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देश में कोरोना वायरस को लेकर दहशत का माहौल है। इस बीच दिहाड़ी मजदूरों का पलायन जारी है। भूखे-प्यासे पलायन कर रहे मजदूरों को लेकर कांग्रेस नेता राहुल गांधी और प्रियंका गांधी कई बार सरकार से अपील कर चुके हैं। रविवार को लॉकडाउन की वजह से संकट में फंसे लाखों मजदूरों की परेशानी को देखते हुए कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने टेलीकॉम कंपनियों को पत्र लिखकर मोबाइल सेवा फ्री करने की अपील की थी। अब भारतीय टेलीकॉम रेग्यूलेटर (ट्राई) ने टेलीकॉम कंपनियों से प्रीपेड यूजर्स के प्लान की वैलिडिटी बढ़ाने के लिए कहा है।

लॉकडाउन में लोगों की परेशानी को देखते हुए ट्राई ने रिलायंस जियो, भारती एयरटेल, वोडाफोन आईडिया और बीएसएनल से कहा है कि वो अपने प्रीपेड ग्राहकों की वैलिडिटी बढ़ा दे ताकि इस उन्हें कोई परेशानी न हो। ईटी की एक रिपोर्ट के मुताबिक 29 मार्च को ट्राई ने इन सभी कंपनियों को लेटर लिखकर ग्राहकों राहत देने की बात कही। इतना ही नहीं ट्राई ने कंपनियों से लॉकडाउन ग्राहकों को कोई दिक्कत ना हो इसके लिए भी उनसे जानकारी मांगी। ट्राई ने यह भी पूछा कि कंपनियां क्या क्या कदम उठा रही है इसकी भी जानकारी दे। ट्राई ने कहा है कि अगर लॉकडाउन से टेलीकॉम को अलग रखने का मकसद ये भी है कि इन कंपनियों के कस्टमर सर्विस और प्वाइंट ऑफ सेल लोकेशन प्रभावित न हों।

बता दें कि रविवार को प्रियंका गांधी ने टेलीकॉम कंपनियों से मोबाइल सेवा फ्री करने की अपील करते हुए कहा था कि “मैं आपसे अनुरोध करती हूं कि आप अपनी मोबाइल सेवा में इनकमिंग और आउटगोइंग सेवा को अगले एक महीने के लिए निःशुल्क कर दें ताकि लाखों लोग जो संभवतः अपनी ज़िंदगी के सबसे मुश्किल सफर पर हैं, उन्हें अपने परिजनों से बात करने में कुछ सहूलियत मिल सके।”

कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने यह पत्र रिलायंस जियो के मालिक मुकेश अंबानी, वोडाफोन और आइडिया के मालिक कुमार मंगलम बिरला, बीएसएनएल के प्रमुख पीके पुरवार, एयरटेल के मालिक सुनील भारती मित्तल को लिखा था। पत्र में सभी से विशेष तौर पर प्रवासी मजदूरों के लिए एक महीने तक इनकमिंग-आउटगोइंग सेवा की सुविधा मुफ्त देने का आग्रह किया था।