जहां 25 हजार से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है. अमेरिका में मौतों का आंकड़ा 89 हजार पार कर गया है. चीन टॉप-10 संक्रमित देशों की लिस्ट से बाहर हो चुका है.

Read more

लॉकडाउन के बीच राहुल गांधी ने की प्रवासी मजदूरों से मुलाकात, फुटपाथ पर बैठ जाना उनका हाल

News Byte

नई दिल्ली: देशभर में जारी लॉकडाउन की वजह से प्रवासी श्रमिकों को तमाम तरह की मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है. इस बीच कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने शनिवार को दिल्ली में प्रवासी श्रमिकों से मुलाकात करके उनकी स्थिति के बारे में जानकारी ली. कांग्रेस सूत्रों के मुताबिक गांधी ने शाम के समय सुखेदव विहार इलाके के फ्लाईआवेर के निकट मजदूरों से मुलाकात की और उनसे करीब एक घंटे तक बातचीत की. सूत्रों का कहना है कि राहुल गांधी की श्रमिकों के साथ बातचीत के दौरान सामाजिक दूरी का खयाल रखा गया था.

राहुल गांधी की मजदूरों से मुलाकात पर कांग्रेस ने ट्वीट किया कि लोगों के दर्द को केवल वहीं नेता समझ सकते हैं जो उनका ध्यान रखते हैं. कांग्रेस ने साथ ही पार्टी के पूर्व अध्यक्ष की मजदूरों से मुलाकात की फोटो को भी साझा किया. एक प्रवासी मजदूर देवेंद्र ने बताया कि राहुल गांधी कुछ देर पहले हमसे मिलने आए थे. उन्होंने घर जाने के लिए हमारे लिए गाड़ी बुक की और कहा कि वे हमें घर तक छोड़ेंगे. उन्होंने हमें खाना, पानी और मास्क भी दिया.

कांग्रेस का दावा है कि राहुल गांधी ने जिन श्रमिकों से मुलाकात की उनको पुलिस ने हिरासत में ले लिया. पार्टी प्रवक्ता गौरव वल्लभ ने कहा, ‘‘सरकार को इस बात का डर है कि कहीं प्रवासी श्रमिक अपने घर जाकर लोगों से उसकी सच्चाई न बताएं. हमारा कहना है कि झूठ को जितना दबाया जाएगा वो बाहर आएगा.''

पैकेज पर पुनर्विचार करें पीएम मोदी- राहुल गांधी
राहुल गांधी ने कहा, ‘‘जो पैकेज होना चाहिए था वो कर्ज का पैकेज नहीं होना चाहिए था. इसको लेकर मैं निराश हूं. आज किसानों, मजदूरों और गरीबों के खाते में सीधे पैसे डालने की जरूरत है. आप (सरकार) कर्ज दीजिए, लेकिन भारत माता को अपने बच्चों के साथ साहूकार का काम नहीं करना चाहिए, सीधे उनकी जेब में पैसे देना चाहिए. इस वक्त गरीबों, किसानों और मजदूरों को कर्ज की जरूरत नहीं, पैसे की जरूरत है.’’ कांग्रेस नेता ने कहा, ‘‘ मैं विनती करता हूं कि नरेंद्र मोदी जी को पैकेज पर पुनर्विचार करना चाहिए. किसानों और मजदूरों को सीधे पैसे देने के बारे में सोचिए.’’

Read more