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राजनीती


20 लाख करोड़ आर्थिक पैकेज पर बोले चिदंबरम - सरकार ने सिर्फ हेडलाइन पकड़ी, पूरा पन्ना खाली

News Byte

नई दिल्ली: देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कोरोना संकट से बाहर निकलने के लिए 20 लाख करोड़ रुपये वित्त पैकेज के ऐलान के बाद बुधवार को केंद्रीय वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण ने सेक्टर आधारित पैकेज का ऐलान किया. हालांकि पूर्व वित्त मंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पी चिदंबरम ने इस पैकेज पर निराशा जताते हुए कहा कि सरकार ने सिर्फ हेडलाइन पकड़ी जबकि पूरा पेज खाली था.

पूर्व वित्त मंत्री पी चिदंबरम ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कल शाम खस्ताहाल अर्थव्यवस्था को फिर से पटरी पर लाने के लिए आर्थिक राहत पैकेज का ऐलान किया था और कहा कि यह पैकेज 20 लाख करोड़ रुपये का होगा. लेकिन जैसी की उम्मीद थी कि सरकार ने हेडलाइन पकड़ लिया जबकि पूरा पेज खाली था.

पूर्व वित्त मंत्री कहा की, "मैं पहले बता दूं कि लाखों गरीब, भूखे और तबाह प्रवासी श्रमिकों के लिए वित्त मंत्री ने आज जो कुछ कहा उसमें कुछ भी नहीं था. जो चल चुके हैं और हजारों लोग अभी भी वापस अपने गृह राज्य पहुंचने के लिए पैदल चल रहे हैं. यह उन लोगों के लिए एक क्रूर झटका है, जो हर दिन संघर्ष करते हैं."

पी चिदंबरम ने सरकार के ऐलान पर निराशा जाहिर करते हुए कहा कि ऐसी आबादी (13 करोड़ परिवारों) जो बेहद निचले स्तर पर रहती है उनके लिए नकद हस्तांतरण के माध्यम से भी कुछ भी नहीं है, जिन्हें बर्बाद होने के लिए धकेल दिया गया है. प्रो थॉमस पिकेट्टी ने गरीबों के लिए नकद हस्तांतरण की बात कही थी.

 

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पीएम केयर्स फंड को लेकर राहुल गांधी का हमला, कहा- "प्रधानमंत्री आश्वस्त करें कि इस फंड का का ऑडिट किया जाए"

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नई दिल्ली: कांग्रेस पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने पीएम केयर्स फंड को लेकर ट्वीट किया है. राहुल गांधी ने कहा है कि पीएम केयर्स फंड का ऑडिट किया जाना चाहिए और इस फंड को कहां,किस तरह खर्च किया गया इसकी जानकारी भी सार्वजनिक की जानी चाहिए. राहुल गांधी ने ट्वीट किया, "पीएम केयर्स फंड में बड़े पैमाने पर योगदान किया गया है. जिसमें पब्लिक सेक्टर अंडरटेकिंग और रेलवे जैसे बड़े सार्वजनिक संस्थान शामिल हैं."

राहुल गांधी ने कहा, "यह बहुत महत्वपूर्ण है कि प्रधानमंत्री आश्वस्त करें कि इस फंड का का ऑडिट किया जाए और इस फंड को कहां-कहां, किस तरह खर्च किया गया है इसका रिकॉर्ड सार्वजनिक हो."

बता दें कि कोरोनावायरस महामारी के कब्जे में इस वक्त पूरी दुनिया है, हर देश COVID-19 यानी कोरोनावायरस महामारी से बचने और फैलने से रोकने के लिए हर संभव कोशिश कर रहा है. कोरोना से जंग लड़ने के लिए प्राइम मिनिस्टर सिटीज़न असिस्टेंस एंड रिलीफ इन इमरजेंसी सिचुएशन फंड (PM CARES Fund) की शुरूआत की गई है, जहां कोई भी कितनी भी राशि सरकार को इस महामारी से लड़ने के लिए डोनेट कर सकता है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी कहा है कि यह राशि आपदा प्रबंधन क्षमताओं की ताकत बनेगी और नागरिकों की रक्षा के अनुसंधान को प्रोत्साहित करेगी.

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राहुल की मम्मी के PMO और मोदी PMO में जमीन आसमान का फर्क, अफवाहों के आधार पर डर पैदा ना करें: मुख्तार अब्बास नकवी

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नई दिल्ली: देश में बढ़ते कोरोना वायरस महामारी से निपटने के इंतजामों में कमी और आरोग्य सेतु एप से डेटा असुरक्षा का आरोप लगाने वाले कांग्रेस पार्टी के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी पर अल्पसंख्यक मामलों के केंद्रीय मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी ने तीखा हमला किया है। एक टीवी कार्यक्रम में नकवी ने राहुल पर डर फैलाने का आरोप लगाया और कहा कि मोदी जी के पीएमओ है राहुल की मम्मी की पीएमओ में जमीन आसमान का फर्क है।

नकवी ने कहा, ''राहुल गांधी उम्मीद के बजाय डर का माहौल पैदा कर रहे हैं। राहुल गांधी मम्मी जी के पीएमओ और मोदी जी के पीएमओ में फर्क करना सीख लें। कोरोना के खिलाफ जंग में होप की जरूरत है हॉरर की नहीं। कुछ लोग डर पैदा करके गुमराह करना चाहते हैं।''

नकवी ने कहा, ''एक पार्टी के बहुत बड़े नेता ने 20 सवाल पूछ लिए हैं, आरोग्य सेतु से लेकर प्रवासी मजदूरों और पीएमओ तक की बात कही। मुझे लगता है कि राहुल बाबा को मम्मी जी का पीएमओ याद आ रहा है मोदी जी का पीएमओ समझ नहीं आ रहा है। उनकी मम्मी जी के पीएमओ और मोदी जी के पीएमओ में जमीन आसमान का फर्क है। बिना तर्कों के केवल अफवाहों के जरिए इतनी बड़ी लड़ाई को कमजोर कोशिश करना और डर पैदा करके सियासी रोटी सेंकना ठीक नहीं है।''  नकवी ने कहा जो भी सुझाव देना चाहते हैं दे सकते हैं सभी के सुझाव स्वीकार कर रहे हैं, लेकिन कुछ लोग सुझाव देने की जगह लोगों को गुमराह कर रहे हैं।'' 

नकवी ने 2001 में गुजरात में आए भूकंप का उदाहरण देते हुए कहा कि उस समय मोदी जी ने जिस मजबूती के साथ परिणाम दिया वह पूरी दुनिया के लिए मिसाल बन गया। उन्होंने कहा कि पीएम मोदी ने लोगों की सलामती के लिए समावेशी तरीके से काम किया है और इस वजह से कोरोना की मारक क्षमता भारत में कमजोर हुई है। उन्होंने कहा कि देश की 130 करोड़ जनता ने पीएम का साथ दिया है और समाज के सभी वर्गों ने निर्देशों का पालन किया है।

दिल्ली अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष जफरूल इस्लाम के विवादित बयानों को लेकर नकवी ने कहा, ''यदि हमारी सरकार में ऐसा कोई व्यक्ति होता तो दो मिनट के भीतर कान पकड़कर बाहर कर दिया जाता और कानून के तहत कार्रवाई होती। लेकिन दुर्भाग्य से वह दिल्ली सरकार की ओर से नियुक्त किए गए हैं। ऐसे संवेदनशील मुद्दे पर घृणित और खतरनाक सोच को कोई स्वीकार नहीं कर सकता है, दिल्ली सरकार को भी इस बारे में सोचना चाहिए।''

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आरोग्य सेतु ऐप को लेकर राहुल गांधी ने खड़े किये सवाल, डेटा सिक्योरिटी-प्राइवेसी पर जताई चिंता!

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नई दिल्ली: देश में कोरोना वायरस का कहर लगातार बढ़ता जा रहा है. इस बीच सरकार के जरिए लगातार लोगों से आरोग्य सेतु ऐप मोबाइल में डाउनलोड करने की अपील की जा रही है. इस बीच कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने आरोग्य सेतु ऐप पर सवाल खड़े कर दिए हैं.

आरोग्य सेतु ऐप को निजी और सरकारी कर्मचारियों के लिए अनिवार्य कर दिया गया है. इस बीच कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने आरोग्य सेतु ऐप पर सवाल उठाए हैं. ट्वीट के जरिए राहुल गांधी ने कहा कि इस ऐप से डेटा सुरक्षा और गोपनीयता संबंधी चिंताएं बढ़ती हैं.

आरोग्य सेतु ऐप को भारत में तेज़ी से डाउनलोड और इंस्टॉल किया जा रहा है. ऐप ने लॉन्च के कुछ दिनों के अंदर लाखों डाउनलोड्स हासिल कर लिए थे और अब लेटेस्ट जानकारी के मुताबिक, आरोग्य सेतु ऐप को को 7.5 करोड़ (75 मिलियन) बार डाउनलोड किया जा चुका है. आरोग्य सेतु ऐप को 2 अप्रैल को लॉन्च किया गया था और तब से तेजी से बढ़ रहा है.  लेकिन इधर कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने ऐप को लेकर सवाल खड़े किये हैं. राहुल गांधी ने ट्वीट कर लिखा है कि सरकार को भय का लाभ नहीं उठाना चाहिए.

अपने ट्वीट में राहुल ने लिखा है "आरोग्य सेतु ऐप एक परिष्कृत निगरानी प्रणाली है. जो एक प्राइवेट ऑपरेटर का आउटसोर्स है. साथ ही इसमें संस्थागत स्तर पर कोई निगरानी नहीं की जा रही है. इस ऐप से डेटा और गोपनीयता से जुड़े कई समस्या हैं. टेक्नोलॉजी हमें  सुरक्षित रखने में मदद कर सकती है, लेकिन बिना लोगों की सहमति के उन्हें ट्रैक करना गलत है.  भय के नाम पर लाभ उठाना गलत हैं."

गौरतलब है कि केंद्र सरकार ने अपने कर्मचारियों के लिए मोबाइल फोन पर आरोग्य सेतु ऐप डाउनलोड करना अनिवार्य कर दिया है. इसका उद्देश्य कोरोना वायरस की चेन को तोड़ने के लिए ऐप का प्रभावी उपयोग सुनिश्चित करना है. सरकार की ओर से जारी आधिकारिक ज्ञापन के मुताबिक, केंद्र सरकार के अधीन आने वाले सभी अधिकारियों और कर्मचारियों के मोबाइल फोन में तत्काल प्रभाव से आरोग्य सेतु ऐप डाउनलोड होना चाहिए.

राहुल गाँधी के सवालो पे भाजपा ने दिया जवाब, ट्वीट तुरंत डिलीट करना पड़ा:
राहुल गांधी के इस ट्वीट पर भारतीय जनता पार्टी के आधिकारिक ट्विटर हैंडल से एक ट्वीट किया गया. इस ट्वीट को करते हुए सवाल किया गया, 'क्या कहते हैं?' साथ ही ट्वीट में एक फोटो भी पोस्ट की गई थी. हालांकि इस ट्वीट को कुछ ही मिनटों के बाद बीजेपी ने अपने ट्विटर हैंडल से हटा लिया. इस ट्वीट में एक पानी की टंकी के ऊपर एक जानवर है. टंकी पर कांग्रेस लिखा है.

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कांग्रेस का आरोप: कोरोना से निपटने से मोदी ने की देरी।

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देश इस वक़्त इतिहास में पहली बार लॉकडाउन हुआ है, कोरोना की महामारी हर राज्यों में फैली है। केंद्र से राज्य सरकार लॉकडाउन को सफल बनाने की कोशिश में लगे है। इसी बीच कांग्रेस पार्टी ने मोदी सरकार पे कोरोना वायरस में ढ़ीलापन अपनाने का आरोप लगा रहे है।

कांग्रेस ने ट्विटर पे लिखा है कि, भाजपा सरकार ने कोरोना वायरस से निपटने में देरी की है। कांग्रेस पार्टी द्वारा बारबार आगाह करने पर भी, मोदी सरकार ने हमारी बात को अनसुनी की। अब देश के सामने आर्थिक स्थिति पैदा हुई है, ऐसे में हमे उम्मीद है कि ऐसी गलती आगे नही होंगी।

आरोपो के साथ साथ केंद्र सरकार को कुछ सुजाव भी दिए है, सरकार ने न्याय योजना जैसी नई स्किम लानी चाहिए, ताकि लोगों को सीधे तौर पर आर्थिक मदद पहुचाई जा सके। बता दे कि कांग्रेस ने लोकसभा चुनाव के वक़्त अपने घोषणापत्र में न्याय योजना का जिक्र किया था जिसके तहत लोगो को हर साल 72000 रुपये आर्थिक मदद देना पा प्रावधान था।

कांग्रेस ने इस दौरान सरकार से पूछा कि, क्या केंद्र के पास किसान, डॉक्टर, मजदूरों को मदद पहुंचाने तथा उनकी सुरक्षा के लिए कुछ प्लान बना है, है तो देश के सामने लाये।

 

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