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अयोध्या: आज ५ अगस्त २०२० में १२:३० मिनट पे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अयोध्या में पूरे विधि विधान के साथ राम मंदिर निर्माण की आधारशिला रखी. इसके बाद मंदिर परिसर से अपने संबोधन में मोदी बोले कि आज सदियों का इंतजार खत्म हो गया है, रामलला अब टेंट में नहीं रहेंगे उनके लिए भव्य मंदिर बनेगा. पीएम मोदी ने कहा कि, राम सबके हैं और राम सबमें हैं. राम अनेकता में एकता के सूत्र हैं, इसीलिए हमें सबकी भावनाओं का ध्यान रखना है. तो वहीं संघ प्रमुख मोहन भागवत ने कहा कि मंदिर से पहले हमें मन की अयोध्या को सजाना है, जहां कोई दोष और शत्रुता न हो. ये संयोग ही है कि आज ५ अगस्त के दिन जहां राम मंदिर का भूमि पूजन हुआ वहीं इसी रोज साल भर पहले मोदी सरकार ने कश्मीर से आर्टिकल ३७० को खत्म किया था.

पीएम मोदी ने कहा कि सरयू के किनारे आज स्वर्णिम अध्याय लिखा जा रहा है. आज पूरा भारत राममय है. पूरा देश रोमांचित है. हर मन दीपमय है. आज पूरा भारत भावुक है. सदियों का इंतजार आज समाप्त हो रहा है.

अपने आधे घंटे से अधिक समय के संबोधन में पीएम ने कहा, 'राम मंदिर तीर्थ क्षेत्र ट्रस्‍ट ने मुझे आमंत्रित किया, मैं इसके लिए ट्रस्‍ट का हृदय से आभार व्‍यक्‍त करता हूं. आना स्‍वाभाविक था राम काज कीन्‍हे बिना मोहु कहा विश्राम. उन्‍होंने कहा कि आज सारी दुनिया में इसकी गूंज है. पहले मैं मां जानकी की याद कर लूं  जय सिया राम, जय सिया राम की पूरे विश्व में गूंज है. उन्‍‍‍‍‍‍‍‍होंने इस मौके पर दुनियाभर में फैले रामभक्‍तों को बधाई दी.

पीएम ने कहा, दशकों के इंतजार के बाद भारत भावुक हो गया है.करोड़ों को विश्वास नहीं होगा कि उन्होंने हमारे जीवनकाल में इस दिन को देखा है.वर्षों से, हमारे रामलला (शिशु भगवान राम) एक तम्बू के नीचे रहते थे, अब वह रामभक्तों द्वारा निर्मितभव्य मंदिर में निवास करेंगे.आज, राम जन्मभूमि को आजाद कर दिया गया है.

प्रधानमंत्री ने कहा, 'राम हर जगह हैं, भारत के दर्शन-आस्था-आदर्श-दिव्यता में राम ही हैं. तुलसी के राम सगुण राम हैं, नानक-तुलसी के राम निगुण राम हैं. भगवान बुद्ध-जैन धर्म भी राम से जुड़े हैं. तमिल में कंभ रामायण है, तेलुगु, कन्नड़, कश्मीर समेत हर अलग-अलग हिस्से में राम को समझने के अलग-अलग रुप हैं. पीएम मोदी ने कहा कि राम सब जगह हैं, राम सभी में हैं. विश्व की सबसे अधिक मुस्लिम जनसंख्या इंडोनेशिया में है, वहां पर भी रामायण का पाठ होता है. पीएम ने बताया कि कंबोडिया, श्रीलंका, चीन, ईरान, नेपाल समेत दुनिया के कई देशों में राम का नाम लिया जाता है.'

प्रधानमंत्री ने कहा कि आज का ये दिन करोड़ों रामभक्तों के संकल्प की सत्यता और जीत का प्रमाण है, ये दिन सत्य-अहिंसा-आस्था और बलिदान को न्यायप्रिय भारत की एक अनुपम भेंट है. कोरोना वायरस से बनी स्थितियों के कारण भूमिपूजन का कार्यक्रम अनेक मर्यादाओं के बीच आयोजित रहा है. इसी मर्यादा का अनुभव हमने तब भी किया था जब सुप्रीम कोर्ट ने अपना फैसला सुनाया था और हर किसी की भावना का ध्यान रखते हुए व्यवहार किया था. पीएम ने कहा कि इस मंदिर के साथ इतिहास खुद को दोहरा रहा है, जिस तरह गिलहरी से लेकर वानर, केवट से लेकर वनवासी बंधुओं को राम की सेवा करने का सौभाग्य मिला.पीएम ने भाषण का समापन करते हुए भगवान राम और माता सीता का सभी लोगों पर आशीर्वाद बना रहे, यह कामना करते हुए मैं अपने संबोधन का विराम देता हूं.


अपने ट्वीट में पीएम मोदी ने कहा कि भगवान श्री राम का आशीर्वाद हमेशा हम पर बना रहे. भारत तरक्की की नई ऊंचाइयों को छू सकता है. हर भारतीय स्वस्थ और समृद्ध हो. पीएम मोदी ने अपने ट्वीट में भूमि पूजन की चार तस्वीरों को भी साझा किया है.