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विदेश न्यूज़


कोरोना दुनिया में:स्विट्जरलैंड ने 1000 से ज्यादा लोगों के जुटने पर 1 अक्टूबर तक प्रतिबंध बढ़ाया, रूस में बने वैक्सीन का पहला बैच दो हफ्ते में तैयार होगा; दुनिया में 2.06 करोड़ मरीज

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स्विट्जरलैंड ने 1000 से ज्यादा लोगों के जुटने पर 1 अक्टूबर तक प्रतिबंध बढ़ाया, रूस में बने वैक्सीन का पहला बैच दो हफ्ते में तैयार होगा; दुनिया में 2.06 करोड़ मरीज|

यह रूस द्वारा बनाए गए कोरोना वैक्सीन का सैम्पल है। इसे गैमालेया रिसर्च इंस्टीट्यूट ऑफ एपिडेमियोलॉजी एंड माइक्रोबायोलॉजी द्वारा बनाया गया है।

दुनिया में अब तक 7.48 लाख मौतें हुईं, 1.35 करोड़ लोग ठीक हुए
अमेरिका में अब तक 53 लाख संक्रमित, जबकि 1.68 लाख मौतें हुईं

दुनिया में कोरोनावायरस संक्रमण के अब तक 2 करोड़ 6 लाख 49 हजार 711 मामले सामने आ चुके हैं। इनमें 1 करोड़ 35 लाख 47 हजार 161 मरीज ठीक हो चुके हैं। 7 लाख 48 हजार 658 की मौत हो चुकी है। ये आंकड़े

स्विट्जरलैंड ने 1000 से ज्यादा लोगों के जुटने पर प्रतिबंध 1 अक्टूबर तक बढ़ा दिया है। देश में कोरोना के मामले बढ़ रहे हैं। यह प्रतिबंध 31 अगस्त को खत्म होने वाला था। देश में 27 अप्रैल के बाद प्रतिबंधों में राहत देनी शुरू की गई थी। 85 लाख आबादी वाले देश में 37,079 लोग संक्रमित हैं, जबकि 1713 की मौत हो चुकी है।

रूस ने बुधवार को कहा कि कोरोना वैक्सीन स्पुतनिक वी का पहला बैच दो हफ्ते में तैयार कर लिया जाएगा। उधर, अमेरिकी हेल्थ एक्सपर्ट डॉ. एंथनी फौसी ने कहा कि उन्हें संदेह है कि वैक्सीन कोरोना मरीजों पर काम करेगी। उन्होंने कहा कि वैक्सीन बनाना और इसे सुरक्षित साबित करना अलग बात है। हालांकि, रूस ने सुरक्षा को लेकर सभी चिंताओं को खारिज कर दिया है

दुनिया में संक्रमण की डरावनी रफ्तार

एयर इंडिया ने यूरोप के पांच शहरों में उड़ानों पर रोक लगा दी है। महामारी के चलते आर्थिक नुकसान होने के चलते अब मेड्रिड, मिलान, कोपेनहेगन, वियना और स्टॉकहोम के लिए उड़ानों का संचालन नहीं किया जाएगा।

जर्मनी में तीन महीने में पहली बार संक्रमण के एक दिन में 1200 केस मिले हैं। यहां 2.19 लाख मामलों की पुष्टि हो चुकी है, जबकि 9268 लोगों की मौत हो चुकी है।

चीन: 36 यूरोपीय देश के लोगों को आने की इजाजत

6 महीने बाद 36 यूरोपीय देशों के लोगों को चीन आने की इजाजत दे दी गई है। इनमें फ्रांस, जर्मनी और ब्रिटेन जैसे देश शामिल हैं। महामारी फैलने के बाद मार्च में चीन ने करीब सभी दूसरे देशों से लोगों के चीन आने पर रोक लगा दी थी। दूसरे देशों में रहने वाले चीन के नागरिक भी अपने देश नहीं लौट सकते थे। चीन के विदेश मंत्रालय ने सोमवार को इसकी जानकारी दी। यूरोपीय पासपोर्ट रखने वाले सभी लोगों को चीन का नया वीजा लेना होगा। हालांकि इसके लिए उनसे कोई चार्ज नहीं लिया जाएगा।

चीन की राजधानी बीजिंग में बुधवार को अमेरिकी फास्ट फूड आउटलेट खुलने के बाद ऑर्डर प्लेस करते मास्क लगाए कस्टमर। महामारी के बाद पहली बार इस आउटलेट को खोलने की मंजूरी दी गई है।

चीन की राजधानी बीजिंग में बुधवार को अमेरिकी फास्ट फूड आउटलेट खुलने के बाद ऑर्डर प्लेस करते मास्क लगाए कस्टमर। महामारी के बाद पहली बार इस आउटलेट को खोलने की मंजूरी दी गई है।

अमेरिका: वैक्सीन खरीदने के 11 हजार करोड़ रु. का सौदा तय

अमेरिकी सरकार ने वैक्सीन तैयार करने वाली कंपनी मॉडर्ना से 10 करोड़ वैक्सीन खरीदने का करार किया है। यह सौदा 1.5 बिलियन डॉलर (करीब 11 हजार करोड़ रु.) में तय हुआ है। मॉडर्ना के दो डोज वाली एक वैक्सीन की कीमत 30.50 डॉलर (करीब 2300 रुपए होगी)। माॅडर्ना वैक्सीन का ह्यूमन ट्रायल करने वाली दुनिया की सबसे पहली कंपनी है।

अमेरिका के फ्लोरिडा स्थित एक टेस्टिंग सेंटर पर मंगलवार को जांच के बाद एक कार सवार को जाने का इशारा करती एक स्वास्थ्यकर्मी।

अमेरिका के फ्लोरिडा स्थित एक टेस्टिंग सेंटर पर मंगलवार को जांच के बाद एक कार सवार को जाने का इशारा करती एक स्वास्थ्यकर्मी।

अर्जेंटीना: संक्रमण का आंकड़ा 5 हजार के पार

अर्जेंटीना के स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक, मंगलवार को वहां कोरोना से 240 लोगों की जान गई। इनमें सबसे ज्यादा 207 मौतें राजधानी ब्यूनस आयर्स में हुई हैं। इसके साथ ही देश में मौतों का आंकड़ा 5 हजार के पार हो गया है। बीते 24 घंटे में यहां 7 हजार से ज्यादा संक्रमित भी मिले हैं। अब देश में संक्रमितों की संख्या 2 लाख 60 हजार 911 हो गई है।

रूस: संक्रमितों का आंकड़ा 9 लाख के करीब

रूस में संक्रमितों की संख्या 9 लाख के करीब पहुंच चुकी है। यहां पर अब तक 15 हजार से ज्यादा मौतें हुईं हैं। राजधानी मॉस्को सबसे ज्यादा प्रभावित है। मॉस्को में मंगलवार को 12 लोगों की जान गई। इसके साथ ही इस शहर में अब तक मरने वालों का आंकड़ा 4611 हो गया है। रूस ने मंगलवार को कोरोना वैक्सीन तैयार करने और इसे रजिस्टर कराने का ऐलान किया। इस वैक्सीन का नाम स्पूतनिक-वी रखा गया है।

रूस की राजधानी मॉस्को में मंगलवार को एक टेस्टिंग सेंटर पर एक व्यक्ति से पूछताछ करती महिला पुलिस.

रूस की राजधानी मॉस्को में मंगलवार को एक टेस्टिंग सेंटर पर एक व्यक्ति से पूछताछ करती महिला पुलिसकर्मी।

न्यूजीलैंड: संसद भंग करने का समय बढ़ाया

न्यूजीलैंड ने महामारी को देखते हुए संसद भंग करने का समय कुछ दिन आगे बढ़ाने का फैसला किया है। प्रधानमंत्री जेसिंडा अर्डर्न ने बुधवार को इसका ऐलान किया। देश में 19 सितंबर को संसदीय चुनाव होना है। यहां पर चुनाव से पहले संसद भंग की जाती है, जिसके लिए 12 अगस्त का समय तय किया गया था। हालांकि, प्रधानमंत्री ने कहा कि चुनाव की तारीख आगे बढ़ाने के बारे में फिलहाल कोई फैसला नहीं किया गया है। मंगलवार को यहां 102 दिन बाद संक्रमण का नया मामला सामने आने के बाद ऑकलैंड को लॉकडाउन कर दिया गया था।

न्यूजीलैंड के ऑकलैंड स्थित एक टेस्टिंग सेंटर पर मंगलवार को पहुंची एक महिला के बारे में जानकारी नोट करते स्वास्थ्यकर्मी।

न्यूजीलैंड के ऑकलैंड स्थित एक टेस्टिंग सेंटर पर मंगलवार को पहुंची एक महिला के बारे में जानकारी नोट करते स्वास्थ्यकर्मी।

कोलंबिया: देश में 4 लाख से ज्यादा संक्रमित

कोलंबिया में मंगलवार को 12 हजार 830 नए मामले सामने आए। यहां एक दिन में यह संक्रमितों का सबसे बड़ा आंकड़ा है। देश में 4 लाख 10 हजार 453 केस आ चुके हैं। बीते 24 घंटे में हुई 321 मौतें के साथ यहां मृतकों का आंकड़ा 13 हजार 475 हो गया है। राजधानी बोगोटा महामारी से सबसे ज्यादा प्रभावित है। बोगोटा में अब तक 1 लाख 41 हजार 994 मामले सामने आए हैं।

कोलंबिया की राजधानी बोगोटा के एक अस्पताल में मंगलवार को एक संक्रमित का इलाज करते स्वास्थ्यकर्मी.

कोलंबिया की राजधानी बोगोटा के एक अस्पताल में मंगलवार को एक संक्रमित का इलाज करते स्वास्थ्यकर्मी।

जर्मनी: स्वास्थ्य मंत्री ने कहा- रूस की वैक्सीन पर भरोसा नहीं

जर्मनी के स्वास्थ्य मंत्री जेन्स स्पान्ह ने बुधवार को कहा कि मुझे रूस की ओर से तैयार किए गए वैक्सीन पर भरोसा नहीं है। उन्होंने एक रेडियो चैनल को दिए गए इंटरव्यू में कहा कि महामारी के इस समय में यह जरूरी है कि वैक्सीन का सही ढंग से टेस्ट किया जाए। खास तौर पर इससे जुड़े टेस्ट सार्वजनिक किए जाएं। हालांकि, रूस के अधिकारियों ने इसके बारे में ज्यादा जानकारी नहीं दी है।

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US प्रेसिडेंट इलेक्ट बाइडेन अगले हफ्ते सार्वजनिक तौर पर वैक्सीन लगवाएंगे; जर्मनी में एक दिन में 954 लोगों की मौत।

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Corona World: दुनिया में कोरोना मरीजों का आंकड़ा 7.45 करोड़ के ज्यादा हो गया। 5 करोड़ 23 लाख से ज्यादा लोग ठीक हो चुके हैं। अब तक 16 लाख 54 हजार से ज्यादा लोग जान गंवा चुके हैं। अमेरिका में वैक्सीनेशन शुरू हो चुका है। यहां कुछ लोग वैक्सीन लगवाने से डर रहे हैं। इसी डर को दूर करने के लिए प्रेसिडेंट इलेक्ट जो बाइडेन अगले हफ्ते वैक्सीनेशन कराएंगे। जर्मनी में संक्रमण से मौतों का सिलसिला अचानक तेज हो गया है।


पहला- 20 जनवरी को होने वाले शपथ ग्रहण समारोह में मेहमानों की संख्या काफी कम रहेगी। आमतौर पर इस समारोह के लिए करीब 2 लाख टिकट बेचे जाते हैं। लेकिन, इस बार कोरोना की वजह से सिर्फ एक हजार टिकट ही बेचे जाएंगे। इनके अलावा सीनेट और हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स के 535 सदस्य होंगे। विस्तार से जानकारी जल्द दी जाएगी।

दूसरा- प्रेसिडेंट इलेक्ट जो बाइडेन अगले हफ्ते सार्वजनिक रूप से वैक्सीनेशन कराएंगे। वर्तमान में उप राष्ट्रपति माइक पेंस पत्नी करेन के साथ शुक्रवार को वैक्सीनेशन कराएंगे। ‘द गार्डियन’ की एक रिपोर्ट के मुताबिक, बाइडेन ने खुद माना है कि देश के इन्फेक्शियस डिसीज एक्सपर्ट और ट्रम्प की कोरोना टास्क फोर्स के एक्सपर्ट डॉक्टर एंथोनी फौसी ने उन्हें जल्द वैक्सीन लगवाने को कहा है।

जर्मनी में वैक्सीन से पहले हालात बिगड़े  हैं।  जर्मन सरकार और यहां का हेल्थ रेग्युलेटर 27 दिसंबर को वैक्सीन को मंजूरी दे सकते हैं। सबसे पहले यह केयर होम्स में रह रहे बुजुर्ग लोगों को दी जाएगी। इसके बाद बाकी लोगों का नंबर आएगा। जर्मनी बायोएनटेक और फाइजर की वैक्सीन को मंजूरी देने जा रहा है।
वैक्सीनेशन के पहले जर्मनी में हालात बिगड़ रहे हैं। यहां बुधवार को एक दिन में 952 लोगों की मौत हुई। दुकानें, स्कूल और तमाम गैर जरूरी संस्थान बंद कर दिए गए हैं। जर्मनी में 11 दिन से हर दिन औसतन 400 लोगों की मौत हो रही है। दूसरी तरफ, फ्रांस ने 6 हफ्ते के सख्त लॉकडाउन से हालात बहुत हद तक काबू कर लिए हैं।

नेतन्याहू भी वैक्सीनेशन कराएंगे
इजराइल के प्राइम मिनिस्टर बेंजामिन नेतन्याहू इसी हफ्ते वैक्सीनेशन कराएंगे। माना जा रहा है कि अगले हफ्ते नेतन्याहू फाइजर की वैक्सीन सार्वजनिक रूप से लगवाएंगे। हालांकि, सरकार ने यह साफ नहीं किया है कि देश में वैक्सीनेशन प्रोग्राम पूरे तौर पर कब शुरू होगा।

कोरोना की होम टेस्ट किट उपलब्ध है।
ऑस्ट्रेलिया ने कोरोना की होम टेस्ट किट तैयार करने में कामयाबी हासिल की है। यह किट एल्यूमे कंपनी ने तैयार की है। खास बात यह है कि अमेरिकी सरकार ने इसको अपने देश में इस्तेमाल की मंजूरी भी दे दी है। अमेरिका में फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (FDA) ने एक बयान में कहा- इस टेस्ट किट से 20 मिनट में कोविड-19 का टेस्ट रिजल्ट आ जाएगा। इस टेस्ट किट में नाक से स्वाब लेकर टेस्ट किया जाता है।

 

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रूस ने बनाई दुनिया की पहली कोरोना वैक्सीन Sputnik V, कब और कितने दाम में मिलेगी; जानें सबकुछ

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मॉस्‍को: रूस ने दुनिया की पहली कोरोना वैक्सीन बना लेने का ऐलान मंगलवार को किया. खुद राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने इसका ऐलान करते हुए कहा कि उनके देश ने कोरोना वायरस की पहली वैक्सीन बना ली है. उन्होंने यह भी बताया कि उनकी बेटी को भी यह टीका लगाया गया है और वह अच्छा महसूस कर रही है. रूस ने इस वैक्सीन का नाम स्पुतनिक-5 (Sputnik V) रखा है कि जो उसके एक उपग्रह का भी नाम है. दावा है कि इस टीके से Covid-19 के खिलाफ स्थाय़ी इम्यूनिटी विकसित की जा सकती है.

मंगलवार को रूस के स्वास्थ्य मंत्रालय ने वैक्सीन को सफल करार दिया. इसी के साथ व्लादिमीर पुतिन ने ऐलान किया कि रूस में जल्द ही इस वैक्सीन का प्रोडक्शन शुरू किया जाएगा और बड़ी संख्या में वैक्सीन की डोज़ बनाया जाएगा. रूस के राष्‍ट्रपति ने कहा, "इस सुबह दुनिया में पहली बार, नए कोरोना वायरस के खिलाफ वैक्‍सीन रजिस्‍टर्ड हुई." उन्‍होंने उन सभी को धन्‍यवाद दिया जिन्‍होंने इस वैक्‍सीन पर काम किया है. पुतिन ने कहा कि वैक्‍सीन सारे जरूरी टेस्‍ट से गुजरी है. अब यह वैक्‍सीन बड़े पैमाने पर उत्पादन के लिए भेजी जाएगी. रूस के स्‍वास्‍थ्‍य मंत्री मिखाइल मुराशको ने बताया कि, इसी महीने से हेल्‍थ वर्कर्स को वैक्‍सीन देने की शुरुआत की जा सकती है. रूस में सबसे पहले फ्रंट लाइन हेल्थ वर्कर्स को कोरोना का टीका लगाया जाएगा. इसके बाद सीनियर सिटिजंस को वैक्‍सीन दी जाएगी.

दुनिया में सबसे पहले किसे मिलेगी ये वैक्‍सीन, जानें
रूस ने बेशक सबसे पहले कोरोना वायरस की वैक्सीन बनाने का दावा कर लिया हो लेकिन अभी भी दुनिया के कई देश इस वैक्सीन को लेने में संदेह जाहिर कर रहे हैं. दुनिया के पश्चिमी देशों सहित वर्ल्‍ड हेल्‍थ ऑर्गनाइजेशन ने चिंता जताई है कि बिना पर्याप्‍त डेटा के वैक्‍सीन सप्‍लाई करना अभी सही नहीं होगा. यूनाइटेड किंगडम ने साफ तौर पर अपने देश के नागरिकों को इस वैक्सीन की डोज देने से मना कर दिया है. विश्व स्वास्थ्य संगठन, युनाइटेड किंगडम सहित पश्चिमी देशों के ऐसे सवालों की वजह से हो सकता है कि शुरुआती दौर में वैक्‍सीन अभी दूसरे देशों को न भेजी जाए. रूस पहले इसे अपने देश में उपयोग में लाएगा और फिर अन्य देश इसका असर देखने के बाद इस पर कोई फैसला लेंगे.

जानिए क्या होगा कोरोना वैक्सीन का दाम
रूस ने कोरोना महामारी पर शिकंजा कसने के लिए हथियार ईजाद कर दिया है यह पूरी दुनिया के लिए सबसे बड़ी उपलब्धि साबित हो सकती है. इस वैक्सीन की कीमत के बारे में सबको उत्सुकता है कि इस वैक्सीन का दाम क्या होगा. रूस की एजेंसी TASS के मुताबिक, रूस में यह वैक्‍सीन 'फ्री ऑफ कॉस्‍ट' उपलब्‍ध होगी, यानि कि रूस अपने देश के नागरिकों को यह वैक्सीन बिना पैसों के ही उपलब्ध करवाएगा. रूस ने बताया कि इस वैक्सीन पर आने वाली लागत को देश के बजट से पूरा किया जाएगा. रूस बाहरी देशों को ये वैक्सीन कितने दामों पर बेचेगा इस बात का खुलासा अभी रूस ने नहीं किया है.

जानिए कब तक मिलेगी वैक्सीन?
रूस ने कोरोना वैक्सीन के सफल परीक्षण का दावा कर लिया है लेकिन अभी इस वैक्सीन की कुछ सीमित डोज ही तैयार की गई हैं. आपको बता दें कि इस वैक्सीन को रेगुलेटरी अप्रूवल भी मिल चुका है. अब इस वैक्सीन का इंडस्ट्रियल प्रोडक्शन अगले महीने यानि कि सितंबर से शुरू हो सकता है. रूस ने कहा है कि वो अक्टूबर के महीने से देशभर में कोरोना वायरस के टीकाकरण की शुरुआत कर सकता है.

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लेबनान की राजधानी बेरूत में हुआ दिल दहलाने वाला विस्फोट, मरने वालों की संख्या बढ़कर 113 हुई

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बेरूत: लेबनान देश के बेरूत में हुए दिल दहला देने वाले धमाके को लेकर लेबनान के प्रधानमंत्री हसन दियाब ने प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने  इसे एक ख़तरनाक वेयरहाउस बताया है. साथ ही उन्होंने कहा है कि इस घटना के लिए जो भी ज़िम्मेदार हैं उन्हें नहीं बख़्शा जाएगा. प्रधानमंत्री के अलावा लेबनान के राष्ट्रपति ने भी इसपर बयान दिया है. राष्ट्रपति मिशेल आउन ने कहा है कि इस बात को किसी भी तरह स्वीकार नहीं किया जा सकता कि आख़िर कैसे 2,750 टन अमोनियम नाइट्रेट वहां असुरक्षित तरीक़े से रखा हुआ था.

लेबनान के प्रधानमंत्री हसन दियाब ने बेरूत में धमाके के बाद टेलीविजन पर दिए एक संक्षिप्त भाषण में सभी देशों और लेबनान के मित्रों से मदद की अपील की. उन्होंने कहा कि ‘‘हम वास्तव में आपदा का सामना कर रहे हैं.’’ दियाब ने अपने वादे को दोहराया कि जो भी बेरूत के बंदरगाह पर भारी धमाके के लिए जिम्मेदार होगा, उसको इसकी कीमत चुकानी होगी. हालांकि, उन्होंने इसके पीछे के कारणों पर टिप्पणी नहीं की.

लेबनान के बेरूत शहर में हुए भीषण बम धमाकों में मरने वालों की संख्या बढ़कर 113 हो गई है. लेबनान के स्वास्थ्य मंत्री हमाद हसन ने इस बात की जानकारी दी. कहा जा रहा है कि इस घटना में करीब 4000 लोग घायल हुए हैं. वहीं न्यूज एजेंसी एएफपी के मुताबिक, लेबनान की कैबिनेट ने ब्लास्ट को लेकर अधिकारियों के हाउस अरेस्ट की मांग की है इस वजह से वहां दो सप्ताह इमरजेंसी जैसे हालात हैं.

जानकारी के मुताबिक, यह विस्फोट मंगलवार शाम (लगभग 6.10 बजे स्थानीय समय) को हुए. ये धमाके इतने शक्तिशाली थे कि पूरे शहर की इमारतें थर्रा गईं, जिसके कारण इंसानी जीवन और संपत्ति को इतना बड़ा नुकसान हुआ.

राष्ट्रपति मिशेल एउन ने बताया उर्वरकों और बमों में इस्तेमाल किए गए 2750 टन अमोनियम नाइट्रेट को बिना सुरक्षा उपायों के बंदरगाह पर छह साल तक संग्रहित किया गया था. उन्होंने कहा कि यह "अस्वीकार्य" था.

बेरूत के मेयर जमाल इटानी ने बुधवार को नुकसान का निरीक्षण करते हुए मीडिया से कहा, "यह युद्ध क्षेत्र की तरह है. मैं नि:शब्द हूं. यह बेरूत और लेबनान के लिए एक तबाही है."

विस्फोट से हुए नुकसान को लेकर इस क्षेत्र के कई देशों ने लेबनान के साथ सहानुभूति जताई है. कोविड-19 महामारी और उसके कारण आर्थिक संकट से जूझ रहे लेबनान के लिए ये विस्फोट एक और बड़ा झटका हैं.

ईरान के विदेश मंत्री मोहम्मद जवाद जरीफ ने मंगलवार को कहा कि वह लेबनान को मदद देने के लिए तैयार है. जरीफ ने ट्वीट किया, "हमारी प्रार्थनाएं लेबनान के लोगों के साथ हैं. हमेशा की तरह ईरान हर आवश्यक सहायता देने के लिए पूरी तरह से तैयार है." इसके अलावा तुर्की, मिस्त्र और फिलीस्तीन ने भी इस विस्फोट में मारे गए लोगों और उनके परिवारों के प्रति अपनी संवदेनाएं जताईं हैं. साथ ही लेबनान के साथ एकजुटता दिखाते हुए मदद का भरोसा दिलाया है.
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नेपाल ने भारतीय सभी निजी न्यूज चैनलों को किया बैन, MSO ने लिया फैसला

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काठमांडू: भारत के साथ आये दिन जारी तनातनी के बीच नेपाल के केबल ऑपरेटर्स ने अपने देश में सभी भारतीय निजी न्यूज चैनलों पर प्रतिबंध लगा दिया है. हालांकि उनके इस प्रतिबंध से दूरदर्शन को बाहर रखा गया है.

यह कदम भारतीय न्यूज चैनलों द्वारा नेपाल के कवरेज को लेकर ऑनलाइन स्तर पर हुई भारी आलोचना के मद्देनजर लिया गया है, इसमें नेपाली नेतृत्व को लेकर खराब छवि पेश की गई थी.

भारतीय निजी न्यूज चैनलों पर प्रतिबंध का फैसला विदेशी समाचार वितरक संगठन मल्टी-सिस्टम ऑपरेटर्स (MSO) द्वारा भारत के राष्ट्रीय समाचार नेटवर्क, दूरदर्शन को छोड़कर सभी निजी चैनलों पर रोक लगा दी गई.

नेपाल के सूचना और प्रसारण मंत्री युबराज खातिवाड़ा ने गुरुवार शाम को इस फैसले के बारे में बताते हुए कहा कि नेपाल राजनीतिक और कानूनी उपायों की तलाश कर सकता है. साथ ही भारतीय मीडिया द्वारा नेपाल की संप्रभुता और गरिमा पर हमला करने की खबरों के खिलाफ राजनयिक स्तर पर उठा सकता है.

नेपाल में भारतीय मीडिया रिपोर्टों के खिलाफ नाराजगी देखी गई जब कुछ समाचार चैनलों पर प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली और नेपाल में चीन की राजदूत होउ यांकी सहित कई नेपाली नेताओं के चरित्र को लेकर सवाल उठाए गए.

हालांकि, अभी तक इस संबंध में नेपाली सरकार द्वारा कोई आधिकारिक आदेश जारी नहीं किया गया है. यह फैसला ऐसे समय आया है जब भारत और नेपाल के बीच नेपाली नक्शे को लेकर विवाद चल रहा है.

सीमा विवाद के कारण भारत और नेपाल के बीच इन दिनों रिश्ते तनावपूर्ण चल रहे हैं. 8 मई को रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने लिपुलेख से धाराचूला तक बनाई गई एक सड़क का उद्घाटन किया था. लेकिन नेपाल ने लिपुलेख को अपना हिस्सा बताते हुए विरोध किया. 18 मई को उसने अपना नया नक्शा जारी किया. इसमें भारत के 3 इलाके लिपुलेख, लिम्पियाधुरा और कालापानी को अपना हिस्सा बता दिया.

 

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