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Tag : Covid-19


ये है चीन की लैब जहा से कोरोना का जन्म हुआ, क्या यहीं से लीक हुआ यह वायरस? ट्रंप कर रहे उच्च स्तरीय जाँच

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कोरोना वायरस ने लगभग पूरी दुनिया को अपने तबाही में लिया है। अब तक पूरी दुनिया में डेड लाख से ज्यादा की मौत हुई है, हर देश इस वायरस से पार पाने की कोशिश कर रह है। दुनिया के सबसे शक्तिशाली देश अमेरिका में तो इस वायरस ने कोहराम मचा दिया है। यहां 7 लाख से ज्यादा लोग इस वायरस से संक्रमित हैं, जबकि करीब 33,000 हजार लोग अपनी जान गवां चुके हैं।

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप कोरोना के कारण बेहद परेशान हैं और इस वायरस को चीन की देन बता रहे हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति का मानना है कि कोरोना वायरस चीन के वुहान स्थित एक प्रयोगशाला से बाहर निकला है। इस प्रयोगशाला में चमगादड़ों पर रिसर्च चल रही थी। अब ट्रंप चाहते हैं कि इस प्रयोगशाला की बड़े स्तर पर जांच होनी चाहिए। हालांकि, अमेरिका अपने स्तर पर इस लैब की जांच कर रहा है।

News  Byte: China Virus

हालांकि, चीन शुरू से ही कहता आ रहा है कि यह वायरस किसी प्रयोगशाला से नहीं बल्कि वुहान के वेट मार्केट से फैला है। इस वायरस का उनकी किसी भी प्रयोगशाला से कोई लेना-देना नहीं है। लेकिन अमेरिकी अखबार द वॉशिंगटन पोस्ट और फॉक्स न्यूज ने अनजान सूत्रों के हवाले से यह खबर प्रकाशित की कि अनजाने में चीन के वुहान स्थित प्रयोगशाला से वायरस बाहर निकला है।

लेकिन द वॉशिंगटन पोस्ट और फॉक्स न्यूज दोनों ही के पास कोरोना वायरस की उत्पत्ति को लेकर कोई पुख्ता सबूत नहीं हैं। द वॉशिंगटन पोस्ट में जोश रॉगिन लिखते हैं कि अमेरिकी दूतावास के लोग 2 साल पहले वुहान इंस्टीट्यूट ऑफ वायरोलॉजी गए थे। वहां की सुरक्षा को देख अमेरिकी दूतावास के लोगों ने चेतावनी दी थी कि यहां से कभी भी वायरस लीक हो सकता है।

जबकि, फॉक्स न्यूज ने दावा किया है कि चीन का पहला मरीज जिसे लोग पेशेंट जीरो कह रहे हैं। उसे वुहान की प्रयोगशाला में किसी चमगादड़ के जरिए कोरोना का संक्रमण मिला। इसके बाद यह पूरी दुनिया में फैला गया। फॉक्स न्यूज ने अमेरिकी विदेश मंत्री माइक पोम्पियो के हवाले से कहा है कि हम कोरोना वायरस की उत्पत्ति को लेकर एक बड़ी जांच कर रहे हैं। जिसकी वजह से पूरी दुनिया त्रासदी झेल रही है। अमेरिका समेत दुनियाभर में इतने लोग मारे जा रहे हैं।

हालांकि पोम्पियो ने इस बात से इनकार नहीं किया कि चीन के वुहान स्थित प्रयोगशाला से कोरोना वायरस लीक हुआ है। उन्होंने कहा कि उस प्रयोगशाला में बेहद संक्रामक और जानलेवा वस्तुएं रखी हुई हैं। हमें उसकी जांच करनी चाहिए। पोम्पियो ने आगे कहा कि जो देश अपने कामों में पारदर्शिता रखते हैं उनके पास खुद को सुरक्षित रखने और बीमारियों को नियंत्रित करने की क्षमता होती है। हम अपनी जांच के दौरान इस बात का पूरा ध्यान रखेंगे कि हमारी प्रक्रिया को बाहरी ऑब्जर्वर देखते रहें।

इस बीच, डोनाल्ड ट्रंप ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि हमें लगातार चीन के वुहान स्थित प्रयोगशाला की कहानी सुनने को मिल रही है। हम अपने स्तर पर इस प्रयोगशाला की बड़ी जांच कर रहे हैं। हाल ही में ट्रंप ने विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) को फंडिंग बंद करने का फैसला किया। इससे उन्हें पूरी दुनिया की नाराजगी झेलनी पड़ी। ट्रंप लगातार चीन और WHO को कोरोना वायरस संक्रमण का जिम्मेदार बता रहे हैं।

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Corona Virus: चार राज्यों में चमगादड़ों में मिला बैट कोरोना वायरस, वैज्ञानिक लगा रहे पता कैसे पहुंचा इंसानों में!

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दुनियाभर के वैज्ञानिक इस खोज में लगे हैं कि कोविड-19 का वायरस इंसानों तक किस जीव के जरिए पहुंचा। इसी बीच भारत के वैज्ञानिकों ने देश के 4 राज्यों में चमगादड़ों के नमूनों में बैट कोरोना वायरस (बीटी सीओवी) होने की पुष्टि की है। वैज्ञानिकों का कहना है कि यह कोरोना वायरस कोविड-19 बीमारी के कोरोना वायरस सार्स सीओवी2 से मिलता जुलता हो सकता है।

डॉक्टर प्रज्ञा यादव के नेतृत्व में हुए इस शोध का मकसद  यह जानना है कि कोरोना वायरस की प्रजाति के कौन से और वायरस चमगादड़ या अन्य जीवों में मौजूद हो सकते हैं। यह शोध इंडियन जर्नल ऑफ मेडिकल रिसर्च में प्रकाशित हुआ है। 

10 राज्यों में अध्ययन : 
इस शोध में वैज्ञानिकों ने भारत के 10 राज्यों में मौजूद दो प्रजाति की चमगादड़ के  सैम्पल लिए थे। इनमें पिटरोपस एवं रोसेट्स प्रजाति के चमगादड़ों के नमूने लिए गए। वैज्ञानिकों ने पाया कि भारत में 10 राज्यों में से 4 राज्यों के चमगादड़ों में बैट कोरोना वायरस की पुष्टि हुई है। 

इन राज्यों में मिला वायरस  : 
केरल, हिमाचल और तमिलनाडु और पॉन्डिचेरी में चमगादड़ से लिए गए नमूनों में बैट कोरोना वायरस मिलने की पुष्टि हुई है। 

छह राज्यों में नहीं मिला  : 
10 राज्यों में चमगादड़ की दो प्रजातियों के सैम्पल लेकर कोरोना की पीसीआर जांच की गई थी। इनमें छह राज्यों में सैम्पल निगेटिव आये हैं। इनमें कर्नाटक, चंडीगढ़, उड़ीसा, पंजाब , गुजरात, तेलंगाना में चमगादड़ में बैट कोरोना वायरस नहीं मिला। 

नए वायरस के खतरों से अलर्ट रहने की चेतावनी-
एम्स के मेडिसिन विभाग के प्रोफेसर डॉक्टर नवल विक्रम के मुताबिक अभी तक के कुछ शोध में सामने आया है कि इंसानों में कोविड 19 का कोरोना वायरस चमगादड़ के जरिये किसी अन्य जीव में पहुंचा है और वहां से यह इंसानों तक आया है। इस पर अभी रहस्य बना हुआ है। इससे पहले निपाह वायरस भी चमगादड़ के जरिए इंसानों में आया था, इस बात की पुष्टि कई शोध में हो चुकी है। ऐसे में भारत के 4 राज्यों में चमगादड़ में बैट कोरोना वायरस का मिलना इस बात की ओर जोर देता है कि कहीं कोई और बीमारी चमगादड़ से इंसानों में न फैलने लगे। इसके लिए इन जीवों की समय समय पर निगरानी और सर्वेक्षण करना बेहद जरूरी है।

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लॉकडाउन तोड़ मुंबई में इतनी भीड़ कहां से इकट्ठा हुई? लॉकडाउन की धज्जिया उड़ाने वाला गुन्हेगार कोन?

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कोरोना के चलते लॉकडाउन के बीच मुंबई के बांद्रा रेलवे स्टेशन के बाहर मंगलवार को हजारों की तादाद में प्रवासी मजदूर अपने गृह राज्य जाने के लिए इकट्ठा हुए। इन लोगों को यहां से हटने के लिए कहा गया लेकिन इनके अड़ने पर पुलिस ने लाठीचार्ज कर भीड़ को तितर-बितर किया, जिसके बाद स्थिति को नियंत्रण में किया गया। डर था कि कहीं यहां भी हालत सूरत की तरह न हो जाए, जैसा पिछले दिनों देखने को मिला था।

महाराष्ट्र सरकार ने मजदूर प्रवासियों को घर ले जाने के लिए फिर से शुरू होने वाली ट्रेन सेवाओं के बारे में अफवाह फैलाने वालों के खिलाफ जांच का आदेश दिया है। महाराष्ट्र के गृह मंत्री अनिल देशमुख ने यह आदेश जारी किया है। बता दें कि मंगलवार दोपहर में हजारों की संख्या में प्रवासी मजदूर मुंबई के बांद्रा रेलवे स्टेशन पर जमा हो गए थे और घर भेजने की मांग करने लगे।

कोरोना वायरस के चलते देशभर में लॉकडाउन के बीच इतनी बड़ी संख्या में लोगों के एकसाथ जुटने के बाद हड़कंप मच गया। आनन फानन में पुलिस और स्थानीय नेता वहां पर पहुंचे, लेकिन जब उनकी बातें नही सुनी गई तो पुलिस ने उन पर लाठीचार्ज कर भीड़ को तितर-बितर किया और स्थिति को अपने नियंत्रण में लिया।

1000 अज्ञात लोगों के खिलाफ केस दर्ज

अब महाराष्ट्र पुलिस को उन लोगों की तलाश है जो इन हजारों मजदूरों को गुमराह किया, जिसकी वजह से ये लोग बांद्रा स्टेशन पर आए थे। पुलिस इस बात का पता लगाने में जुटी है कि आखिर किसने यह अफवाह फैलाई कि ट्रेन चलने जा रही है। एपिडेमिक एक्ट की धारा 3 और आईपीसी की धारा 143, 147, 149, 186 और 188 के तहत करीब 800 से 1000 अज्ञात लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया है।

एक शख्स हिरासत में

मुंबई के बांद्रा रेलवे स्टेशन पर प्रवासी मजदूरों की भारी भीड़ इकट्ठा होने के मामले में पुलिस ने विनय दुबे नाम के शख्स को हिरासत में ले लिया है. विनय दुबे को नवी मुंबई पुलिस ने हिरासत में लिया और मुंबई पुलिस को सौंप दिया. लॉकडाउन के बीच विनय दुबे पर भीड़ को गुमराह करने का आरोप है.

विनय दुबे 'चलो घर की ओर' कैंपेन चला रहा था. अपने फेसबुक पर शेयर किए गए पोस्ट में उसने टीम के बांद्रा में होने की बात कही थी. इस मामले में पुलिस ने एक हजार लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है.दुबे के खिलाफ आईपीसी की धारा 117, 153 ए, 188, 269, 270, 505(2) और एपिडेमिक एक्ट की धारा 3 के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है.

उद्धव ठाकरे ने प्रवासी मजदूरों से कहा- आप चिंता न करें

देशव्यापी लॉकडाउन तीन मई तक बढ़ाए जाने के बावजूद अपने-अपने गृह नगर जाने की आस में यहां बांद्रा रेलवे स्टेशन के पास सैकड़ों प्रवासी कामगारों के इकट्ठा होने के बाद उन्होंने वेबकास्ट के जरिए संबोधित किया। प्रवासियों से अपील करते हुए मुख्यमंत्री ने कुछ देर तक हिंदी में भी संबोधित किया।

ठाकरे ने यह भी कहा कि उनकी सरकार इस पर काम कर रही है कि लॉकडाउन कैसे खत्म किया जाए और औद्योगिक गतिविधियां बहाल हो। उन्होंने माना कि मुंबई और पुणे में संक्रमण के बढ़ते मामले चिंता का विषय है। उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र में कोरोना वायरस की सबसे अधिक जांच हुई है। उन्होंने केंद्र से प्रायोगिक तौर पर प्लाज्मा उपचार की अनुमति देने का भी अनुरोध किया।

 

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Corona Virus: महाराष्ट्र में कोरोना मरीजों की संख्या 2300 के पार, कुछ उद्योगों को चालू कर सकती है सरकार

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महाराष्ट्र में सोमवार को कोरोना के 352 नए मामले सामने आए हैं. इसी के साथ यहां कुल मरीजों की संख्या 2,334 हो गई. मुंबई में भी नए मामले सामने आ रहे हैं. सोमवार को यहां 242 मरीज मिले, जिससे मुंबई में कुल कोरोना संक्रमित लोगों की संख्या 1,540 पर पहुंच गई. महाराष्ट्र में कोरोना वायरस से 11 लोगों की मौत हो गई जिनमें अकेले मुंबई से 9 हैं.

मुंबई में अब तक मौत का आंकड़ा 100 को पार कर गया है. हालांकि महामारी के बीच कई लोग ठीक होकर घर भी लौट रहे हैं. अब तक महाराष्ट्र में 229 लोग ठीक हो चुके हैं. महाराष्ट्र के कोरोना मरीजों में 50 लोग दिल्ली के तबलीगी जमात से जुड़े हैं.

इससे पहले सोमवार को महाराष्ट्र के आवास मंत्री जितेंद्र अव्हाड से जुड़े 14 लोगों के कोरोना पॉजिटिव होने की खबर आई. इनमें 5 पुलिस कांस्टेबल भी शामिल हैं जो उनकी सुरक्षा टीम में तैनात थे. बाकी लोगों में उनके स्टाफ, पार्टी वर्कर और उनके घर में काम करने वाले लोग हैं. इस घटना के बाद जितेंद्र अव्हाड क्वारनटीन में चले गए हैं.

पुलिस अधिकारी के संपर्क में आए एनसीपी नेता

एनसीपी नेता जितेंद्र अव्हाड ने सोमवार को जानकारी दी थी कि वे एक ऐसे व्यक्ति के संपर्क में आए थे जो बाद में कोरोना पॉजिटिव निकला था. इसके बाद उन्होंने क्वारनटीन में जाने का ऐलान किया. समाचार एजेंसी पीटीआई ने सूत्रों के हवाले से कहा कि जितेंद्र अव्हाड पिछले दिनों एक पुलिस अधिकारी के संपर्क में आए थे, ये अधिकारी बाद में कोरोना पॉजिटिव पाया गया था. इसके बाद अव्हाड ने कुछ दिनों के लिए खुद क्वारनटीन पर जाने की घोषणा की है.

इस बीच ठाणे नगर पालिका के प्रेस रूम को सील कर दिया गया है. दरअसल, एक पत्रकार के कोरोना पॉजिटिव मिलने के बाद कार्रवाई की गई है. इसके अलावा ठाणे नगर पालिका की ओर से पुलिस अधिकारियों, पत्रकारों और कई अधिकारियों का टेस्ट किया गया है.

इस दौरान मुंब्रा पुलिस स्टेशन का इंचार्ज कोरोना पॉजिटिव निकला. मुंब्रा पुलिस स्टेशन इंचार्ज के पॉजिटिव निकलने के बाद स्थानीय हॉस्पिटल के डॉक्टर और मेडिकल स्टाफ का भी टेस्ट किया गया है. दरअसल, पुलिस स्टेशन इंचार्ज का इलाज इसी अस्पताल में हुआ था. इसके बाद वह अपने घर नासिक चला गया था. अब पुलिसकर्मी के संपर्क में आए लोगों की तलाश शुरू हो गई है.

महाराष्ट्र सरकार ने लॉकडाउन की मियाद बढ़ा दी है. इसके बावजूद राज्य में कुछ उद्योगों को राहत देने पर विचार किया जा रहा है, ताकि कुछ इलाकों में उद्योगों को फिर से चालू किया जा सके. सूत्रों के मुताबिक महाराष्ट्र के 7 जिलों में कोरोना वायरस का एक भी केस नहीं मिला है, जबकि 9 जिले ऐसे हैं जहां एक केस पाया गया है. सरकार इन जिलों में औद्योगिक गतिविधियां शुरू कर सकती है.

सरकार यहां ट्रांसपोर्ट व्यवस्था भी शुरू कर सकती है. महाराष्ट्र के 5 जिले जहां कोरोना वायरस के मामले सिर्फ शहरी इलाकों में मिले हैं, यानी कि जो क्षेत्र नगर निगम के दायरे में हैं, उसे छोड़कर बाकी जगहों पर कारखानों को चालू किया जा सकता है. बता दें कि महाराष्ट्र की ज्यादातर औद्योगिक इकाइयां इन्हीं जगहों पर स्थित हैं. नासिक जिला इसका उदाहरण है. ऐसे क्षेत्रों में भी उद्योग-धंधों को चालू किया जा सकता है.

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दिल्ली में बुलंदशहर के डॉक्टर की मौत, जांच में हुई कोविड-19 संक्रमण की पुष्टि

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उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर के एक डॉक्टर की दिल्ली के एक अस्पताल में कोरोना वायरस (Corona virus) संक्रमण के कारण मौत हो गई. आधिकारिक सूत्रों ने शनिवार को यह जानकारी दी. डॉक्टर के परिजनों ने आरोप लगाया कि शनिवार को शव राष्ट्रीय राजधानी के निगमबोध घाट ले जाया गया जहां अंतिम संस्कार से पहले कई घंटे का इंतजार करना पड़ा. डॉक्टर को बुलंदशहर से सफदरजंग अस्पताल लाया गया था. शनिवार को उनकी रिपोर्ट आई थी जिसमें संक्रमण की पुष्टि हुई थी.

बता दें कि दिल्ली में कई डॉक्टर कोरोना पॉजिटिव हैं. दिल्ली सरकार का स्टेट कैंसर इंस्टीट्यूट भी कोरोना वायरस के संक्रमण की चपेट में आ गया है. इस बड़े अस्पताल में डॉक्‍टर समेत कुल 21 स्‍टाफ में COVID-19 के संक्रमण की पुष्टि हो चुकी है. पॉजिटिव मरीजों में एक सफाई कर्मचारी और बाकी मेडिकल स्टाफ हैं. तीन नए मामलों की रिपोर्ट अभी हाल ही में आई है. नए मामलों में एक डॉक्टर, एक नर्स और एक सफाई कर्मचारी संक्रमित पाए गए हैं. इससे पहले संक्रमित हुए 18 लोगों में दो डॉक्टर और 16 नर्सिंग स्टाफ थे. अस्पताल स्टाफ द्वारा ऐसा दावा किया जा रहा है कि एक डॉक्टर का भाई ब्रिटेन से लौटा था, जिनके पॉजिटिव होने की संभावना जताई गई थी. फिलहाल सभी को आइसोलेट कर दिया गया है.

जानकारी के मुताबिक, बड़ी संख्या में स्टाफ के कोरोना पॉजिटिव होने के बाद बाकी बचे स्टाफ के 45 लोगों को ऐहतियात बरतते हुए होम क्‍वारंटाइन कर दिया गया है. वहीं, अस्पताल में भर्ती 19 मरीजों का सैंपल भी कोरोना टेस्ट के लिए लैब में भेजा गया है. बताया जा रहा है कि जल्द ही इनकी रिपोर्ट भी आ जाएगी. बड़ी संख्या में मामले सामने आने के बाद अस्पताल का मेडिकल स्टाफ और मरीज दोनों ही आशंकित हैं.

दूसरी तरफ, बीते बुधवार की देर रात लुटियन दिल्ली के बंगाली मार्केट इलाके में पहुंची एनडीएमसी और स्वास्थ्य विभाग की टीम ने 325 घरों में करीब 2 हज़ार लोगों की स्क्रीनिंग की. इस दौरान 3 कोरोना पॉजिटिव केस मिले हैं, जिसके चलते बंगाली मार्केट इलाके को सील कर दिया गया है. अब मार्केट को सीमित समय के लिए ही खोला जाएगा. वहीं, चेकिंग के दौरान बंगाली मार्केट में ही बनी एक दुकान की छत पर 35 लोग एक साथ मिले. बंगाली पेस्ट्री शॉप की दुकान पर यह लोग सोए हुए थे. लॉकडाउन के बाद से यह यहीं फंसे हुए थे. आरोप है कि दुकान मालिक ने इन्हें शेल्टर होम भेजने की कोशिश भी नहीं की.

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