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भारतीय क्रिकेट बोर्ड (BCCI) के अध्यक्ष सौरव गांगुली कोविड-19 महामारी के कारण हुए नुकसान से बेहद दुखी और भयभीत हैं. गांगुली ने इस संकट की तुलना खतरनाक विकेट पर टेस्ट मैच खेलने से की. इस पूर्व भारतीय कप्तान ने कोरोना वायरस के कारण लॉकडाउन के दिनों की जिंदगी पर बात की.

इस बीमारी के कारण दुनिया भर में अभी 34 लाख लोग संक्रमित हैं, जबकि दो लाख 40 हजार से अधिक लोगों की जान जा चुकी है. गांगुली ने "फीवर नेटवर्क" द्वारा शुरू किए गए "100 आवर्स 100 स्टार्स" कार्यक्रम में कहा, "यह बेहद खतरनाक विकेट पर टेस्ट मैच खेलने जैसी स्थिति है. गेंद सीम भी कर रही है और स्पिन भी ले रही है. बल्लेबाज के पास गलती की बहुत कम गुंजाइश है."

सौरव गांगुली ने कहा, "इसलिए बल्लेबाज को गलती करने से बचते हुए विकेट बचाए रखकर रन बनाने होंगे और यह टेस्ट मैच जीतना होगा." गांगुली ने अपने जमाने में कई दिग्गज तेज गेंदबाजों और स्पिनरों का डटकर सामना किया और उनमें सफल साबित हुए. बाएं हाथ के इस बल्लेबाज ने खेल के मुश्किल पलों और वर्तमान के स्वास्थ्य संकट को एक जैसा बताया.

मौजूदा हालात से दुखी हैं गांगुली:

सौरव गांगुली ने कहा, "यह बेहद मुश्किल स्थिति है, लेकिन उम्मीद है कि हम सभी मिलकर यह मैच जीतने में सफल रहेंगे." गांगुली ने इस महामारी के कारण कई लोगों के जान गंवाने और इससे हुए भारी नुकसान पर दुख व्यक्त किया. उन्होंने कहा, "मैं वर्तमान स्थिति देखकर वास्तव में दुखी हूं क्योंकि इतने अधिक लोग इससे पीड़ित हैं. हम अब भी यह नहीं समझ पा रहे हैं कि इस महामारी को कैसे रोकना है."

गांगुली ने कहा, "विश्व भर के इस माहौल से मैं वास्तव में परेशान हूं. हम नहीं जानते कि यह बीमारी कब और कहां से आई. हम सभी इसके लिए तैयार नहीं थे." गांगुली केवल परेशान ही नहीं है बल्कि उन्होंने स्वीकार किया कि उन्हें खुद भी इस बीमारी के कारण डर लगता है.

गांगुली ने कहा, "लोग इससे इतने अधिक प्रभावित हैं. कई लोग अपनी जान गंवा चुके हैं. ऐसी स्थिति मुझे बहुत परेशान कर देती है और मुझे भी डर लगता है." गांगुली ने कहा, "लोग किराने का सामान, खाना आदि पहुंचाने के लिए मेरे घर पर भी आते हैं, इसलिए मुझे भी थोड़ा डर लगता है. यह मिश्रित भावनाएं हैं. मैं जितना जल्दी हो सके, इस बीमारी का खात्मा चाहता हूं."