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देश में बढ़ रहे कोरोना वायरस संक्रमण के मद्देनजर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी लगातार सोशल डिस्टेंस को लेकर लोगो को जागरूक कर रहे है, लेकिन उनके ट्वीट बताते है की वे स्वयं १७ मार्च तक इस महामारी से बेखबर या बेपरवाह थे.

उनका १९ फरवरी का ट्वीट खासी चर्चा में हो रहा है, जिसमे वे खुद अल्पसंख्यांक कार्य मंत्रालय की और से आयोजित "हुनर हाट" में शामिल हुए थे. वहा उन्होंने लिट्टी चोखा खाया था और स्टाल पे कॅश से पेमेंट भी किया जिससे सोशल मीडिया पे काफी आलोचना हुई थी.

हुनर हाट
क्या कोरोना वायरस से बेखबर या बेपरवाह थे मोदी?

खास बात ये थी की, देश में पहला कोरोना संक्रमणीत जनवरी में सामने आया था, और कांग्रेस पूर्व अध्यक्ष राहुल गाँधी ने कोरोना वायरस को लेके १२ फरवरी को चेतावनी वाला ट्वीट भी किया था. जिसे मोदी गवर्नमेंट को इग्नोर करना मुसीबत साबित हुआ.

राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने बीजेपी पे निशाना साधते हुए कहा है की "यह चौकाने वाला है की मोदीजी के समय में रचनात्मक आलोचना बर्दाश्त नहीं की जाती है, वे प्रतिक्रिया देना शुरू करते है और आलोचकों को राष्ट्रविरोधी भी घोषित क्र देते है. इसलिए हमे यह कहना होगा की वे लोकतंत्र पे विश्वास नहीं करते, वे अलोकतांत्रिक है."

सिएम गहलोत ने ट्वीट किया - "लोकतंत्र में अगर विपक्ष कुछ निश्चित मामलो पर ध्यान केंद्रित करता है, तो इसे सरकार ने सकारात्मक भावना से लिया जाना चाहिए ताकि चीजों को बेहतर बनाया जा सके. इससे सरकार को बेहतर और संगठित तरीके से राष्ट्र की सेवा करने में मदद ही मिलेंगी"