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मध्य प्रदेश


मध्यप्रदेश के रीवा में खाना मांग रहे प्रवासी मजदूरों पर पुलिस का लाठीचार्ज, हरियाणा में भी मजदुर प्रवासी को दौड़ा-दौड़ाकर पीटा

News Byte

रीवा: केंद्र सरकार ने आदेश जारी किया है कि प्रवासी मजदूरों को उनके घर तक सुरक्षित पहुंचाने की जिम्मेदारी राज्य सरकारों की है. ऐसे में राज्य सरकारें अपने-अपने बॉर्डर पर अस्थाई शेल्टर होम बनाकर मजदूरों को रोक रही हैं. लेकिन ऐसे में मजदूरों के लिए खाने-पीने की व्यवस्था करना बड़ी चुनौती बन गया है. एमपी-यूपी बॉर्डर पर रीवा में भूख से बेहाल मजदूरों ने प्रदर्शन किया. तो जवाबी कार्यवायी में पुलिस ने भूखे और बेबस मजदूरों पर लाठीचार्ज किया.

केंद्र सरकार के आदेश के बाद मध्य प्रदेश के रीवा के चाकघाट बॉर्डर पर पुलिस ने पलायन कर रहे मजदूरों को रोकना शुरु किया. देखते ही देखते यहां हजारों की भीड़ जमा हो गई. इतनी भीड़ के लिए प्रशासन भी तैयार नहीं था. ऐसे में खाने की मांग करते हुए मजदूरों ने नारेबाजी शुरू कर दी. हालात को संभालने के लिए एसपी आबिद खान भी मौके पर पहुंचे लेकिन ये भी मजदूरों को कोरे वादों की खुराक देकर निकल गए.

लेकिन जब रात 11 बजे तक भी मजदूरों को खाना नहीं मिला तो मजदूरों ने हंगामा शुरू कर दिया. हाइवे जाम कर दी गई. घटना की जानकारी मिलते ही मौके पर भारी संख्या पर पुलिस बुला ली गई और फिर पुलिस ने भूखे मजदूरों पर लाठीचार्ज किया.

हरियाणा में भी मजदूरों पर हुआ लाठीचार्ज

देश में एक तरफ जहां कोरोना संक्रमण का आंकड़ा लगातार बढ़ रहा है. दूसरी तरफ प्रवासी मजदूरों का पलायन भी एक बड़ी समस्या बन गई है. हरियाणा बॉर्डर पर भी प्रवासी मजदूरों और पुलिस के बीच हंगामा और मारपीट हुई. पुलिस ने जब लाठियां भांजी तो मजदूर खेतों की तरफ भागने लगे. इस भागमभाग में मजदूरों के सामान सड़क पर बिखर गए. डंडे से बचने के लिए मजदूर अपनी साइकिल, बस्ता बीच सड़क पर छोड़कर भागे. पुलिस और प्रवासी मजदूरों के बीच झड़प की ये घटना हरियाणा के यमुना नगर के करेड़ा खुर्द गांव की है.

बताया जा रहा है कि पंजाब, चंडीगढ़ से मजदूरों का एक जत्था पैदल अपने गांव जा रहा था. जैसे ही ये लोग हरियाणा के करेड़ा खुर्द गांव में पहुंचे तो पुलिस ने रोक दिया. केंद्र सरकार के आदेश मुताबिक मजदूरों को गांव में ही बने एक शेल्टर होम में जाने के लिए कहा गया. इस बात से नाराज मजदूरों ने सड़क जाम करने की कोशिश की. इतने में गांव के शेल्टर होम में पहले से रोके गए मजदूर भी यहां पहुंचे जिसके बाद हंगामा हो गया.

पुलिस ने मजदूरों को शांत करने की कोशिश की तो मजदूर पुलिस से ही उलझ पड़े. इसके बाद पुलिस ने भी आपा खो दिया. इस लाठीचार्ज में दो-तीन मजदूर घायल भी हुए है. इस झड़प के बाद आला अधिकारियों ने मजदूरों को समझा बुझाकर शेल्टर होम में भेज दिया और सड़क फिर खोल दी गई.

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मध्यप्रदेश: कोरोना संकट के बिच भोपाल से बीजेपी सांसद प्रज्ञा ठाकुर की गैर-मौजूदगी पर कांग्रेस का हमला

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भोपाल: मध्यप्रदेश में कोरोना का काफी प्रकोप देखने को मिल रहा है, इस बीच भोपाल से लोकसभा सांसद साध्वी प्रज्ञा सिंह ठाकुर को कथित तौर पर लापता करार देते हुए मध्यप्रदेश के पूर्व मंत्री एवं कांग्रेस के वरिष्ठ विधायक पीसी शर्मा ने कहा कि कोरोना महामारी के इतने अहम समय में जब लोगों को उनकी सेवाओं की सबसे ज्यादा जरूरत है, मैदान से उनका लापता होना अत्यधिक दुर्भाग्यपूर्ण है.

पीसी शर्मा ने कहा, "यह वास्तव में दुर्भाग्यपूर्ण है कि जब कोरोना संकट के दौर में लोगों को खाने, चिकित्सा सहायता और ई-पास आदि के लिए निर्वाचन क्षेत्र में उनकी मदद की जरुरत है तो ऐसे में वह भोपाल से गायब हैं."

उन्होंने कहा कि भोपाल की जनता ने उनको बड़े अंतर से विजयी बनाया और लोगों को उनसे बहुत उम्मीदें हैं लेकिन वास्तव में यह बेहद दुखद है कि वह इतने अभूतपूर्व संकट की घड़ी में वह कहीं दिखाई नहीं दे रही हैं.

हालांकि भोपाल के पूर्व सांसद और प्रज्ञा के करीबी आलोक संजर ने कहा, "ऐसा लगता है कि शर्मा को उनके बारे में कोई जानकारी नहीं हैं, वह अपने स्वास्थ्य मामलों के चलते दिल्ली के एक अस्पताल में भर्ती हैं." संजर ने बताया कि प्रज्ञा ने बुधवार को पार्टी नेताओं की कोविड-19 के संबंध में बैठक में वीडियो कांफ्रेंस के जरिए हिस्सा लिया था.

जब इस बारे में शर्मा को बताया गया, तो उन्होंने कहा, "हमारी सहानुभूति उनके साथ है लेकिन उन्हें यह सुनिश्चित करना चाहिए कि लोगों को इस संकट के समय सहायता मिल सके. लोगों को भोजन, ई-पास और अन्य बातों के लिए बहुत कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है, लेकिन उनकी तरफ से कोई भी लोगों की मदद करने नहीं आया है."

 

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Lockdown MP: मध्य प्रदेश में किसानों पर लाठीचार्ज, कमलनाथ बोले - फिर किसानों पर गोली चलवाएंगे क्या शिवराज?

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जहा मध्य प्रदेश की जनता कोरोना लॉकडाउन से आर्थिक मुसीबतो से गुजर रही है, वही अब मंदसौर में किसानों पर गोली चलवाने वाली शिवराज सिंह सरकार ने एक बार फिर मध्यप्रदेश में किसानों पर ज्यादती की है. मध्य प्रदेश के श्योपुर में बडोरा मंडी में गेहूं की खरीदने वाने केंद्र पर किसानों के साथ बदसलूकी का मामला सामने आया है.

खबर के मुताबिक, खरीदी केंद्र पर किसानों की लाइन लगी हुई थी, तभी वहां तहसीलदार ने एक किसान को धक्का दे दिया. किसानों ने इसका विरोध किया, धक्का-मुक्की के बाद नाराज किसानों पर पुलिस ने लाठीचार्ज कर दिया.

बता दें कि खरीदी केंद्र पर पिछले चार दिन से किसानों की लाइन लगी हुई थी, बता दें कि अभी एक महीने पहले ही बीजेपी ने कांग्रेस विधायकों को तोड़-मरोड़ कर अपनी सरकार बना ली है.

शिवराज सिंह चौहान प्रदेश के नए मुख्यमंत्री बन गए हैं, जो किसान हित की बात करते हैं, अपने को किसान हितैषी बताते हैं. लेकिन उन्हीं की सरकार में किसानों को पुलिस द्वारा कभी गोली मार दी जाती है तो कभी गेहूं बेचते हुए लाठी मार दी जा रही है.

किसानों पर लाठीचार्ज की घटना को लेकर मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने शिवराज सरकार पर जोरदार हमला बोलते हुए ट्वीट किया है. कमलनाथ ने लिखा, "शिवराज जी आपकी 1 माह की सरकार में ही प्रदेश में किसानों का दमन प्रारंभ हो गया है. आपकी पूर्व की सरकार में अपना हक मांग रहे निर्दोष किसानों के सीने पर किस प्रकार गोलियां दागी गईं, उनके कपड़े उतारकर उन्हें थानों में बंद किया गया. उनका किस प्रकार दमन किया, यह पूरे प्रदेश ने देखा है. वही इतिहास आपकी वर्तमान सरकार के 1 माह में ही दोहराने का काम फिर से किया जा रहा है."

 

 

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गांव के एक ही नाई की दुकान में हजामत बनवाने गए, साथ में घर कोरोना लेके आये, एक ही नाई से हजामत करने पे ६ लोगो को हुआ कोरोना

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भोपाल: मध्यप्रदेश में कोरोना के नए मामले सामने आये है, खरगोन जिले के बड़गांव में छह लोग कोरोना वायरस से संक्रमित पाए गए हैं. ये सारे लोग गांव में एक ही नाई की दुकान में हजामत बनवाने गए थे. मामला सामने आने के बाद पूरे गांव को पुलिस ने सील कर दिया है. आरोप है कि नाई ने शेविंग और बाल काटने के लिए एक ही कपड़े का इस्तेमाल किया.

खरगोन के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ दिव्येश वर्मा ने कहा कि बड़ागांव का एक युवक, जो इंदौर में एक होटल में काम करता है, गांव लौटा और उसने स्थानीय सैलून में हजामत करवाई. इसके बाद नाई ने उसी तौलिये, कैंची-उस्तरे से दूसरे ग्राहकों की भी कटिंग-शेविंग की. युवक के संक्रमित पाए जाने के बाद उस दिन सैलून में आए 10-12 लोगों का टेस्ट करवाया गया जिसमें से छह लोगों की रिपोर्ट पॉजिटिव आई.

यह रिपोर्ट आने के बाद गांव को पूरी तरह सील कर दिया गया है. खरगौन में अब तक 60 लोग कोरोना से संक्रमित हो चुके हैं, जिसमें से 6 की मौत हो गई है. पिछले दो दिनों में 19 लोग कोरोना से संक्रमित हुए हैं.

पुलिसकर्मियों को भी तैनात किया गया है, नायब तहसीलदार दयाराम अवास्या ने बताया कि गोगावां में जिस परिवार में 70 वर्षीय महिला की कोरोना पॉजेटिव होने से पहले ही मौत हो गई थी उसी परिवार की तीन वर्षीय बालिका में भी कोरोना संक्रमण पाया गया. फिलहाल इसे होम क्वारंटाइन कर इलाज किया जा रहा है. वहीं इस परिवार में और भी जांचें आना अभी बाकी हैं.

मध्य प्रदेश में अबतक कुल 1,945 कोरोना संक्रमणीत पाए गए है तथा 99 लोगो की जान चली है और 281 लोग ठीक हुए है.

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मध्य प्रदेश में आधे से भी ज्यादा जिल्हे बन गए है कोरोना हॉटस्पॉट, अब तक 80 लोगों की गई जान!

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मध्यप्रदेश में कोरोना वायरस संक्रमण का दायरा दिन-प्रतिदिन बढ़ रहा है. राज्य के आधे से अधिक हिस्से में कोरोना ने अपने पांव पसार लिए हैं, राज्य के 52 में से 27 जिलों में कोरोना पीड़ित मरीज पाए गए हैं कोरोना से अब तक 80 की जान जा चुकी हैं. राज्य में पहला मरीज जबलपुर में 20 मार्च को मिला था, यहां एक साथ चार लोगों के नमूने पॉजिटिव आए थे. उसके बाद कोरोना महामारी का दायर लगातार बढ़ता गया, इस समय सबसे ज्यादा कोरोना संक्रमित जिला व्यापारिक नगरी और मिनी मुंबई माना जाने वाला इंदौर है, यहां 900 से ज्यादा कोराना संक्रमित पाए गए हैं और मौत का आंकड़ा भी अर्धशतक के पार पहुंच गया है.

राज्य के मौजूदा हालात पर गौर करें तो राज्य में 1,552 मरीजों के नमूनों की रिपोर्ट पॉजिटिव आई है. कोरोना ने राज्य के 52 में से 27 जिलों में अपनी हाजरी दर्ज करा दी है. इंदौर और भोपाल के बाद खरगोन, धार, उज्जैन, खंडवा आदि स्थानों पर मरीजों की संख्या लगातार बढ़ती रही है. इसके अलावा जबलपुर, ग्वालियर, मुरैना, बड़वानी, विदिशा, होशंगाबाद, देवास, रतलाम, रायसेन, शाजापुर, मंदसौर, आगर-मालवा, श्योपुर, छिंदवाड़ा, अलिराजपुर, शिवपुरी, सागर, बैतूल, टीकमगढ़, राजगढ़ और डिंडोरी में भी कोरोना मरीज पाए गए हैं.

केंद्र सरकार ने भी एक दल इंदौर भेजा है, जो स्थितियों का अध्ययन कर रहा है. भारत सरकार के अतिरिक्त मुख्य सचिव अभिलक्ष्य लिखी के नेतृत्व में भेजे गए दल ने इंदौर शहर का भ्रमण कर कोरोना वायरस से निपटने के लिए किए जा रहे प्रबंधों, जनहितैषी व्यवस्थाओं, लॉकडाउन के पालन की स्थिति, कोरंटाइन सेंटरों आदि का निरीक्षण किया.

इंदौर में कोरोना वायरस से निपटने के लिए शहर भर की स्क्रीनिंग का काम शुरू किया जा रहा है. इसके लिए नगर निगम को जिम्मेदारी सौंपी गई है. नगर निगम के आयुक्त आशीष सिंह ने बताया कि नगर निगम की 1800 टीमें सर्वे के साथ स्क्रीनिंग का काम करेंगी. स्क्रीनिंग का काम योजनाबद्ध तरीके से किया जाएगा. साथ ही कोरोना वायरस के लक्षणों को ध्यान में रखते हुए छह दिन बाद दोबारा स्क्रीनिंग करने की योजना भी बनाई गई है.

 

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