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नई दिल्ली: राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (NDRF) के महानिदेशक एसएन प्रधान ने सोमवार को संवाददाताओं को बताया कि चक्रवाती तूफान अम्फान Cyclone Amphan बुधवार को जब पश्च‍िम बंगाल में दस्तक देगा तब बहुत ही भयानक रूप ले लेगा. उन्होंने कहा कि कोरोनावायरस महामारी के दौरान इस प्राकृतिक आपदा का सामना करना दोहरी चुनौती है. प्रधान ने कहा कि यह तूफान बुधवार दोपहर को पश्च‍िम बंगाल में तट से टकरा सका है. पश्च‍िम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा कि तूफान को देखते हुए वह रेलवे से गुरुवार तक श्रमिक स्पेशल ट्रेने नहीं चलाने को कहेंगी. यह तूफान पश्चिम बंगाल के दिघा और बांग्लादेश के हटिया को बुधवार को पार कर सकता है.

बंगाल की खाड़ी में उठा चक्रवात तूफान अम्फान अब सुपर साइक्लोन में बदल चुका है. 20 मई यानी आज यह पश्चिम बंगाल के दीघा और बांग्लादेश के हतिया द्वीप के बीच में टकरा सकता है. उस वक्त इसकी हवा की गति 185 किलोमीटर प्रति घंटे हो सकती है. इसके मद्दे नजर मौसम विभाग ने पूर्वी तटों के राज्य तमिलनाडु और पुडुचेरी से लेकर आंध्र प्रदेश, ओडिशा, पश्चिम बंगाल, त्रिपुरा, मिजोरम, मणिपुर और आस-पास के तटीय इलाकों में ऑरेंज अलर्ट जारी किया है. वहीं, ओडिशा के तटीय जिले हाई अलर्ट पर हैं.

तीन लाख लोगों को शिविरों में पहुंचाया
ममता पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने मंगलवार को कहा कि चक्रवात के मद्देनजर पश्चिम बंगाल के तटीय क्षेत्रों से कम से कम तीन लाख लोगों को निकालकर सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है। उन्हें मास्क दिए गए हैं। वरिष्ठ अधिकारी स्थिति की निगरानी कर रहे हैं और हेल्पलाइन शुरू की गई है।
 
भारी बारिश के साथ तूफान की आशंका
आईएमडी भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने कहा है कि पश्चिम बंगाल के पूर्वी मिदनापुर, दक्षिण और उत्तर 24 परगना, हावड़ा, हुगली और कोलकाता जिले प्रभावित हो सकते हैं। जबकि ओडिशा के तटीय जिलों जगतसिंहपुर, केंद्रापाड़ा, भद्रक, जाजपुर और बालासोर में भारी वर्षा और तूफान आएगा।
 
जहाज तथा 45 अन्य गश्ती नौकाओं को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया
सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) ने पश्चिम बंगाल में भारत-बांग्लादेश नदी क्षेत्र मोर्चे और इच्छामती नदी की सुरक्षा के लिए तैनात अपनी तीन चलती फिरती सीमा चौकियों और जहाज तथा 45 अन्य गश्ती नौकाओं को चक्रवात के मद्देनजर सुरक्षित स्थान पर पहुंचा दिया है।
 
ओडिशा में 11 लाख लोग निकाले गए
ओडिशा के विशेष बचाव आयुक्त पीके जेना ने कहा कि एहतियाती कदम के तौर पर निचले इलाकों, तटीय जिलों में मिट्टी के घरों में रह रहे 11 लाख लोगों को निकालने का काम जारी है। यह मंगलवार देर रात तक पूरा कर लिया जाएगा।