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उत्तर प्रदेश


उत्तर प्रदेश में पहली बार मिले कोरोना के 300 से ज्यादा नए केस, आंकड़ा 5000 के करीब

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लखनऊ: उत्तर प्रदेश में पिछले 24 घंटे में सबसे ज्यादा रिकॉर्ड 323 कोरोना संक्रमित मरीजों के मामले सामने आए हैं. इससे पहले 17 मई को सर्वाधिक 208 मामले पाए गए थे. मंगलवार को मिले 323 नए संक्रमित मरीजों में सबसे ज्यादा बस्ती के 44 हैं. इसके साथ ही यूपी में अब तक 4926 मरीज कोरोना वायरस के पॉजिटिव पाए जा चुके हैं.

पिछले 24 घंटे में पूरे प्रदेश में पांच मौते हुई हैं, जिसमें मेरठ, फिरोजाबाद, वाराणसी, बस्ती और जालौन में एक-एक मौत हुई है. प्रदेश में मौतों का कुल आंकड़ा 123 तक पहुंच गया है. मंगलवार को 135 मरीज ठीक होकर घर चले गए, इसके साथ ही अब तक 2918 मरीज डिस्चार्ज हो चुके हैं.

बीते 24 घंटों में यहां मिले इतने मरीज
बीते 24 घंटों में 323 मामले सामने आए हैं; इनमें आगरा 12, कानपुर नगर एक, लखनऊ 11, नोएडा 31, सहारनपुर एक, ग़ाज़ियाबाद दो, मुरादाबाद 11, वाराणसी 11, हापुड़ चार, अलीगढ़ 21, रामपुर 13, बस्ती 44, बुलंदशहर 14, रायबरेली छह, मथुरा एक, बिजनौर तीन, प्रयागराज चार, बहराइच 11, गोंडा पांच, मुजफ्फरनगर एक, लखीमपुर तीन, सुलतानपुर एक, प्रतापगढ़ सात, गाजीपुर सात, संतकबीरनगर एक, देवरिया 12, मैनपुरी आठ, महाराजगंज तीन, श्रावस्ती पांच, गोरखपुर दो, बरेली तीन, फर्रुखाबाद दो, हरदोई एक, कौशाम्बी 12, मिर्जापुर छह, चित्रकूट एक, पीलीभीत नौ, फतेहपुर 14, अंबेडकर नगर दो, बलरामपुर पांच, कासगंज पांच, चंदौली पांच और कुशीनगर दो हैं.

सबसे ज्यादा मौतें आगरा में हुई
अब तक हुई 123 मौतों में से सबसे ज्यादा आगरा में 27 हुई हैं, इसके बाद मेरठ में 20, मुरादाबाद में 11, कानपुर नगर और अलीगढ़ में 8-8 मौतें हुई हैं. इसके बाद नोएडा और फिरोजाबाद में 5-5, झांसी मथुरा संतकबीर नगर व वाराणसी में 4-4, गाजियाबाद, मैनपुरी, बस्ती और जालौन में 2-2 मौत हुई हैं. वहीं, लखनऊ, अमरोहा, बुलंदशहर,श्रावस्ती, बरेली, कानपुर देहात, बिजनौर, एटा, प्रयागराज, ललितपुर, हापुड़ महोबा, प्रतापगढ़, आजमगढ़ और कुशीनगर में एक-एक मौत हुई है.

135 मंगलवार ठीक होकर घर लौटे
मंगलवार को 135 कोरोना संक्रमित मरीज ठीक होकर वापस चले गए हैं। इनमें आगरा 66, मेरठ 13, लखनऊ एक, नोएडा छह, सहारनपुर एक, फिरोजाबाद तीन, मुरादाबाद नौ, हापुड़ चार, अलीगढ़ 10, संभल एक, मथुरा दो, बिजनौर एक, गोंडा 11,  झांसी तीन, देवरिया एक, श्रावस्ती एक और बांदा में दो मरीज डिस्चार्ज वापस होकर घर चले गए हैं.

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प्रियंका गाँधी की योगी सरकार को चिट्ठी, 5 बजे तक गाजियाबाद-नोएडा पहुंचा देंगे 1000 बसें

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लखनऊ: लॉकडाउन में फंसे प्रवासी मजदूरों के लिए बस चलाने को लेकर कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के बीच खींचतान बढ़ रही है. प्रियंका गांधी की ओर से मंगलवार को एक बार फिर से आगरा के बॉर्डर पर बसें लगनी शुरू हो गई हैं. प्रियंका गांधी के निजी सचिव संदीप सिंह ने मंगलवार को सवा 12 बजे यूपी अपर मुख्य सचिव अवनीश अवस्थी को पत्र लिखकर कहा कि ज्यादा बसें होने के चलते उनकी परमिट लेने में कुछ समय लग रहा है, लेकिन शाम पांच बजे तक सभी बसें यूपी बॉर्डर पर पहुंच जाएंगी.

प्रियंका के सचिव संदीप सिंह द्वारा लिखे गए पत्र में कहा है कि आपका पत्र हमें मंगलवार 11.5 बजे मिला है. इस संदर्भ में बताना चाहता हूं कि हमारी कुछ बसें राजस्थान से आ रही हैं और कुछ बसें दिल्ली से आ रही हैं. इनके लिए दोबारा से परमिट दिलवाने की कार्यवाही जारी है. बसों की संख्या अधिक होने के नाते इस में कुछ घंटे लगेंगे. ये सारी बसें शाम पांच बजे तक गाजियाबाद और नोएडा बॉर्डर पर पहुंच जाएंगी. शाम पांच बजे तक यात्रियों की लिस्ट और रूट मैप तैयार रखेंगे ताकि इनके संचालन में हमें कोई आपत्ती न आए.

प्रियंका गांधी ने प्रवासी श्रमिकों के लिए 1000 बसें भेजने के लिए प्रदेश सरकार से अनुमति मांगी थी. उनका आरोप है कि यूपी सरकार उन्हें बसें चलाने की अनुमति नहीं दे रही है. वहीं योगी के सलाहकार का आरोप है कि कांग्रेस से बसों की डीटेल मांगी गई जिसमें बाइक-कार और ऑटो के नंबर थे.

बता दें कि कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने 16 मई को ट्वीट कर कहा था कि हजारों श्रमिक, प्रवासी भाई-बहन बिना खाए भूखे प्यासे पैदल दुनिया भर की मुसीबतों को उठाते हुए अपने घरों की ओर चल रहे हैं. यूपी के हर बॉर्डर पर बहुत मजदूर मौजूद हैं. ऐसे में प्रिंयका ने प्रवासी श्रमिकों के लिए 1000 बसें भेजने के लिए प्रदेश सरकार से अनुमति मांगी थी. उनका आरोप है कि यूपी सरकार उन्हें बसें चलाने के अनुमति नहीं दे रही है. वहीं योगी का आरोप है कि कांग्रेस से बसों का डीटेल मांगा गया था, लेकिन वह उन्हें नहीं दिया गया.

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उत्तर प्रदेश: यूपी के औरेया में ट्रॉलर पलटने से 24 मजदूरों की मौत, 35 घायल

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औरैया: उत्तर प्रदेश के औरैया जिले में शनिवार तड़के सुबह हुए भीषण हादसे में 24 प्रवासी मजदूरों की मौत हो गई. सभी श्रमिक एक ट्रक और ट्राले में सवार थे. दिल्ली-कानपुर हाइवे पर हुए दर्दनाक हादसे में 36 श्रमिक गंभीर रूप से घायल हैं.

औरैया के डीएम अभिषेक सिंह ने बताया कि यह हादसा सुबह तकरीबन साढ़े तीन बजे हुआ, इस हादसे में अब तक 24 लोगों की मौत हुई है. कई लोग घायल हैं, इनमें से ज्यादातर मजदूर बिहार, झारखंड और पश्चिम बंगाल के रहने वाले थे.

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सड़क हादसे की फौरन जांच रिपोर्ट मांगी है, उत्तर प्रदेश के अपर मुख्य सचिव (गृह एवं सूचना) अवनीश अवस्थी ने बताया कि, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने औरैया में दुर्भाग्यपूर्ण घटना का तत्काल संज्ञान लिया है. उन्होंने जान गंवाने वाले मजदूरों के परिवारों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की है.

मुख्यमंत्री ने सभी घायलों को तुरंत चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराए जाने व कमिश्नर और आईजी (कानपुर) को घटनास्थल का दौरा कर दुर्घटना के कारणों की तुरंत रिपोर्ट देने को कहा है.

यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कल ही अधिकारियों को निर्देश दिया था कि किसी भी प्रवासी मजदूर को असुरक्षित तरीके से यात्रा की अनुमति ना दी जाए फिर भी ये हादसा हुआ. आज गाजियाबाद और नोएडा से मजदूरों को उनकी मंजिल तक ले जाने के लिए ट्रेन भी चलने वाली हैं लेकिन इसके बावजूद मजदूरे जान जोखिम में डालकर सफर कर रहे हैं. इसलिए सवाल ये उठ रहे हैं कि इस हादसे की जिम्मेदारी किसकी है.

यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ ने औरैया में हुई दुर्भाग्यपूर्ण घटना पर दुख जताया है. उन्होंने जान गंवाने वाले मजदूरों के परिवारों के प्रति अपनी गहरी संवेदना व्यक्त की है. उन्होंने यह भी निर्देश दिया है कि सभी घायलों को तुरंत चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जाए. कमिश्नर और आईजी कानपुर घटनास्थल का दौरा करें और दुर्घटना के कारणों की रिपोर्ट दें.

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UP: महाराष्ट्र के पालघर के बाद अब यूपी के बुलंदशहर में दो साधुओं की हत्या, आरोपी गिरप्तार चिमटा चुराने का था विवाद

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बुलंदशहर: उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर जिले में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आईं है, यहां मंगलवार की सुबह दो साधुओं के शव मंदिर परिसर में मिले है. दोनों साधुओं की हत्या किसी धारदार हथियार से गला रेतकर की गई है. वारदात की सूचना पर मिलते ही एसएसपी संतोष कुमार समेत कई थानों की पुलिस और फॉरेंसिक विभाग की टीम मौका-ए-वारदात पर पहुंच गई. वहीं, पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है.

वारदात बुलंदशहर के अनूपशहर थाना क्षेत्र के परोना गांव की है, परोना गांव के शिव मंदिर में पिछले करीब 10 वर्षों से साधु जगनदास (55) और सेवादास (35) रहते थे. सोमवार की देर रात मंदिर परिसर में ही दोनों साधुओं की धारदार हथियारों से प्रहार कर हत्या कर दी गई, मंगलवार सुबह जब ग्रामीण मंदिर में पहुंचे तो उन्हें साधुओं के खून से लथपथ शव पड़े मिले. इसे देखकर कोहराम मच गया, बड़ी संख्या में ग्रामीण मंदिर पर पहुंच गए और पुलिस को सूचना दी.

ग्रामीणों ने इस घटना की जानकारी पुलिस को दी जिसके तुरंत बाद एसएसपी संतोष कुमार सिंह, सीओ अनूपशहर अतुल चौबे, कोतवाल मिथिलेश उपाध्याय पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंच गए, एसएसपी संतोष कुमार ने बताया कि इस मामले में गांव के ही एक युवक राजू को नशे की हालत में पुलिस ने घटनास्थल से करीब दो किलोमीटर दूर दूसरे गांव से अर्द्धनग्न अवस्था में गिरफ्तार कर लिया है. पुलिस उससे पूछताछ कर रही है, बताया गया है कि 2 दिन पूर्व आरोपी युवक ने साधुओं का चिमटा गायब कर दिया था, जिसको लेकर साधुओं ने नाराजगी जताई थी. इसी बात से क्षुब्ध होकर उक्त युवक के द्वारा रात्रि में दोनों साधुओं की हत्या किए जाने की आशंका है, पुलिस मामले की गहराई से छानबीन कर रही है.

मेरठ एडीजी जोन प्रशांत कुमार ने बताया, ''बुलंदशहर में शिव मंदिर पर रहने वाले दो साधुओं की हत्या का मामला, ग्रामीणों की मदद से पुलिस ने गांव के एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया है. बुलंदशहर पुलिस के मुताबिक उक्त व्यक्ति ने बाबा का चिमटा गायब कर दिया था जिसके चलते बाबा ने इसे डांटा था, प्रथम दृष्टया इसके चलते ही उक्त व्यक्ति ने दोनों बाबा को मारा है, ग्रामीणों ने भी उक्त व्यक्ति को घटनास्थल से तलवार ले जाते हुए देखा था, फिलहाल आरोपी गिरफ्त में है, बाकी होश में आने पर सख्ती से पूछताछ की जाएगी.

वहीं, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस घटना को संज्ञान में लेते हुए डीएम, एसएसपी व अन्य वरिष्ठ अधिकारियों को तत्काल मौके पर पहुंचकर इस वारदात के संबंध में विस्तृत आख्या देने व दोषियों के विरुद्ध सख्त से सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करने निर्देश दिए हैं.

एसएसपी ने बताया साधुओं से था नाराज
इस मामले में एसएसपी बुलंदशहर संतोष कुमार सिंह का कहना है कि आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है. प्रारंभिक जांच के अनुसार यह पाया गया है कि कुछ दिन पहले उसने पुजारियों का चिमटा गायब कर दिया था जिसके बाद पुजारियों ने उसे डांटा था. इसके बाद ही उसने आज सुबह दो पुजारियों की हत्या कर दी। आगे की जांच जारी है.

सीएम योगी ने लिया मामले का संज्ञान
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ग्राम पगौना, थाना अनूपशहर, जनपद बुलंदशहर में हुई हत्या की घटना का संज्ञान लिया है. उन्होंने  जिलाधिकारी, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारियों को तुरंत मौके पर पहुंच कर घटना के संबंध में विस्तृत आख्या देने और दोषियों के विरुद्ध सख्त से सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करने निर्देश दिए हैं.

पालघर में दो साधुओं की पीट-पीटकर हत्या कर दी गई थी
बीते 17 अप्रैल को महाराष्ट्र के पालघर में दो साधु और एक ड्राइवर की करीब 200 लोगों की भीड़ ने पीट-पीटकर हत्या कर दी थी. बताया जाता है कि भीड़ ने इको वैन में बैठे दोनों साधु और उनके ड्राइवर को चोर समझ लिया था और फिर उनकी पीट-पीटकर बेरहमी से हत्या कर दी.

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उत्तर प्रदेश: कोरोना उपकरण में बड़ा घोटाला, खुद बीजेपी MLA ने लगाया आरोप!

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देश में कोरोना महामारी जैसे भयानक समय में जब विरोधी दल भी राजनीतिक प्रतिद्वंद्वीता भूल कर सरकार का साथ दे रहे हैं और उसमें अपना विश्वास जता रहे हैं, ऐसे में उत्तर प्रदेश की योगी सरकार के खिलाफ खुद बीजेपी के विधायक अविश्वास जताया है.

हरदोई के गोपमाऊ से भाजपा विधायक श्याम प्रकाश का अपनी सरकार पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाया है और दान की हुई निधि वापस मांग ली है, उससे पहले उत्तर प्रदेश का वुहान बन चुके आगरा के मेयर नवीन जैन ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र लिख कर कहा था कि, अगर आगरा के लिए जल्द ठोस कदम नहीं उठाए गए तो आगरा वुहान बन सकता है.

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बीजेपी विधायक श्याम प्रकाश ने हरदोई जिला प्रशासन पर सीधा आरोप लगाते हुए कोरोना में इस्तेमाल होने वाले उपकरणों में हेरफेर का आरोप लगाया है. श्याम प्रकाश ने विधायक फंड से कोरोना मदद में 25 लाख रुपये दिए थे. अब वो मुख्य विकास अधिकारी को पत्र लिखकर अपने 25 लाख रुपए वापस मांग रहे हैं.

भाजपा विधायक ने स्वास्थ्य विभाग में भ्रष्टाचार का आरोप लगाकर अपनी विधायक निधि के 25 लाख मांगे हैं. उन्होंने कहा मेरी विधायक निधि का पैसा सही से प्रयोग नही किया जा रहा है इसीलिए मेरा पैसा वापस किया जाए. इस चुनौतीपूर्ण समय में खुद भाजपा विधायक अपनी ही पार्टी भाजपा पर गलत तरह से कार्य करने का गंभीर आरोप लगा रहे हैं.

वहीं इस मामले में समाजवादी पार्टी ने योगी सरकार पर हमला करते हुए लिखा- "भला उस सरकार पर कौन विश्वास करे जिस पर उसी के विधायक, मेयर, नेता विश्वास नहीं करते, ये क्या लड़ेंगे और बचाएंगे कोरोना से? इन्हें तो शराब तस्करी, भ्रष्टाचार से फुर्सत नहीं. हरदोई से भाजपा विधायक का अपनी सरकार पर भ्रष्टाचार का आरोप लगा दान निधि वापस मांगना सीएम की पोल खोलता है."

 

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