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New Delhi: राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने आतंकियों को हथियार मुहैया कराने के आरोप में बीजेपी से जुड़े पूर्व सरपंच तारिक़ अहमद मीर को गिरफ़्तार किया है। बताया जा रहा है कि मीर आतंकियों की मदद करने के आरोप में निलंबित डीएसपी दविंदर सिंह का सहयोगी है।

दविंदर सिंह से पूछताछ में ही मीर का नाम सामने आया था। जिसके बाद उसे शोपियां स्थित उसके निवास से गिरफ़्तार किया गया। गिरफ्तारी के बाद मीर को 7 दिन की रिमांड पर जम्मू ले जाया गया है। यहां एनआईए के अधिकारियों की एक विशेष टीम उससे पूछताछ कर उसके और डीएसपी के संबंधों की जांच करेगी।

टीवी डिबेट से लेकर सोशल मीडिया तक ख़ुद को चीख – चीख कर राष्ट्रवादी बताने वाले देश के जाने माने न्यूज़ एंकर्स आतंकियों को हथियार मुहैया कराने के आरोप में बीजेपी नेता तारिक़ अहमद मीर की गिरफ्तारी पर ख़ामोश नज़र आ रहे हैं। वो इस गिरफ्तारी को लेकर ना तो टीवी पर डिबेट करते दिखाई दे रहे हैं और ना ही सोशल मीडिया पर पोस्ट कर बीजेपी को कटघरे में खड़ा करते नज़र आ रहे हैं।

इन एंकर्स के इसी रवैये पर सोशल मीडिया पर सवाल खड़े किए जा रहे हैं। लोग पूछ रहे हैं कि ख़ुद को राष्ट्रवादी कहने वाले इन एंकर्स के लिए क्या देश से ज़्यादा बीजेपी अहम है? कांग्रेस नेता श्रीवत्स बी ने एंकर्स के इसी रवैये को देखते हुए मीडिया पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि मीडिया के लिए देश की सुरक्षा से ज़्यादा अहम बीजेपी को सुरक्षित करना है।

उन्होंने ट्विटर के दावा किया कि "आतंकवाद के केस में बीजेपी नेता तारिक़ अहमद मीर की गिरफ्तारी पर सुधीर चौधरी, रुबिका लियाकत, राहुल कंवल, अमीश देवगन, राजदीप सरदेसाई और अर्णब गोस्वामी ने कोई ट्वीट नहीं किया।"

एनआईए के मुताबिक़, मीर निलंबित डीएसपी दविंदर सिंह के संपर्क में था। हालांकि मीर ने इस बात से इनकार किया है कि वो दविंदर सिंह को जानता है। लेकिन उसने इस बात को स्वीकार किया है कि वो दविंदर सिंह के साथ पकड़े गए हिज्बुल आतंकवादी कमांडर नावेद बाबू को जानता था।

वहीं भाजपा नेता की इस गिरफ्तारी पर वकील और सामजिक कार्यकर्ता दीपिका सिंह राजावत ने ट्वीट किया है उन्होंने रिपब्लिक टीवी के एंकर अर्नब गोस्वामी पर तंज कसते हुए लिखा- ‘बीजेपी से जुड़ा पूर्व सरपंच गिरफ्तार हुआ है क्योंकि वह हिज़्बुल आतंकियों को हथियार सप्लाई करता था। अर्णब: क्या इसका भी जवाब सोनिया गांधी ही देंगी ?’

इस मामले पर जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री और नेशनल कॉन्फ्रेंस के नेता उमर अब्दुल्ला ने लिखा-  "सोचिए अगर यह ग्राम प्रधान बीजेपी के अलावा किसी और पार्टी का नेता होता तो IT सेल के तमाम ट्रोल अब तक कितना बवाल मचा चुके होते"