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राजनीती


देश में बढ़ रहे कोरोना संक्रमणीतो को लेकर राहुल गांधी का मोदी पे तंज, ये PM की "संभली हुई स्थिति" है तो "बिगड़ी स्थिति" किसे कहेंगे?

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नई दिल्ली: कांग्रेस के नेता राहुल गांधी ने देश में कोरोना के बढ़ते प्रकोप को लेकर एक बार फिर पीएम नरेंद्र मोदी पर निशाना साधा है. पीएम मोदी और उनकी सरकार के खिलाफ इस समय हमलावर रुख अख्तियार किए पूर्व कांग्रेस अध्‍यक्ष ने एक ट्वीट करके देश में कोरोना के बढ़ते मामलों को रेखांकित किया है. ग्राफ में साफ देखा जा सकता है कि कोरोना के मामलों में भारत लगातार दुनिया के दो सबसे प्रभावित देशों के 'नजदीक' आ रहा है.

देश में इस समय हर रोज कोरोना के 50 से 60 हजार या इससे भी अधिक नए मामले दर्ज हो रहे हैं. राहुल ने अपने ट्वीट में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधते हुए लिखा, 'अगर ये पीएम की '‘संभली हुई स्थिति' है तो 'बिगड़ी स्थिति' किसे कहेंगे?''


गौरतलब है कि भारत में कोरोना के मामले हर रोज तेज गति से बढ़ रहे हैं. स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा गुरुवार सुबह जारी किए गए आंकड़ों के अनुसार, देश में कोरोना संक्रमितों की संख्या 23,96,637 हो गई है. पिछले 24 घंटों में (बुधवार सुबह 8 बजे से लेकर गुरुवार सुबह 8 बजे तक) कोरोना के 66,999 नए मामले सामने आए हैं.

एक दिन में सामने आने वालों मामलों की यह अभी तक की सबसे बड़ी संख्या है. कोरोना के मामलों में विश्‍व में भारत इस समय अमेरिका और ब्राजील के बाद तीसरे स्‍थान पर हैं. अमेरिका में इस समय कोरोना संक्रमण के 51, 97,000 केस हैं जबकि ब्राजील 31, 64, 785 केसों के साथ दूसरे स्‍थान पर हैं. भारत में यदि इसी गति से कोरोना के मामले आगे बढ़े तो जल्‍द ही देश, ब्राजील के करीब पहुंच सकता है.

 

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सचिन पायलट की घरवापसी; कहा : मैं हमेशा अशोक गहलोत का सम्मान करता रहा हूं, उनसे मुस्करा के मिलूंगा

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जयपुर: राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने सचिन पायलट को निकम्मा और नकारा कहा था. इस पर सचिन पायलट का कहना है कि ''मुझे तकलीफ है कि मुझे निक्कमा, नकारा कहा गया. मैं काफ़ी आहत था. एक व्यक्ति के तौर पर मुझे बहुत दुख हुआ. पर मेरी परवरिश में मुझे हमेशा बड़ों का सम्मान करना सिखाया गया और मैं सम्मान करता रहूंगा. गहलोत जी मुझसे बहुत बड़े हैं.''

जयपुर पहुंचे सचिन पायलट ने आज कहा कि पार्टी के भीतर अपनी बातों को उठाना विद्रोह नहीं, कोई मांग नहीं की. सचिन पायलट ने कहा कि मेरे बारे में जो शब्दावली का इस्तेमाल किया गया उसे सुनकर मुझे दुख भी हुआ और तक़लीफ़ भी हुई. राजनीति में शालीनता ज़रूरी है. ख़ून का घंट पीना पड़ता है. पर इसका मतलब ये नहीं कि हम इंसान नहीं हैं. पायलट ने कहा कि कल हमारी कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल और प्रियंका जी से मुलाक़ात हुई थी. चर्चा निर्णायक और सार्थक रही. पुलिस के केस, निलंबन, कोर्ट कचहरी हुई जो मुझे लगा सकारात्मक नहीं है. हमने पहले दिन जाकर बोला था कि हम अपनी बात पार्टी के सामने रखना चाहते हैं. हमने या हमारे विधायकों ने पार्टी और पार्टी आलाकमान के ख़िलाफ़ कुछ नहीं कहा.

सचिन पायलट ने कहा कि ''मैं धन्यवाद करना चाहता हूं सोनिया जी का जिन्होंने एक कमेटी बनाई है,  इंसाफ़ होगा. मेरा व्यक्तिगत किसी से कोई इश्यू नहीं है. मैं पांच साल से ज़्यादा यहां रहा. जो मेरे साथ लोग थे उनका ध्यान रखना ज़रूरी था. जिन लोगों ने लाठी खाई, पसीना बहाया उनको सत्ता में भागीदारी दिलाना मेरा कर्तव्य है.  मैंने कहा था कि सत्य परेशान हो सकता है पर पराजित नहीं हो सकता.''

उन्होंने कहा कि ''मैंने अपने लिए कोई पद नहीं मांगा. मैंने बस यही कहा कि विधायकों के ख़िलाफ़ बदले की भावना से काम नहीं होना चाहिए. हम सब कांग्रेस के निष्ठावान कार्यकर्ता हैं. पार्टी ने बहुत पद दिए. सरकार में विपक्ष में जो पद दिया, मैंने पूरा दायित्व निभाया. पार्टी के मुखिया और नेता के तौर पर सबको साथ में लेकर मिलकर चलना पड़ता है. मेरे अंदर किसी को लेकर कोई इगो नहीं है. मेरे दिल में किसी के लिए कोई ग़ुस्सा नहीं है.''

कांग्रेस के नेता और राजस्थान के पूर्व उप मुख्यमंत्री सचिन पायलट ने कहा कि ''मुझ पर राजद्रोह की धारा लगाई गई. मैंने ऐसा क्या किया था? क्या पार्टी के भीतर सवाल उठाना राजद्रोह है? फिर शायद कोर्ट के डर से मुक़दमा वापस ले लिया.''  उन्होंने कहा कि ''मैं कहीं नहीं जा रहा हूं. मैं यहीं राजस्थान की जनता के बीच हूं और रहूंगा. राहुल जी से क्या बात हुई, वह मैं आपको नहीं बताऊंगा लेकिन उन्होंने हमारी सारी शिकायतों को सुलझाने का भरोसा दिलाया है.''

सवाल- आप अशोक गहलोत से मिलेंगे तो क्या कहेंगे? पर सचिन पायलट ने जवाब दिया कि ''मैं हमेशा उनके साथ सम्मान से मिला हूं. मुस्करा के मिलूंगा. मैंने कभी उनके ख़िलाफ़ कुछ नहीं कहा. मेरी व्यक्तिगत कोई नाराज़गी नहीं है, सब काम को लेकर बात थी.''  उन्होंने कहा कि ''सारे विधायक कांग्रेस के हैं. हमने साथ चुनाव लड़ा है और पसीना बहाया है. हमेशा पार्टी के साथ रहा हूं. मैं कोर्ट कचहरी कर रहा था अपनी सदस्यता बचाने के लिए. मेरे सारे विधायकों ने रहने खाने का बिल अपने पास से दिया है. हमने वक़ील की फ़ीस अपने पास से दी है.''

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राहुल गांधी का मोदी सरकार पर हमला, कहा:- "जब-जब देश भावुक हुआ, फाइलें गायब हुईं"

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नई दिल्ली: कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने पूर्वी लद्दाख में ‘चीनी घुसपैठ' के उल्लेख वाली एक रिपोर्ट रक्षा मंत्रालय की वेबसाइट से हटाए जाने को लेकर शनिवार को आरोप लगाया कि यह कोई संयोग नहीं, बल्कि सरकार का लोकतंत्र विरोधी प्रयोग है. उन्होंने ट्वीट किया, ‘‘जब जब देश भावुक हुआ, फ़ाइलें ग़ायब हुईं. माल्या हो या राफ़ेल, नीरव मोदी या चौकसी... गुमशुदा लिस्ट में ताजा हैं चीनी अतिक्रमण वाले दस्तावेज़.''

कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया, ‘‘ये संयोग नहीं, मोदी सरकार का लोकतंत्र-विरोधी प्रयोग है.'' गौरतलब है कि रक्षा मंत्रालय ने अपनी वेबसाइट पर अपलोड उस दस्तावेज को बृहस्पतिवार को हटा लिया जिस पर आधारित एक खबर अखबार में प्रकाशित हुई.

इससे पहले राहुल गांधी ने कहा था कि भूल जाएं कि हम चीन के सामने खड़े हो सकते हैं. प्रधानमंत्री मोदी में इतनी हिम्मत नहीं है कि वो चीन का नाम तक ले पाएं. चीन के अतिक्रमण की बात कबूलने वाले दस्तावेज को रक्षा मंत्रालय की वेबसाइट से हटाया गया.

खबर के मुताबिक, जून महीने की इस रिपोर्ट में कहा गया है कि चीनी सैनिकों की एकतरफा आक्रामकता से पैदा हुए हालात संवेदनशील बने हुए हैं तथा यह गतिरोध लंबा चल सकता है.

माल्या से जुड़े दस्तावेज गायब

दूसरी तरफ हाल ही में सुप्रीम कोर्ट में वकील ने कहा था कि भगौड़े कारोबारी विजय माल्या की फाइल से जुड़े कुछ दस्तावेज उपलब्ध नहीं है. विजय माल्या के केस से जुड़े अहम दस्तावेज फाइल से गायब होने के कारण सुप्रीम कोर्ट को सुनवाई टालनी पड़ी थी. अब मामले में सुनवाई 20 अगस्त को होगी.

 

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20 लाख करोड़ आर्थिक पैकेज पर बोले चिदंबरम - सरकार ने सिर्फ हेडलाइन पकड़ी, पूरा पन्ना खाली

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नई दिल्ली: देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कोरोना संकट से बाहर निकलने के लिए 20 लाख करोड़ रुपये वित्त पैकेज के ऐलान के बाद बुधवार को केंद्रीय वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण ने सेक्टर आधारित पैकेज का ऐलान किया. हालांकि पूर्व वित्त मंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पी चिदंबरम ने इस पैकेज पर निराशा जताते हुए कहा कि सरकार ने सिर्फ हेडलाइन पकड़ी जबकि पूरा पेज खाली था.

पूर्व वित्त मंत्री पी चिदंबरम ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कल शाम खस्ताहाल अर्थव्यवस्था को फिर से पटरी पर लाने के लिए आर्थिक राहत पैकेज का ऐलान किया था और कहा कि यह पैकेज 20 लाख करोड़ रुपये का होगा. लेकिन जैसी की उम्मीद थी कि सरकार ने हेडलाइन पकड़ लिया जबकि पूरा पेज खाली था.

पूर्व वित्त मंत्री कहा की, "मैं पहले बता दूं कि लाखों गरीब, भूखे और तबाह प्रवासी श्रमिकों के लिए वित्त मंत्री ने आज जो कुछ कहा उसमें कुछ भी नहीं था. जो चल चुके हैं और हजारों लोग अभी भी वापस अपने गृह राज्य पहुंचने के लिए पैदल चल रहे हैं. यह उन लोगों के लिए एक क्रूर झटका है, जो हर दिन संघर्ष करते हैं."

पी चिदंबरम ने सरकार के ऐलान पर निराशा जाहिर करते हुए कहा कि ऐसी आबादी (13 करोड़ परिवारों) जो बेहद निचले स्तर पर रहती है उनके लिए नकद हस्तांतरण के माध्यम से भी कुछ भी नहीं है, जिन्हें बर्बाद होने के लिए धकेल दिया गया है. प्रो थॉमस पिकेट्टी ने गरीबों के लिए नकद हस्तांतरण की बात कही थी.

 

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पीएम केयर्स फंड को लेकर राहुल गांधी का हमला, कहा- "प्रधानमंत्री आश्वस्त करें कि इस फंड का का ऑडिट किया जाए"

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नई दिल्ली: कांग्रेस पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने पीएम केयर्स फंड को लेकर ट्वीट किया है. राहुल गांधी ने कहा है कि पीएम केयर्स फंड का ऑडिट किया जाना चाहिए और इस फंड को कहां,किस तरह खर्च किया गया इसकी जानकारी भी सार्वजनिक की जानी चाहिए. राहुल गांधी ने ट्वीट किया, "पीएम केयर्स फंड में बड़े पैमाने पर योगदान किया गया है. जिसमें पब्लिक सेक्टर अंडरटेकिंग और रेलवे जैसे बड़े सार्वजनिक संस्थान शामिल हैं."

राहुल गांधी ने कहा, "यह बहुत महत्वपूर्ण है कि प्रधानमंत्री आश्वस्त करें कि इस फंड का का ऑडिट किया जाए और इस फंड को कहां-कहां, किस तरह खर्च किया गया है इसका रिकॉर्ड सार्वजनिक हो."

बता दें कि कोरोनावायरस महामारी के कब्जे में इस वक्त पूरी दुनिया है, हर देश COVID-19 यानी कोरोनावायरस महामारी से बचने और फैलने से रोकने के लिए हर संभव कोशिश कर रहा है. कोरोना से जंग लड़ने के लिए प्राइम मिनिस्टर सिटीज़न असिस्टेंस एंड रिलीफ इन इमरजेंसी सिचुएशन फंड (PM CARES Fund) की शुरूआत की गई है, जहां कोई भी कितनी भी राशि सरकार को इस महामारी से लड़ने के लिए डोनेट कर सकता है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी कहा है कि यह राशि आपदा प्रबंधन क्षमताओं की ताकत बनेगी और नागरिकों की रक्षा के अनुसंधान को प्रोत्साहित करेगी.

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