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Tag : Uddhav Thakre


महाराष्ट्र एमएलसी चुनाव: मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे निर्विरोध चुने जाएंगे विधान परिषद सदस्य

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मुंबई: महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे निर्विरोध विधान परिषद सदस्य (MLC) बनने जाना तय, क्योंकि कांग्रेस अपना एक उम्मीदवार हटाएगी. महाराष्ट्र प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष बालासाहेब थोराट ने यह जानकारी दी. कांग्रेस ने रविवार को घोषणा की कि उसने 21 मई को महाराष्ट्र विधान परिषद की नौ सीटों पर होने वाले चुनाव में दो में से एक उम्मीदवार का नाम वापस ले लिया है, इसके साथ ही मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे का विधान परिषद का सदस्य चुना जाना तय हो गया है.

महाराष्ट्र कांग्रेस अध्यक्ष बालासाहेब थोराट ने कहा, "हमने विधान परिषद चुनाव के दो उम्मीदवारों में से एक का नाम वापस लेने का फैसला किया है, जिसका मतलब है कि एमवीए (महाविकास आघाड़ी) नौ में से पांच सीटों पर उम्मीदवार उतारेगा." बचे चार पे भाजपा ने अपने उम्मीदवार उतारे हैं.

एमएलसी चुनाव में कांग्रेस की तरफ से दो उम्मीदवारों के नामों की घोषणा के बाद नाराज होकर शिवसेना ने दो टूक कह दिया था कि यदि उद्धव ठाकरे निर्विरोध नहीं चुने गए तो वह एमएलसी चुनाव नहीं लड़ेंगे. मुख्यमंत्री बने रहने के लिए ठाकरे के लिए एमएलसी चुना जाना आवश्यक है.

शिवसेना नेता संजय राउत ने रविवार को कहा कि मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे यदि निर्विरोध नहीं जीते तो वह एमएलसी चुनाव नहीं लड़ेंगे. उन्होंने यह भी कहा कि कांग्रेस पार्टी दो सीटों पर उम्मीदवार उतारने पर अड़ी है और इससे चुनाव की नौबत आएगी। राउत ने कहा कि इस सियासी ड्रामे से शिव सेना चीफ दुखी हैं. उन्होंने महाराष्ट्र कांग्रेस चीफ बालासाहेब थोराट को दूसरे उम्मीदवार का नाम वापस लेने के लिए संदेश भेजा है.

राउत ने स्पष्ट किया कि उद्धव ठाकरे चुनाव लड़ने से डर नहीं रहे हैं लेकिन मौजूदा स्थिति राजनीति लड़ाई की नहीं है. उन्होंने यह भी कहा कि 21 मई को 9 सीटों पर विधान परिषद चुनाव संवैधानिक और राजनीतिक संकट टालने की वजह से कराया जा रहा है.

गौरतलब है कि एक मुख्यमंत्री या मंत्री के लिए शपथ ग्रहण से छह महीने के भीतर विधानसभा या विधान परिषद का सदस्य बनना अनिवार्य होता है. उद्धव किसी सदन के सदस्य नहीं हैं और उनके लिए यह समयसीमा 28 मई को खत्म हो रही है.

शनिवार रात थोराट ने बीड जिले के पार्टी अध्यक्ष राजकिशोर मोदी का नाम दूसरे उम्मीदवार के रूप में घोषित की थी. भारतीय जनता पार्टी पहले ही चार उम्मीदवारों के नामों की घोषणा कर चुकी है. एनसीपी और शिव सेना ने दो-दो उम्मीदवारों के नामों की घोषणा की है. कांग्रेस की ओर से भी दो उम्मीदवारों की घोषणा के बाद सत्ताधारी गठबंधन के उम्मीदवारों के बीच चुनाव की आवश्यकता पैदा हो गई थी.

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महाराष्ट्र विधान परिषद चुनाव में कांग्रेस की सहमति के बाद उद्धव ठाकरे का निर्विरोध चुना जाना तय

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मुंबई: महाराष्ट्र विधान परिषद की 9 सीटों के लिए 21 मई को होने वाले उपचुनाव में कांग्रेस के दो की बजाय एक प्रत्याशी खड़ा करने पर शनिवार को सहमत हो गई. इसके साथ ही राज्य विधायिका के उच्च सदन में मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे समेत अन्य प्रत्याशियों के निर्विरोध चुने जाने का रास्ता साफ हो गया है. कांग्रेस के सूत्रों के अनुसार, पार्टी जालना जिला परिषद के सदस्य राजेश राठौड़ को प्रत्याशी के रूप में खड़ा करेगी.

इससे पहले कांग्रेस ने दो प्रत्याशियों को चुनाव मैदान में उतारने की घोषणा की थी लेकिन अब वह एक उम्मीदवार पर सहमत हो गई है जिसके बाद ठाकरे का विधान परिषद में जाने का रास्ता साफ हो गया है.

विधान परिषद के वर्तमान सदस्यों का कार्यकाल 24 अप्रैल को समाप्त होने के बाद नौ सीटें खाली हो गई थीं. सत्ताधारी गठबंधन महा विकास आघाडी ने अब तक राठौड़ समेत पांच उम्मीदवारों के नाम की घोषणा की है.

विपक्षी दल भाजपा ने शुक्रवार को अपने चार उम्मीदवारों के नाम की घोषणा की थी. ठाकरे राज्य विधायिका के किसी भी सदन के सदस्य नहीं हैं. शिवसेना ने ठाकरे के अतिरिक्त विधान परिषद की वर्तमान उपाध्यक्ष नीलम गोर्हे को प्रत्याशी बनाया है.

राकांपा की ओर से शशिकांत शिंदे और अमोल मितकारी उम्मीदवार हैं. भाजपा की ओर से रंजीत सिंह मोहिते पाटिल, गोपीचंद पडलकर, प्रवीण दटके और अजित गोपछाड़े उम्मीदवार हैं.

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औरंगाबाद की घटना पर आहत हूं, मुंबई में सेना लाने की बात अफवाह - महाराष्ट्र मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे

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मुंबई: महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने आज राज्य को संबोधित करते हुए औरंगाबाद की घटना पर दुख जताया है. उन्होंने कहा कि मजूदरों की मौत से मैं बहुत आहत हूं. मैं मजदूरों को आश्वासन देता हूं कि सरकार उनके साथ है. हम बस और ट्रेन की व्यवस्था कर रहे हैं. उनके रहने और खाने की भी हम व्यवस्था कर रहे हैं. मजदूरों को परेशान होने की जरूरत नहीं है. वे पैदल अपने राज्यों की लिए नहीं निकलें. उद्धव ठाकरे ने कहा कि 2-3 दिन से मुंबई को लेकर कई तरह की अफवाह चल रही है. मुंबई में सेना लाने की बात अफवाह है. मुंबई में दुकानें बंद होने की बात भी अफवाह है.

शुक्रवार सुबह महाराष्ट्र के औरंगाबाद से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई. यहां ट्रेन की पटरी पर सोए प्रवासी मजदूरों को एक ट्रेन ने रौंद दिया. औरंगाबाद के जालना रेलवे लाइन के पास ये हादसा हुआ, जिसमें 14 मजदूरों की मौत हो गई. ये हादसा औरंगाबाद-जालना रेलवे लाइन पर शुक्रवार सुबह 6.30 बजे के करीब हुआ है. ये सभी प्रवासी मजदूर अपने घर छत्तीसगढ़ पैदल जा रहे थे.

"पुलिसवालों को चाहिए आराम"

मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने कहा कि पुलिसवाले थक चुके हैं. वे तनाव में रह रहे हैं. उनमें से कुछ ने अपना जीवन लगा दिया है. वे भी एक इंसान हैं. सीएम ने कहा कि हम उन्हें आराम देना चाहते हैं और हमने अतिरिक्त बलों के लिए केंद्र से अनुरोध किया है. लोगों को यह सोचकर घबराना नहीं चाहिए कि हम सेना बुला रहे हैं.

मुख्यमंत्री ने कहा कि कल मैंने पार्टी के सभी नेताओं के साथ बैठक की. मुझे खुशी हुई कि वे सुझाव के साथ आए. औरंगाबाद की घटना के कारण मैं आज थोड़ा परेशान हूं. सीएम ने आगे कहा कि हमने प्रवासी मजदूरों से अपील की है कि उन्हें राज्य छोड़ने की आवश्यकता नहीं है. हमने आवश्यक इंतजाम किए हैं, जैसे कि भोजन और रहना. हम अन्य राज्यों के साथ भी संपर्क में हैं और हमने ट्रेनें भी शुरू की हैं.

"अफवाहों का शिकार न हों"
उद्धव ठाकरे ने कहा कि औरंगाबाद में जो कुछ भी हुआ वह दुर्भाग्यपूर्ण है. मजदूरों ने घर जाने के लिए रेल मार्ग लिया. किसी ने उन्हें भुसावल जाने को कहा और वे आराम करने के लिए पटरियों पर लेट गए और दुर्भाग्यपूर्ण घटना हुई. जो कुछ हुआ उसकी वजह से मैं स्तब्ध हूं. महाराष्ट्र के सीएम ने कहा कि पिछले 2 दिनों से एक अफवाह का दौर चल रहा है. सेना को मुंबई में बुलाया जाएगा. यहां सेना की कोई आवश्यकता नहीं है. इस लड़ाई में हम सभी सैनिक हैं. लोग अफवाह का शिकार न हों.

 

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महाराष्ट्र: चाहे जितनी सख्ती बरतनी पड़े, 31 मई तक पूरा राज्य कोरोनामुक्त होना चाहिए - मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे

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मुंबई: महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने राज्य में तेजी से फ़ैल रहे कोरोना संक्रमण पर सख्त रूख कायम कर लिया है। उन्होंने सोमवार को सभी जिलों के अफसरों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग की और उन्हें हर हाल में 31 मार्च तक राज्य को कोरोना मुक्त करने का निर्देश दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि हर अफसर को अपना इलाका ग्रीन जोन में लाना होगा, भले चाहे इसके लिए कितनी भी सख्ती क्यों न करनी पड़े। उन्होंने कहा कि कलेक्टर स्थानीय स्तर पर हर जरूरी फैसला ले सकते हैं, लेकिन कोरोना को नियंत्रित करने में कोई लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

राज्य में सोमवार को कोरोनावायरस संक्रमण के 771 नए मामले आए। इसके बाद कुल संक्रमित मरीजों का आंकड़ा 14 हजार 541 पहुंच गया। राज्य के स्वास्थ्य विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि पिछले 24 घंटे में वायरस से 35 और लोगों की मौत हो गई। राज्य में संक्रमण से मरने वालों की संख्या 583 पहुंच गई। अब तक 2465 लोग स्वस्थ हो चुके हैं। आर्थिक राजधानी मुंबई की बात करें तो यहां संक्रमितों की संख्या 9123 हो गई है।  सोमवार को शहर में 18 संक्रमितों को जान गंवानी पड़ी।

अस्पतालों में बिस्तरों की संख्या बढ़ाई जा रही

कोरोना के गंभीर मरीजों की लगातार बढ़ती संख्या देखते हुए बृहन्मंबई म्यूनिसिपल कॉर्पोरेशन (बीएमसी) ने अस्पतालों में बिस्तरों की संख्या बढ़ाने का फैसला लिया है। स्वास्थ्य विभाग अलग-अलग अस्पतालों में बिस्तरों की संख्या 3 हजार से बढ़ाकर 4 हजार 750 करने की योजना पर काम कर रहा है। इसके तहत केईएम, नायर, सेंट जॉर्ज और सेवन हिल्स अस्पताल में बिस्तरों की संख्या बढ़ाई जाएगी।

बीएमसी ने शुरू की बुजुर्गों की जांच
कोरोना की चपेट में बड़ी संख्या में बुजुर्गों के आने के बाद बीएमसी ने घर-घर जाकर वरिष्ठ नागरिकों की जांच करनी शुरू की है। स्वास्थ्य कर्मियों ने अब तक झुग्गी बस्तियों में 3 लाख 43 हजार 717 घरों में पहुंचकर 42 हजार 752 बुजुर्गों की जांच की।

जेजे मार्ग पुलिस स्टेशन में 12 पुलिसकर्मी कोरोना संक्रमित 

मुंबई के जोन 1 स्थित जेजे मार्ग पुलिस स्टेशन में कार्यरत 6 पुलिस अधिकारी और 6 सिपाही भी कोरोना की चपेट में आ गए। इसके अलावा 6 अधिकारियों और 48 कर्मचारियों को क्वारैंटाइन किया गया है। अभी तक मुंबई पुलिस के 211 पुलिसकर्मी कोरोना से संक्रमित हुए हैं। ताजा जानकारी के मुताबिक, डीसीपी रैंक के एक अधिकारी भी संक्रमण का शिकार हो गए हैं।

 

 

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महाराष्ट्र के कुछ इलाकों में तीन मई के बाद लॉकडाउन से मिलेगी छूट - CM उद्धव ठाकरे

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महाराष्ट्र की स्थापना के आज 60 साल पूरे हो गए हैं। "महाराष्ट्र दिन" के नाम से हर साल इस मौके पर जश्न मनाया जाता है। हालांकि, इस बार कोरोना वायरस के कारण जारी लॉकडाउन के चलते सबकुछ फीका है। इस मौके पर राज्य के लोगों को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने कहा कि यह मुश्किल वक्त है लेकिन यह भी गुजर जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि कोरोना की गति को तोड़ने के लिए हमें नियमों का पालन करना होगा और धीरे-धीरे सहूलियत दी जाएगी।

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने शुक्रवार को कहा कि वह कुछ इलाकों में तीन मई के बाद लॉकडाउन से छूट देंगे। उन्होंने कहा कि वह आने वाले समय में सावधानी से आगे बढ़ेंगे।


मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने कहा, "तीन मई के बाद निश्चित रूप से हम कुछ इलाकों की स्थिति को देखते हुए छूट देंगे, लेकिन आप सभी सतर्क रहें और सहयोग करें, अन्यथा पिछले कुछ दिनों में हमने जो कुछ भी हासिल किया है वह बेकार हो जाएगा।" ठाकरे ने कहा कि हम धैर्य और सावधानी के साथ आगे बढ़ेंगे।

महाराष्ट्र में कोरोना वायरस के सबसे अधिक मामले हैं। कोरोना पॉजिटिव मरीजों की संख्या दस हजार के पार पहुंच चुकी है। ताजा आंकड़ों के अनुसार, राज्य में अब तक 10,498 मरीज मिल चुके हैं। वहीं, इसमें से 1773 लोग ठीक हुए हैं। इसके अलावा 459 लोगों की मौत हुई है।

वहीं, लॉकडाउन के दौरान महाराष्ट्र पुलिस ने आदेश को सख्ती से लागू करते हुए राज्य भर में लॉकडाउन का उल्लंघन करने 85,500 से अधिक लोगों के खिलाफ मामले दर्ज किए और अभी तक 16,962 लोगों को गिरफ्तार किया है। एक अधिकारी ने बृहस्पतिवार को बताया कि मार्च से कोविड-19 से लड़ते और लॉकडाउन को लागू करते हुए पुलिस ने निषेधाज्ञा आदेश का उल्लंघन करने वाले 85,586 लोगों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 188 के तहत मामले दर्ज किए। उन्होंने बताया कि लॉकडाउन संबंधी नियमों का उल्लंघन करने पर 16,962 लोगों को गिरफ्तार भी किया गया।
     
उन्होंने बताया कि इस अवधि के दौरान कम से कम 161 पुलिसकर्मी कोरोना वायरस से संक्रमित पाए गए। इनमें से 21 अधिकारी हैं। अधिकारी ने बताया कि राज्य में पुलिस पर हमले के कम से कम 167 मामले दर्ज किए गए जिनमें अभी तक 580 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है।

75 से 80 फीसदी लोगों में कोरोना के कोई लक्षण नहीं
हमने कई जगहों पर कंटेनमेंट जोन बनाया, जगहों को सील किया और शुरुआत में कुछ लोगों को हुए इस कोरोना के कारण भी यह फैला था लेकिन अब हालात ठीक हो रहे हैं। जितने मरीजों की संख्या हमारे पास हैं, उनमें से 75 से 80 फीसदी लोगों में लगभग कोई लक्षण नहीं है। फिर भी उन्हें हमने आइसोलेशन में रखा है ताकि मामले ना बढ़ें। अब हम घरों में जाकर लोगों की जांच कर रहे हैं और करीब 2 लाख लोगों की जांच राज्य में की गई है, जिससे समझ आता है कि शरीर में ऑक्सीजन कितनी है। अगर कोई पहले से बीमार है तो उस पर कैसा असर होगा वह पता लगाकर भी उनकी जांच की जा रही है।

अब सवाल यह कि 3 तारीख के बाद क्या?
यह सच है कि इसका आर्थिक स्थिति पर असर पड़ा है लेकिन राज्य और देश की पहली प्राथमिकता लोग होते हैं, लोगों को बचाने के बाद आर्थिक हालात का ख्याल रखा जा सकता है। 3 तारीख के बाद जो तीन जोन हैं- रेड जोन, ऑरेंज और ग्रीन जोन। रेड में मुंबई, ठाणे ,कल्याण, डोम्बिवली, पुणे, नागपुर के इलाके शामिल हैं, जिनमें कई परेशानी है। ऑरेंज जोन में अब मामले नहीं आ रहे हैं और जो दूसरी जगहें हैं, वहां ओर धीरे-धीरे हालात बेहतर हो रहे हैं। ग्रीन जोन में सबकुछ शुरू करने की बात पहले की थी।

हमने इससे पहले ही कहा था कि जो परप्रांतीय मजदूर हैं, उन्हें वापस भेजने के लिए भी तैयारी की जा रही है। राज्य के अंदर भी लोग कई दूसरी जगह फंसे हैं, सबको वापस लाया जाएगा लेकिन एक साथ नहीं, प्राथमिकता के आधार पर किया जाएगा। 3 तारीख के बाद अभी जितना बंधन है, उतना बंधन नहीं होगा, कुछ सुधार होगा लेकिन लोगों को भी ख्याल रखने की जरूरत है। एकसाथ सब शुरू कर इसे खराब नहीं करना है। धीरे-धीरे इसे किया जाएगा।

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