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कोलकाता: 21 साल में सबसे तेज तूफ़ान "सुपर साइक्लोन अम्फान" आज बुधवार दोपहर ढाई बजे के करीब कोलकाता से टकराया. अम्फान की वजह से पश्चिम बंगाल के साथ-साथ ओडिशा में भी तेज हवाओं के साथ भारी बारिश हो रही है. बंगाल में तूफान की वजह से दो लोगों की जान गई. बंगाल में 5 लाख और ओडिशा में करीब 1.58 लाख लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाया गया है.

सुपर साइक्लोन अम्फान:

  1. मौसम विभाग के मुताबिक, तूफान जब बंगाल में दाखिल हुआ तो हवाओं की रफ्तार 190 किलोमीटर/घंटा थी. तूफान का लैंडफाल बंगाल के हटिया और बांग्लादेश के हटिया आईलैंड के बीच हुआ.
  2. बंगाल के एक अधिकारी ने बताया कि हावड़ा और नॉर्थ 24 परगना में तेज रफ्तार हवाओं की वजह से पेड़ उखड़ गए, दोनों ही जगहों पर दो महिलाओं की मौत हुई है.
  3. एनडीआरएफ एक चीफ एसएन प्रधान ने बताया कि 20 टीमों ने ओडिशा में सड़कों से पेड़ हटाने का काम शुरू कर दिया है, कुछ टीमों को स्टैंडबाई में रखा गया है.
  4. अधिकारी ने बताया कि कोलकाता में भारी बारिश की वजह से निचले इलाकों में घर और सड़कें बह गए हैं. यहां तूफान की वजह से 135 किलोमीटर/घंटा की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं.
  5. ओडिशा के पुरी, खुर्दा, जगतसिंहपुर, केंद्रापाड़ा, कटक, भद्रक, बालासोर समेत कई जिलों में मंगलवार से ही भारी बारिश हो रही है. बुधवार को भी यहां भारी बारिश हुई. बंगाल और ओडिशा में गुरुवार तक भारी बारिश की आशंका है, तूफान की वजह से असम और मेघालय में भी बारिश होगी.

कितना बड़ा है तूफान?
देश में 21 साल के बाद कोई सुपर साइक्लोन आया है, 1999 में एक चक्रवात ओडिशा के तट से टकराया था. उसे साइक्लोन ओ5 बी या पारादीप साइक्लोन का नाम दिया गया था.

तूफान अम्फान से अब तक चार लोगों की जान जा चुकी है. दो मौतें पश्चिम बंगाल में हुई हैं. उत्तर 24 परगना जिले के मिनखा में एक 55 वर्षीय महिला की मौत हो गई. बताया जा रहा है कि महिला पर पेड़ गिर गया था. वहीं, हावड़ा में एक टिन शेड के परखच्चे उड़ने और उसकी चपेट में आने से 13 साल की एक लड़की की मौत हो गई.

NDRF के डीजी एसएन प्रधान ने कहा कि पश्चिम बंगाल और ओडिशा दोनों ही राज्यों पर हमारी नजर बनी हुई है ओडिशा में एनडीआरएफ की 20 टीमें और पश्चिम बंगाल में 19 टीमें लगी हुई हैं. NDRF के डीजी ने कहा कि सभी टीमों के पास सेटेलाइट संचार सिस्टम है. हमारे पास अत्याधुनिक पेड़ कटाई और खंभों की कटाई के यंत्र हैं. दोनों राज्यों में 41 टीमों तैनात हैं. बंगाल में दो टीमें स्टैंड बाई पर रखी गई हैं, जिसमें से एक टीम अभी कोलकाता में तैनात की जा रही है.