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कोरोना वायरस के कारण टोक्यो ओलिंपिक को 1 साल के लिए टाल दिया गया। जापान के प्रधानमंत्री शिंजो आबे ने अंतरराष्ट्रीय ओलिंपिक संघ के अध्यक्ष थॉमस बाक के साथ मंगलवार को हुई बातचीत के बाद यह जानकारी दी।

अब यह खेल 2021 की गर्मियों में होंगे। तारीख बाद में तय की जाएंगी। यह पहला मौका नहीं है, जब टोक्यो में होने वाले ओलिंपिक को टाला गया। 1940 में इस शहर को पहली बार इन खेलों की मेजबानी मिली थी। लेकिन, चीन से युद्ध की वजह से यह गेम्स रद्द हो गए। ओलिंपिक के 124 साल के इतिहास में ओलिंपिक 3 बार रद्द हुए हैं और पहली बार टले हैं। पहले विश्व युद्ध के चलते बर्लिन (1916), टोक्यो (1940) और लंदन (1944) गेम्स को कैंसिल करना पड़ा था। टोक्यो ओलिंपिक 24 जुलाई से 9 अगस्त के बीच होने थे।

आबे और आईओसी पिछले कुछ महीने से लगातार कह रहे थे कि गेम्स तय शेड्यूल के मुताबिक 24 जुलाई से शुरू होंगे। लेकिन कोविड-19 के बढ़ते खतरे के साथ आईओसी पर इन खेलों को स्थगित करने का दबाव बढ़ने लगा था। कनाडा और ऑस्ट्रेलिया पहले ही ओलिंपिक में हिस्सेदारी से इनकार कर चुके थे।

अमेरिका के 70 फीसदी से ज्यादा खिलाड़ी ओलिंपिक टालने के पक्ष में थे। अमेरिकी अखबार यूएसए टुडे ने 300 अमेरिकी खिलाड़ियों से ओलिंपिक के आयोजन पर सवाल पूछे थे। 70 फीसदी खिलाड़ियों ने कहा था कि गेम्स स्थगित होने चाहिए। 23 फीसदी ने कहा था कि यह उस समय के हालात पर निर्भर करेगा कि गेम्स होने चाहिए या नहीं। जब उन खिलाड़ियों से पूछा गया कि टोक्यो ओलिंपिक तय समय पर होना चाहिए तो 41 फीसदी ने कहा था कि यह सही आइडिया नहीं है।

टोक्यो ओलिंपिक 2020 की मेजबानी जापान के पास है। आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक, वह तैयारियों पर अब तक 12.6 अरब डॉलर खर्च कर चुका है। कुल अनुमानित खर्च इसका दो गुना यानी करीब 25 अरब डॉलर है।