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आज भारत में जनता कर्फ्यू लगाया गया है। महाराष्ट्र के मुंबई, पुणे, नागपुर और पिंपरी में तो लगभग लॉकडाउन जैसी स्थिति हो गई है। कोरोना वायरस इस समय भारत में महामारी के दूसरे चरण में है और इसे आगे बढ़ने से रोकने के लिए ऐसे ही उपाय करने होंगे। बता दें कि अगर ये वायरस तीसरे चरण में पहुंच गया तो इसे रोकना मुश्किल हो जाएगा और भारत में हालात चीन से भी बदतर हो सकते हैं।

कोरोना वायरस भारत में कितनी तेजी से भारत में फैल रहा है, इसका अंदाजा इसी बात से लगा सकते हैं कि अब तक भारत में करीब 332 लोग इससे संक्रमित हो चुके हैं और 4 लोगों की मौत हो गई है। सबसे चिंता का विषय ये है कि पिछले दो दिनों में कोरोना वायरस के सबसे अधिक मामले सामने आए हैं। शुक्रवार को 57 मामले एक दिन का सबसे बड़ा आंकड़ा था, लेकिन शनिवार को 77 लोगों में संक्रमण की पु्ष्टि ने पुराना रिकॉर्ड तोड़ते हुए नया बना लिया। देखा जाए तो सिर्फ पिछले दो दिनों में ही कोरोना वायरस के 40 फीसदी मामले सामने आए हैं।
अगर थोड़ा ध्यान दें तो समझ आएगा कि अब कोरोना वायरस पर गंभीरता से सोचना जरूरी है। अब कुछ सख्त फैसले लेना मजबूरी हो गया है। मोदी सरकार का जनता कर्फ्यू का फैसला इसी के तहत लिया गया है, क्योंकि अगर हम अभी भी नहीं समझे तो बहुत देर हो जाएगी। बता दें कि भारत अभी इस महामारी के दूसरे चरण में है, जिसमें किसी भी महामारी को रोकना आसान होता है। अगर अभी भी इसे रोकने के लिए पर्याप्त कदम नहीं उठाए गए तो ये महामारी अगले चरण में बढ़ जाएगी और फिर देखते ही देखते स्थिति गंभीर हो जाएगी।

अगले चरण में रोकना मुश्किल हो जाएगा कोरोना को
किसी भी महामारी के चार चरण होते हैं। पहले समझते हैं इन चरणों को और जानने की कोशिश करते हैं कि ये स्थिति कितनी गंभीर है।

पहला चरण- इस चरण में संक्रमण सिर्फ उन्हीं लोगों में पाया जाता है, जो किसी वायरस से प्रभावित देश से आते हैं। संक्रमण की रोकथाम का ये सबसे अच्छा वक्त होता है।

दूसरा चरण- भारत अभी कोरोना संक्रमण के दूसरे चरण में है। इस चरण को लोकल ट्रांसमिशन स्टेज कहते हैं। इसमें विदेश से लौटे शख्स के परिजन, रिश्तेदार या दोस्त वगैरह संक्रमित होते हैं। इस चरण में ये पता होता है कि वायरस कहां से फैल रहा है और ऐसे में इसकी रोकथाम करना आसान होता है।

तीसरा चरण- इसे कम्युनिटी ट्रांसमिशन स्टेज कहा जाता है, जिसमें ऐसे लोग भी संक्रमित होने लगते हैं, जो ना तो किसी देश से लौटे होते हैं और ना ही ऐसे किसी व्यक्ति के संपर्क में होते हैं। ये पता नहीं चल पाता कि आखिर संक्रमण आया कहां से और उस स्थिति में रोकथाम मुश्किल हो जाती है। इटली और स्पेन जैसे देश इस समय इसी स्टेज में हैं।

चौथा चरण- किसी भी महामारी का अंतिम पड़ाव होता है चौथा चरण, जिससे चीन गुजर चुका है। इस स्टेज में कोई भी हल निकाल पाना मुश्किल हो जाता है। संक्रमण इतनी तेज फैलता है कि सख्त से सख्त फैसले भी बेअसर होते दिखते हैं।