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विदेशी यात्राओं से वापस भारत लौटे लोगों के लिए स्वयं को बाकी समाज से अलग (क्वॉरेंटाइन) रखना जरूरी है.

यदि इस दौरान Corona Virus के लक्षण दिखाई देते हैं तो उन्हें आइसोलेशन में रखा जाएगा.

हरियाणा सरकार के मुताबिक विदेश से आए जो लोग क्वॉरेंटाइन में नहीं रह रहे हैं उनके खिलाफ नियमानुसार कार्यवाही की जा सकती है. ऐसे लोगों के लिए नियमों में 2 से 6 महीने की सजा का प्रावधान है. गौरतलब है कि हरियाणा के गुरुग्राम इलाके में विदेश यात्रा करने वाले लोगों की संख्या काफी अधिक है.

एक वरिष्ठ सरकारी अधिकारी ने कहा, "विदेशों से आने वाले लोगों के लिए यह अनिवार्य है कि वे स्वास्थ्य विभाग द्वारा निर्धारित अवधि के लिए क्वॉरेंटाइन में रहें, चाहे वह होम क्वॉरेंटाइन हो या अन्य जगह बनाई गई क्वॉरेंटाइन सुविधा हो, कहीं भी रह सकते हैं परंतु क्वॉरेंटाइन में अवश्य अपने आप को रखें." उन्होंने कहा, "31 मार्च तक गुरुग्राम में लॉक डाउन किया गया है. इस दौरान यदि कोई व्यक्ति लॉक डाउन स्थिति के तहत निर्धारित नियमों का उल्लंघन करता है तो उसके खिलाफ भी विभिन्न धाराओं के तहत कार्यवाही की जाएगी."

आईपीसी की धारा 269 के तहत यदि कोई व्यक्ति नेगलीजेन्टली यानी बिना जानकारी के और अस्वैच्छिक रूप से ऐसी बीमारी का संक्रमण फैलाता है जिससे दूसरे व्यक्ति के जीवन को खतरा हो, ऐसी स्थिति में संबंधित व्यक्ति के खिलाफ नियमानुसार 6 महीने की कैद या जुमार्ना या फिर दोनों का प्रावधान है.

इसी प्रकार, यदि कोई व्यक्ति जानबूझकर ऐसी बीमारी का संक्रमण फैलाता है जिससे अन्य लोगों के जीवन को खतरा हो, तो ऐसी स्थिति में उसके खिलाफ आईपीसी की धारा 270 के तहत मामला दर्ज करके कानूनी कार्रवाई की जा सकती है. जिसके अंतर्गत उसे 2 साल की कैद या जुर्माना या फिर दोनों हो सकते हैं. सरकार के मुताबिक यदि कोई व्यक्ति क्वॉरेंटाइन नियमों का उल्लंघन जानबूझकर करता है तो उसके खिलाफ आईपीसी की धारा 271 के तहत 6 महीने की कैद या जुर्माना या फिर दोनों का प्रावधान है. यह अपराध नॉन-कॉग्निजेबल होगा. गुरुग्राम जिला प्रशासन ने आमजन से अपील करते हुए कहा है कि वे लॉक डाउन के दौरान नियमों का पालन करें और अनावश्यक रूप से घरों से बाहर ना निकलें. उन्होंने कहा कि जब तक बहुत जरूरी ना हो लोग सड़कों पर ना आएं और घर रहकर ही काम करने की कोशिश करें.