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गुजरात


गुजरात: सूरत में भाजपा कार्यकर्ता की गुंडागर्दी, मज़दूर ने टिकट मांगा तो फोड़ा सिर, टिकट के नाम पर वसूले मज़दूरों से लाखों रुपए

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सूरत: एक ओर भाजपा सरकारें प्रवासी मज़दूरों को घर पहुंचाने के लिए उनसे टिकट के पैसे वसूल रही है, वहीं बीजेपी कार्यकर्ता टिकट के नाम पर काला बाजारी करते नज़र आ रहे हैं। वो मज़दूरों से टिकट का पैसा तो वसूल रहे हैं, लेकिन टिकट ज़्यादा दामों में दूसरों को बेच दे रहे हैं।

दरअसल, गुजरात के सूरत में बीजेपी के एक कार्यकर्ता ने कथित तौर पर प्रवासी मज़दूरों से टिकट देने के नाम पर तकरीबन सवा लाख रुपए वसूले, लेकिन उसने मज़दूरों को टिकट देने के बजाए उसकी काला बाजारी की और टिकट ज़्यादा दामों में दूसरों को बेच दी। इतना ही नहीं जब उनमें से एक मज़दूर अपना टिकट लेने के लिए बीजेपी कार्यकर्ता के पास पहुंचा तो उसने मज़दूर की बेरहमी से पिटाई कर दी।

इस मामले का वीडियो भी सामने आया है। जिसमें घायल मज़दूर अपना दर्द बयां करता नज़र आ रहा है। घायल मज़दूर बता रहा है कि बीजेपी कार्यकर्ता राजेश वर्मा को उसने सौ मज़दूरों का टिकट करने के लिए एक लाख सोलह लाख रुपए दिए थे। राजेश ने उससे कहा था कि उसे 6 मई को टिकट मिल जाएगा। लेकीन उसे टिकट नहीं मिला, जिसके बाद वो 7 मई को राजेश के घर पहुंच गया और उससे टिकट मांगने लगा।

टिकट मांगने पर राजेश मज़दूर पर भड़क गया और उसपर जानलेना हमला कर दिया। राजेश ने मज़दूर के सिर पर डंडे से हमला किया, जिससे वो लहूलुहान हो गया। मज़दूर ने अपना नाम वासुदेव बताते हुए कहा कि राजेश ने उससे टिकट के पैसे वसूले और फिर उस टिकट की काला बाजारी की। बीजेपी कार्यकर्ता ने टिकट को दो हज़ार रुपए में दूसरों को बेच दिया।

बता दें कि बीजेपी ने अपने कार्यकर्ताओं को राज्य के अनुसार मजदूरों के नाम दर्ज करने और उनके पास से पैसे लेकर टिकट पहुंचाने का काम सौंपा है। लिंबायत विस्तार से झारखंड जाने के लिए बीजेपी ने राजेश वर्मा को यह काम सौंपा था।

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कम्युनिटी किचन में थूकते पकड़े गए बीजेपी विधायक, ज़रूरतमंदों के लिए बन रहा था खाना, लगा जुर्माना

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गुजरात से एक बीजेपी विधायक का खुले में थूकने का वीडियो वायरल हो रहा है. बीजेपी विधायक का नाम अरविंद रैयाणी हैं. वह राजकोट पूर्व सीट से विधायक हैं. वीडियो में वो सरकार की ओर से चलाए जा रहे कम्युनिटी किचन यानी जरूरतमंदों के खाने के किचन में खड़े दिखाई देते हैं. उनके आसपास लोग खड़े होते हैं. इसी दौरान वे मास्क हटाकर थूकते नज़र आते हैं.

सोशल मीडिया पर घिरे:

इस दौरान उनके साथ राजकोट बीजेपी प्रमुख कमलेश मिराणी भी मौजूद थे. मामला सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर लोगों ने बीजेपी विधायक अरविंद रैयाणी को घेर लिया. लोगों ने कहा कि पीएम नरेंद्र मोदी लोगों से सफाई रखने को कह रहे हैं. वहीं उनकी पार्टी के लोग ही सफाई नहीं रख रहे.

गुजरात के राजकोट से बीजेपी विधायक अरविंद रैयाणी ने उस किचेन में थूक दिया जहां कोरोना लॉकडाउन से परेशान जरूरतमंदों का खाना बन रहा था। सोशल मीडिया पर रैयाणी की इस हरकत की तुलना जमातियों से करते हुए लोग मीडिया पर तंज़ कस रहे हैं। यूजर्स पूछ रहे हैं कि जमातियों पर थूकने का आरोप लगा कर उन्हें निशाना बनाने वाला मीडिया बीजेपी विधायक के थूकने पर ख़ामोश क्यों है।

वीडियो में देखा जा सकता है कि विधायक किस तरह से उस किचेन में थूक रहे हैं जहां जरूरतमंदों के लिए खाना बनता है। ये खाना उन लोगों में बांटा जाता है जिनके पास कोरोना लॉकडाउन के बाद खाने के लिए कुछ नहीं बचा। इस हरकत को लेकर बीजेपी विधायक पर कार्रवाई के रूप में 500 रुपए का जुर्माना लगाया गया है। जिसे विधायक द्वारा भर दिया गया है।

दिलचस्प बात तो ये है विधायक ने इस जुर्माने को खुद जाकर नहीं भरा बल्कि अधिकारी को अपने दफ़्तर बुलाकर जुर्माने की राशि दी। जब इस मामले के बारे में मीडिया ने रैयाणी से सवाल पूछा तो उन्होंने सफ़ाई देते हुए कहा, ‘मैं सब्जी चख रहा था, तभी पत्रकार आ गए और बाइट लेने लगे। इसी कारण मुंह से सब्जी ही थूकी। मुझे पान-मसाला खाने की कोई आदत ही नहीं है। आज ही सीएम रुपाणी ने संदेश दिया है, तो मैं ऐसा कैसे कर सकता हूं?”

बता दें कि अरविंद रैयाणी की छवि इलाक़े के दबंग विधायक के रूप में है। विवादों से उनका पुराना संबंध है। इससे पहले वो विवादों में तब घिरे थे जब पिछले साल एक महिला कमेंटेटर ने उनपर अभद्र व्यवहार करने का आरोप लगाया था। बाद में इस आरोप को खुद रैयाणी ने कबूल करते हुए महिला से माफ़ी भी मांग ली थी।

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Lockdown Gujarat: लॉकडाउन के दौरान गुजरात में डेप्यूटी मेयर ने 50 लोगों के साथ जैन साधू के दर्शन किए!

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लॉकडाउन के दौरान पशु-पक्षियों को भोजन की व्यवस्था के लिए शुरू किए गए अभियान में डेप्यूटी मेयर नीरव शाह अपने 50 साथियों के साथ जैन साधू के दर्शन के लिए चले गए। वीडियो वायरल होने के बाद इस पर विवाद शुरू हो गया है।

  • धारा 144 को भंग किया!
  • वीडियो वायरल हुआ!
  • क्या कानून के आम आदमी के लिए है?
     


 

क्या कहते हैं नीरव शाह?
कोरोना के आतंक के बीच पशु-पक्षियों के लिए आज से भोजन की व्यवस्था की गई है। इस दौरान पता चला कि गुरु भगवंत भी यहीं हैं, तो वहीं से हम सब उन्हें मंगल कामना देने चले आए। हम सब पशु-पक्षियों की सेवा के नाम पर वहां जमा हुए थे। यदि इससे कानून की अवहेलना होती है, तो उसके लिए मैं क्षमा चाहता हूं। भविष्य में इस बात का ध्यान रखूंगा।


स्पष्टीकरण मांगा जाएगा:
इस संबंध में भाजपा अध्यक्ष नीतिन भजियावाला ने कहा कि डेप्यूटी मेयर जवाबदार व्यक्ति हैं, यदि वे धारा 144 का उल्लंघन करते हैं, तो उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज की जानी चाहिए। यदि मैं भी ऐसा करता हूं, तो मेरे खिलाफ भी एफआईआर दर्ज होनी चाहिए। नीरव शाह से स्पष्टीकरण मांगा जाएगा, ताकि पूरे मामले का खुलासा हो सके।


प्रशासन की खामोशी पर उठे सवाल
शहर के डेप्यूटी मेयर ने लॉकडाउन के दौरान जैन आचार्य के दर्शन अपने साथियों के साथ किया। इसका वीडियो भी वायरल हुआ है। जिससे पता चलता है कि उन्होंने धारा 144 का खुला उल्लंघन किया है। इस पर जिला प्रशासन खामोश क्यों है? क्या कानून केवल आम आदमी के लिए ही है।


वायरल वीडियो ताजा है
वायरल वीडियो के बारे में कहा गया है कि वह ताजा ही है। शहर में अडाजण में गुरु रामपावन भूमि में कोरोना के कहर के बीच भूखे पशु-पक्षियों के लिए खुराक देने के लिए जैन श्वेताम्बर मूर्तिपूजक युवक महासंघ सूरत द्वारा जीव मेत्री सेवा यज्ञ शुरू किया गया था। इसमें जैन आचार्य भी उपस्थित थे। यहीं पर नीरव शाह ने अपने साथियों के साथ जैन साधू के दर्शन किए थे। इसके बाद ही जीव मेत्री सेवा यज्ञ की शुरुआत हुई थी।


सोशल डिस्टेंसिंग भूले नीरव शाह
नीरव शाह मूल रूप से बिल्डर हैं। वे शिक्षित हैं। इसके बाद भी सामूहिक रूप से उन्होंने जैन साधू के दर्शन किए। क्या वे सोशल डिस्टेंडिंग को भूल गए। उनसे ऐसी अपेक्षा नहीं थी। आखिर उन्होंने ऐसा क्यों किया? यह समझ से परे है। इस तरह की चर्चा शहर में चल रही है।

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